किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला-अनाज और तिलहन के बीजों की कीमतों में भारी कमी
आगामी खरीफ में सस्ती दरों पर मिलेंगे प्रमाणित बीज
रायपुर 01 अप्रैल 2010
राज्य सरकार के कृषि विभाग ने छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लेकर महंगाई के इस दौर में भी अनाज और तिलहनी फसलों के प्रमाणित बीजों की कीमतों में तीन प्रतिशत से लेकर चौबीस प्रतिशत तक कमी करने की घोषणा की है, जो छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के माध्यम से इस वर्ष आगामी खरीफ के दौरान वितरित किए जाने वाले बीजों पर लागू होगी। निगम द्वारा ये बीज अपने प्रक्षेत्रों और प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। राज्य शासन द्वारा कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को आगामी बारह अप्रैल से शुरू होने वाले प्रदेशव्यापी ग्राम सुराज अभियान के दौरान इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में भी गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में किसानों को सस्ती दरों पर कृषि ऋण और सिंचाई पम्पों के लिए छह हजार यूनिट तक नि:शुल्क बिजली दी जा रही है। इसी कड़ी में प्रमाणित बीजों की प्रचलित दरों को सुधारते हुए उनकी कीमतों में कमी की गयी है। श्री साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस फैसले से जहां छत्तीसगढ़ के किसानों को महंगाई के इस दौर में खेती की बढ़ती लागत से काफी राहत मिलेगी, वहीं राज्य में अनाज और तिलहन की पैदावार भी बढ़ेगी। विशेष रूप से लाखों लघु और सीमांत किसानो को इसका लाभ मिलेगा। श्री साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज और कृषि विकास निगम के प्रमाणित बीजों की वर्तमान प्रचलित दर और निगम द्वारा आगामी खरीफ 2010 के लिए निर्धारित दरों के अनुसार पतले धान के बीजों की कीमत प्रति क्विंटल बारह सौ रूपए से घटाकर एक हजार 160 रूपए की गयी है। इस प्रकार इसकी कीमत में लगभग 3.33 प्रतिशत कमी होगी।
कृषि मंत्री ने बताया कि आगामी खरीफ के लिए मोटे धान के प्रमाणित बीज की कीमत प्रति क्विंटल 1150 रूपए से घटाकर 1090 रूपए की गयी है, जो वर्तमान प्रचलित मूल्य से 5.22 प्रतिशत कम होगी। मक्का के प्रमाणित बीजों की वर्तमान कीमत प्रति क्विंटल 1500 रूपए है। इसमें 20.67 प्रतिशत की कमी करते हुए आगामी खरीफ के लिए इसकी कीमत 1190 रूपए प्रति क्विंटल तय की गयी है। कोदो के प्रमाणित बीजों की वर्तमान प्रचलित कीमत प्रति क्विंटल दो हजार रूपए है। इसमें 15 प्रतिशत कमी करते हुए खरीफ 2010 के लिए इसका मूल्य प्रति क्विंटल 1700 रूपए निर्धारित किया गया है। सोयाबीन के प्रमाणित बीजों की मौजूदा प्रचलित दर प्रति क्विंटल 2500 रूपए है, जिसमें आठ प्रतिशत कमी करने का निर्णय लिया गया है। अब आगामी खरीफ में सोयाबीन के प्रमाणित बीज किसानों को प्रति क्विंटल 2300 रूपए दर से प्राप्त होंगे। मूंगफली के प्रमाणित बीजों की वर्तमान में प्रचलित 4060 रूपए प्रति क्विंटल की दर को संशोधित कर उसमें 26.11 प्रतिशत की कमी की गयी है। अब अगले खरीफ मौसम में मूंगफली के प्रमाणित बीज किसानों को प्रति क्विंटल तीन हजार रूपए में प्राप्त होंगे। श्री साहू ने बताया कि तिल के प्रमाणित बीजों की प्रचलित दर दस हजार रूपए प्रति क्विंटल है, जिसमें 34.20 प्रतिशत की कमी करते हुए आगामी खरीफ दौरान यह बीज किसानों को प्रति क्विंटल 6580 रूपए की दर से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। रामतिल के बीज की वर्तमान में प्रचलित दर प्रति क्विंटल 4400 रूपए है, जिसे 0.91 प्रतिशत कम करते हुए आगामी खरीफ के लिए इसकी कीमत प्रति क्विंटल 4360 रूपए निर्धारित की गयी है। कृषि मंत्री श्री साहू ने यह भी बताया कि पिछले साल दलहन की कीमतों में अप्रत्याशित वृध्दि होने के कारण आयातित दहलन बीजों की कीमतों में भी 45 प्रतिशत वृध्दि हुई है। इसके फलस्वरूप आगामी खरीफ के लिए अरहर, उड़द और मूंग के प्रमाणित बीजों के कीमतों में कमी करना संभव नहीं हो पा रहा है। बीज निगम द्वारा आगामी खरीफ में अरहर के प्रमाणित बीज 4550 रूपए, उड़द के बीज 4920 रूपए और मूंग के प्रमाणित बीज 5560 रूपए प्रति क्विंटल की दर से वितरित किए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2006 में किसानों के लिए प्रमाणित बीज उत्पादन एवं वितरण की एक महत्वपूर्ण योजना लागू की गयी थी, जिसके अन्तर्गत राज्य आयोजना के मद से किसानों को अनुदान दिया गया है। इस योजना के उत्साहजनक नतीजे प्राप्त हुए हैं। पिछले तीन वर्ष में प्रमाणित बीजों के उत्पादन में 616 प्रतिशत और वितरण में 250 प्रतिशत की वृध्दि हुई है। अनाज के बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ आत्म निर्भर हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में दलहनी फसलों के बीज उत्पादन के लिए भी एक व्यापक कार्ययोजना शुरू की जाएगी।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में किसानों को सस्ती दरों पर कृषि ऋण और सिंचाई पम्पों के लिए छह हजार यूनिट तक नि:शुल्क बिजली दी जा रही है। इसी कड़ी में प्रमाणित बीजों की प्रचलित दरों को सुधारते हुए उनकी कीमतों में कमी की गयी है। श्री साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस फैसले से जहां छत्तीसगढ़ के किसानों को महंगाई के इस दौर में खेती की बढ़ती लागत से काफी राहत मिलेगी, वहीं राज्य में अनाज और तिलहन की पैदावार भी बढ़ेगी। विशेष रूप से लाखों लघु और सीमांत किसानो को इसका लाभ मिलेगा। श्री साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज और कृषि विकास निगम के प्रमाणित बीजों की वर्तमान प्रचलित दर और निगम द्वारा आगामी खरीफ 2010 के लिए निर्धारित दरों के अनुसार पतले धान के बीजों की कीमत प्रति क्विंटल बारह सौ रूपए से घटाकर एक हजार 160 रूपए की गयी है। इस प्रकार इसकी कीमत में लगभग 3.33 प्रतिशत कमी होगी।
कृषि मंत्री ने बताया कि आगामी खरीफ के लिए मोटे धान के प्रमाणित बीज की कीमत प्रति क्विंटल 1150 रूपए से घटाकर 1090 रूपए की गयी है, जो वर्तमान प्रचलित मूल्य से 5.22 प्रतिशत कम होगी। मक्का के प्रमाणित बीजों की वर्तमान कीमत प्रति क्विंटल 1500 रूपए है। इसमें 20.67 प्रतिशत की कमी करते हुए आगामी खरीफ के लिए इसकी कीमत 1190 रूपए प्रति क्विंटल तय की गयी है। कोदो के प्रमाणित बीजों की वर्तमान प्रचलित कीमत प्रति क्विंटल दो हजार रूपए है। इसमें 15 प्रतिशत कमी करते हुए खरीफ 2010 के लिए इसका मूल्य प्रति क्विंटल 1700 रूपए निर्धारित किया गया है। सोयाबीन के प्रमाणित बीजों की मौजूदा प्रचलित दर प्रति क्विंटल 2500 रूपए है, जिसमें आठ प्रतिशत कमी करने का निर्णय लिया गया है। अब आगामी खरीफ में सोयाबीन के प्रमाणित बीज किसानों को प्रति क्विंटल 2300 रूपए दर से प्राप्त होंगे। मूंगफली के प्रमाणित बीजों की वर्तमान में प्रचलित 4060 रूपए प्रति क्विंटल की दर को संशोधित कर उसमें 26.11 प्रतिशत की कमी की गयी है। अब अगले खरीफ मौसम में मूंगफली के प्रमाणित बीज किसानों को प्रति क्विंटल तीन हजार रूपए में प्राप्त होंगे। श्री साहू ने बताया कि तिल के प्रमाणित बीजों की प्रचलित दर दस हजार रूपए प्रति क्विंटल है, जिसमें 34.20 प्रतिशत की कमी करते हुए आगामी खरीफ दौरान यह बीज किसानों को प्रति क्विंटल 6580 रूपए की दर से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। रामतिल के बीज की वर्तमान में प्रचलित दर प्रति क्विंटल 4400 रूपए है, जिसे 0.91 प्रतिशत कम करते हुए आगामी खरीफ के लिए इसकी कीमत प्रति क्विंटल 4360 रूपए निर्धारित की गयी है। कृषि मंत्री श्री साहू ने यह भी बताया कि पिछले साल दलहन की कीमतों में अप्रत्याशित वृध्दि होने के कारण आयातित दहलन बीजों की कीमतों में भी 45 प्रतिशत वृध्दि हुई है। इसके फलस्वरूप आगामी खरीफ के लिए अरहर, उड़द और मूंग के प्रमाणित बीजों के कीमतों में कमी करना संभव नहीं हो पा रहा है। बीज निगम द्वारा आगामी खरीफ में अरहर के प्रमाणित बीज 4550 रूपए, उड़द के बीज 4920 रूपए और मूंग के प्रमाणित बीज 5560 रूपए प्रति क्विंटल की दर से वितरित किए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2006 में किसानों के लिए प्रमाणित बीज उत्पादन एवं वितरण की एक महत्वपूर्ण योजना लागू की गयी थी, जिसके अन्तर्गत राज्य आयोजना के मद से किसानों को अनुदान दिया गया है। इस योजना के उत्साहजनक नतीजे प्राप्त हुए हैं। पिछले तीन वर्ष में प्रमाणित बीजों के उत्पादन में 616 प्रतिशत और वितरण में 250 प्रतिशत की वृध्दि हुई है। अनाज के बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ आत्म निर्भर हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में दलहनी फसलों के बीज उत्पादन के लिए भी एक व्यापक कार्ययोजना शुरू की जाएगी।
क्रमांक- 016/स्वराज्य

