सुअर पालन के लिए मिलेगी 30 हजार रूपए की मदद
रायपुर 26 अप्रैल 2011
किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में राज्य शासन द्वारा सुअर पालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। पशुधन विकास विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में सुअर विकास योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना के तहत किसानों और स्व-सहायता समूहों को सुअर पालन के लिए तीस हजार चार सौ रूपए की अनुदान सहायता दी जाएगी।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के किसानों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्हें सुअर पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से वित्तीय वर्ष 2011-12 में सुअर विकास योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना के तहत किसानों, स्व-सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों और सहकारिता समूहों को सुअर पालन और फैटनिंग इकाई की स्थापना के लिए लागत का 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें राज्य सरकार द्वारा 15 प्रतिशत अनुदान और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक द्वारा शेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। सुअर पालन और फैटनिंग इकाई की स्थापना की लागत 76 हजार रूपए है, जिसमें तीन मादा और एक नर सुअर होंगे।

