ग्राम सुराज अभियान के साथ होगा कृषि पखवाड़े का आयोजन
कृषि आदानों के वितरण के साथ किसानों की समस्याओं का मौके पर होगा निराकरण्
किसान-मेलों और किसान रथों से मिलेगी खेती के लिए हर तरह की मदद
रायपुर, 07 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ में आगामी 19 अप्रैल से 23 अप्रैल तक और 25 अप्रैल से 29 अप्रैल तक दो चरणों में चलने वाले ग्राम सुराज अभियान के साथ ही कृषि पखवाड़े का भी आयोजन किया जाएगा। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए इस दौरान खरीफ फसलों की खेती के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप इस वर्ष भी ग्राम सुराज अभियान खेती-किसानी के विकास और किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से अधिक से अधिक लाभान्वित करने पर केन्द्रित होगा। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू के मार्गदर्शन में कृषि और उससे संबंधित विभागों द्वारा इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गयी है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने ग्राम सुराज अभियान के दौरान आयोजित होने वाले कृषि पखवाड़े के संबंध में आज यहां बताया कि बस्तर लोकसभा क्षेत्र के चार जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में ग्राम सुराज अभियान के दौरान हाट बाजारों में किसान-मेलों के आयोजन के साथ ही चलित किसान रथों के माध्यम से किसानों को खेती-किसानी के उन्नत तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। इस दौरान किसानों को जहां प्रमाणित बीजों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा वहीं मौके पर ही कृषि आदानों के वितरण के साथ ही यांत्रिकीकरण, नलकूप खनन, कुआं बनाने और सिंचाई पम्प के लिए किसानों से आवेदन लेकर प्रकरण तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान गांवों की भूमि की किस्मों, सिंचाई की सुविधा और वहां उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों द्वारा खरीफ फसल कार्यक्रम का निर्धारण किया जाएगा। किसान रथ के माध्यम से किसानों से खेतों की मिट्टी के नमूने लेकर मौके पर ही जांच की जाएगी और उन्हें भू-स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जाएगा। फसलों को बीजजनित रोगों से बचाने के लिए किसान रथ से ही किसानों को बीजोपचार विधि का प्रदर्शन करके उन्हें जरूरी सलाह भी दी जाएगी। किसान मेला और किसान रथ के माध्यम से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, आत्मा और अन्य विभागीय योजनाओं के तहत नि:शुल्क बीज मिनीकिट तथा जिप्सम और जिंक सल्फेट का वितरण भी किया जाएगा। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा कृषि के विकास में अवरोधक कारको की पहचान कर उनके निराकरण के लिए किसानों को आवश्यक सुझाव और उनकी शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा।
श्री साहू ने बताया कि कृषि पखवाड़े के दौरान उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को सब्जी बीज के मिनीकिट का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा साथ ही स्थल पर बीजोपचार का प्रदर्शन किया जाएगा। पशुधन विकास विभाग द्वारा पशुओं का आवश्यक टीकाकरण करने के साथ ही पशुओं को कृमियों के कारण होने वाली बीमारी से बचाने के लिए दवाई देकर उन्हें कृमि मुक्त किया जाएगा। विभाग द्वारा व्यक्ति मूलक योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कट, नर सूकर, सूकरत्रयी और नरबकरा वितरण के लिए पात्र हितग्राहियों का चयन भी किया जाएगा।
श्री साहू ने बताया कि मछलीपालन विभाग द्वारा ग्राम सुराज अभियान के दौरान ग्रामीण तालाबों और जलाशयों को लीज पर देने के लिए हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। तालाबों और जलाशयों में मछली बीज संचयन के लिए मछली पालकों से भी मांग पत्र लिए जाएंगे। मछली पकड़ने के लिए किसानों को नाव और जाल का वितरण किया जाएगा। अभियान के दौरान मछली पालक हितग्राहियों को दुर्घटना बीमा योजना के तहत प्रमाण-पत्र का वितरण्ा किया जाएगा साथ ही नये हितग्राहियों का बीमा कराने के लिए आवेदन लिए जाएंगे। ग्राम सुराज अभियान के दौरान मछलीपालन के लिए नवीन तालाबों के निर्माण के लिए भी हितग्राहियों से आवेदन लिए जाएंगे। कृषि मंत्री श्री साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्राम सुराज अभियान और कृषि पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए कृषि और उससे संबंधित विभागों के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों के दलों का गठन किया जाएगा। इन दलों में कृषि, पशुधन विकास, मछलीपालन, सहकारिता, विपणन संघ के केन्द्रों के प्रभारियों सहित कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे। ग्राम सुराज अभियान और खरीफ कृषि पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए कृषि विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से सभी विभाग प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए है। श्री साहू ने ग्राम सुराज अभियान और कृषि पखवाड़े के दौरान शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील किसानों और ग्रामीणों से की है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने ग्राम सुराज अभियान के दौरान आयोजित होने वाले कृषि पखवाड़े के संबंध में आज यहां बताया कि बस्तर लोकसभा क्षेत्र के चार जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में ग्राम सुराज अभियान के दौरान हाट बाजारों में किसान-मेलों के आयोजन के साथ ही चलित किसान रथों के माध्यम से किसानों को खेती-किसानी के उन्नत तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। इस दौरान किसानों को जहां प्रमाणित बीजों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा वहीं मौके पर ही कृषि आदानों के वितरण के साथ ही यांत्रिकीकरण, नलकूप खनन, कुआं बनाने और सिंचाई पम्प के लिए किसानों से आवेदन लेकर प्रकरण तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान गांवों की भूमि की किस्मों, सिंचाई की सुविधा और वहां उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों द्वारा खरीफ फसल कार्यक्रम का निर्धारण किया जाएगा। किसान रथ के माध्यम से किसानों से खेतों की मिट्टी के नमूने लेकर मौके पर ही जांच की जाएगी और उन्हें भू-स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जाएगा। फसलों को बीजजनित रोगों से बचाने के लिए किसान रथ से ही किसानों को बीजोपचार विधि का प्रदर्शन करके उन्हें जरूरी सलाह भी दी जाएगी। किसान मेला और किसान रथ के माध्यम से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, आत्मा और अन्य विभागीय योजनाओं के तहत नि:शुल्क बीज मिनीकिट तथा जिप्सम और जिंक सल्फेट का वितरण भी किया जाएगा। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा कृषि के विकास में अवरोधक कारको की पहचान कर उनके निराकरण के लिए किसानों को आवश्यक सुझाव और उनकी शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा।
श्री साहू ने बताया कि कृषि पखवाड़े के दौरान उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को सब्जी बीज के मिनीकिट का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा साथ ही स्थल पर बीजोपचार का प्रदर्शन किया जाएगा। पशुधन विकास विभाग द्वारा पशुओं का आवश्यक टीकाकरण करने के साथ ही पशुओं को कृमियों के कारण होने वाली बीमारी से बचाने के लिए दवाई देकर उन्हें कृमि मुक्त किया जाएगा। विभाग द्वारा व्यक्ति मूलक योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कट, नर सूकर, सूकरत्रयी और नरबकरा वितरण के लिए पात्र हितग्राहियों का चयन भी किया जाएगा।
श्री साहू ने बताया कि मछलीपालन विभाग द्वारा ग्राम सुराज अभियान के दौरान ग्रामीण तालाबों और जलाशयों को लीज पर देने के लिए हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। तालाबों और जलाशयों में मछली बीज संचयन के लिए मछली पालकों से भी मांग पत्र लिए जाएंगे। मछली पकड़ने के लिए किसानों को नाव और जाल का वितरण किया जाएगा। अभियान के दौरान मछली पालक हितग्राहियों को दुर्घटना बीमा योजना के तहत प्रमाण-पत्र का वितरण्ा किया जाएगा साथ ही नये हितग्राहियों का बीमा कराने के लिए आवेदन लिए जाएंगे। ग्राम सुराज अभियान के दौरान मछलीपालन के लिए नवीन तालाबों के निर्माण के लिए भी हितग्राहियों से आवेदन लिए जाएंगे। कृषि मंत्री श्री साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्राम सुराज अभियान और कृषि पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए कृषि और उससे संबंधित विभागों के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों के दलों का गठन किया जाएगा। इन दलों में कृषि, पशुधन विकास, मछलीपालन, सहकारिता, विपणन संघ के केन्द्रों के प्रभारियों सहित कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे। ग्राम सुराज अभियान और खरीफ कृषि पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए कृषि विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से सभी विभाग प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए है। श्री साहू ने ग्राम सुराज अभियान और कृषि पखवाड़े के दौरान शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील किसानों और ग्रामीणों से की है।
क्रमांक-114/पवन

