डेयरी उद्यमिता विकास योजना : डेयरी स्थापना हेतु किसानों को मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान
रायपुर, 21 अप्रैल, 2011
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में दुध के उत्पादन को बढ़ाने तथा किसानों को आर्थिक रूप से सृदृढ़ करने के लिए डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए राज्य शासन के पशुधन विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में एक नई योजना डेयरी उद्यमिता विकास योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को डेयरी की स्थापना के लिए लगभग 50 प्रतिशत तक अनुदान सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश को दुध उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने चालू वित्तीय वर्ष से विभाग द्वारा डेयरी उद्यमिता विकास योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना के तहत किसानों, उद्यमियों, गैर सरकारी संस्थाओं के साथ ही संगठित व असंगठित क्षेत्र में कार्य कर रहे समूहों को डेयरी की स्थापना के लिए लागत का 40 प्रतिशत अनुदान सहायता उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 48.3 प्रतिशत अनुदान सहायता का प्रावधान किया गया है। इसमें 15 प्रतिशत अनुदान सहायता राज्य सरकार द्वारा तथा शेष राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा प्रदान की जाएगी। डेयरी स्थापना की अधिकतम लागत पांच लाख रूपए निर्धारित की गयी है। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत डेयरी स्थापना जिसमें संकर पशु या देशी दुधारू नस्लें जैसे साहीवाल, रेड सिंधी, गिर, राठी आदि गाय अथवा उन्नत नस्ल की भैंस रखी जा सकती है। डेयरी स्थापना के लिए पशुओं की अधिकतम सीमा दस है जबकि न्यूनतम दो पशु रखे जा सकते है।

