बीमार पशुओं के 'एक्स-रे' के लिए पहली मशीन जगदलपुर में स्थापित
पचास किलोग्राम वजन तक के बीमार पशुओं का हो सकेगा एक्स-रे
रायपुर, 07 जनवरी 2010
बीमार और दुर्घटनाओं में घायल और बीमार पशुओं में रोगों की पहचान और जांच के लिए बस्तर जिले में पशु चिकित्सा विभाग के कक्ष में एक्स-रे मशीन स्थापित कर दी गई है। दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय के प्रशिक्षण विभाग में स्थापित एक्स-रे मशीन के बाद यह पशुओं के एक्स-रे के लिए किसी क्षेत्रीय पशु चिकित्सालय में स्थापित प्रदेश की पहली एक्स-रे मशीन है। इस एक्स-रे मशीन से कुत्ते, बिल्ली, बकरे सहित 50 किलोग्राम अधिकतम वजन के छोटे गाय-बैल और बछड़ों का एक्स-रे किया जा रहा है। अब तक इस मशीन से पन्द्रह से अधिक बीमार और दुर्घटनाओं में घायल पशुओं का एक्स-रे सफलता पूर्वक किया जा चुका है। यह मशीन पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष के तहत जिला पंचायत बस्तर द्वारा स्वीकृत साढ़े चार लाख रूपए की लागत से स्थापित की गई है।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि विभिन्न सड़क दुर्घटना और अन्य घटनाआें से पशुओ की हड्डियां टूटने के साथ-साथ निमोनिया और अन्य संक्रामक रोगों की जांच इस एक्स-रे मशीन से आसान हो गई है। पशु पालकों को इस मशीन की जानकारी होने से यहां पशुओं का एक्स-रे कराने के लिए संख्या लगातार बढ़ रही हैं। इस मशीन से लिए गए एक्स-रे द्वारा जानवरों के आंतरिक अंगों में बीमारियों के लक्षण जल्द ही पहचान में आ जाते हैं। इस मशीन से पशुओं द्वारा खाई गई वस्तुओं जैसे पॉलीथीन, हड्डियां आदि की जानकारी भी मिल जाती हैं। विभाग द्वारा इस मशीन से पशुओं का एक्स-रे कराने के लिए प्रति पशु पचास रूपए शुल्क निर्धारित किया गया है। पशु चिकित्सकों ने इस एक्स-रे मशीन की स्थापना पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए आशा व्यक्त की है कि यह पशुओं से मनुष्याें में फैलने वाले घातक और संक्रामक रोगों की पहले चरण्ा में ही पहचान करने में सहायक होगी। ऐसे रोगों की जल्द पहचान हो जाने से उन्हें मनुष्यों में फैलने से रोका जा सकेगा।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि विभिन्न सड़क दुर्घटना और अन्य घटनाआें से पशुओ की हड्डियां टूटने के साथ-साथ निमोनिया और अन्य संक्रामक रोगों की जांच इस एक्स-रे मशीन से आसान हो गई है। पशु पालकों को इस मशीन की जानकारी होने से यहां पशुओं का एक्स-रे कराने के लिए संख्या लगातार बढ़ रही हैं। इस मशीन से लिए गए एक्स-रे द्वारा जानवरों के आंतरिक अंगों में बीमारियों के लक्षण जल्द ही पहचान में आ जाते हैं। इस मशीन से पशुओं द्वारा खाई गई वस्तुओं जैसे पॉलीथीन, हड्डियां आदि की जानकारी भी मिल जाती हैं। विभाग द्वारा इस मशीन से पशुओं का एक्स-रे कराने के लिए प्रति पशु पचास रूपए शुल्क निर्धारित किया गया है। पशु चिकित्सकों ने इस एक्स-रे मशीन की स्थापना पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए आशा व्यक्त की है कि यह पशुओं से मनुष्याें में फैलने वाले घातक और संक्रामक रोगों की पहले चरण्ा में ही पहचान करने में सहायक होगी। ऐसे रोगों की जल्द पहचान हो जाने से उन्हें मनुष्यों में फैलने से रोका जा सकेगा।
नागेश
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