राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना :चालू खरीफ में धान सहित सोयाबीन, अरहर, मक्का और मूंगफली की फसलों का होगा बीमा
लघु और सीमांत किसानों को बीमा प्रीमियम में दस प्रतिशत अनुदान
अऋणी किसानों के लिए बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई
रायपुर, 28 जून 2011
प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नष्ट होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत चालू खरीफ-2011 में धान असिंचित और धान सिंचित सहित सोयाबीन, अरहर, मक्का और मूंगफली की फसलों को बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है। यह योजना अऋणी किसानों के लिए ऐच्छिक और ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य है। इसमें ऋणी और अऋणी किसानों के साथ-साथ काश्तकार और बटाईदार किसान भी भाग ले सकते हैं। किसान ऋण राशि के अलावा निर्धारित उपज के
समर्थन मूल्य तक और उससे अधिक औसत उत्पादन में डेढ़ सौ प्रतिशत समर्थन मूल्य तक बीमा करवा सकते है। इसमें लघु और सीमांत किसानों को बीमा की प्रीमियम राशि में दस प्रतिशत अनुदान भी दिया जाएगा। अऋणी किसानों के लिए बीमा कराने की अंतिम तारीख बोआई के एक माह के भीतर अथवा आगामी 31 जुलाई जो भी पहले हो निर्धारित की गयी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं जैसे-सूखा, ओला, बाढ़, बिजली गिरने से आग लगने, फसलों में रोग और कीट प्रकोप, तुफान, चक्रवात, भू-स्खलन आदि होने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का संचालन किया जा रहा है। चालू खरीफ-2011 में असिंचित धान की फसल के लिए संपूर्ण राज्य को अधिसूचित किया गया है, वहीं सिंचित धान की फसल के लिए राज्य के 16 जिलों की 94 तहसीलों को अधिसूचित किया गया है। इसी तरह सोयाबीन की फसल के लिए चार जिलों की 16 तहसील, अरहर की फसल के लिए 9 जिलों की 35 तहसील और मक्का की फसल के लिए 12 जिलों की 59 तहसीलों को बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है। मूंगफली की फसल के लिए राज्य के छह जिलों की 19 तहसील के किसानों को बीमा का लाभ मिलेगा। बीमा का कवर एक अप्रैल 2011 से 30 सितंबर 2011 तक अधिसूचित फसलों हेतु लिए गए ऋण के लिए दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऋणी किसान ऋण राशि से अधिक राशि का बीमा करवाना चाहते है तो वे भी करवा सकते है। उन्हें इस बीमा के लिए अऋणी किसान माना जाएगा। इस योजना में ऐसे किसान जिनके पास दो हेक्टेयर या उससे कम जमीन है लघु कृषक और जिनके पास एक हेक्टेयर या उससे कम जमीन है सीमांत कृषक कहलाएंगे। कृषि बीमा कराने के लिए किसान अपने क्षेत्र के जिला सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक एवं व्यवसायिक बैंको से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि असिंचित धान के लिए संपर्ण राज्य को अधिसूचित किया गया हैं वहीं सिंचित धान की फसल के लिए 16 जिलों की 94 तहसीलों को अधिसूचित किया गया है। इनमें
रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुन्द, धमतरी, कबीरधाम, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले की सभी तहसीलों को अधिसूचित किया गया है। वहीं बस्तर (जगदलपुर) जिले की बस्तर तहसील, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले की कांकेर, चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर और पखांजुर तहसील, कोरबा जिले की करतला, पाली और कोरबा तहसील, सरगुजा जिले की अम्बिकापुर व लखनपुर तहसील, कोरिया जिले की बैकुंठपुर तहसील, रायगढ़ जिले की धरमजयगढ़, खरसिया, रायगढ़, पुसौर, सारंगढ़, बरमकेला, लैलूंगा और घरघोड़ा तहसील, जशपुर जिले की कुनकुरी और बगीचा तहसील तथा बीजापुर जिले की भोपालपट्टनम तहसील को अधिसूचित किया गया है।
राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत सोयाबीन की फसल के लिए दुर्ग जिले में धमधा, बेमेतरा, बेरला, साजा, नवागढ़ और थानखम्हरिया, राजनांदगांव जिले में राजनांदगांव, डोंगरगांव, खैरागढ़, छुईखदान व डोंगरगढ़, कबीरधाम जिले में बोड़ला, कवर्धा, पण्डरिया और सहसपुर लोहारा तथा बिलासपुर जिले में मुंगेली तहसील को अधिसूचित किया गया है। अरहर की फसल के लिए दुर्ग जिले में धमधा, बेमेतरा, साजा, बेरला व डोंडीलौहारा, राजनांदगांव जिले में छुरिया व छुईखदान, बिलासपुर जिले में मुंगेली, पथरिया और तखतपुर तथा कोरबा जिले में पोड़ी उपरोड़ा तहसील के किसान बीमा करा सकेंगे। इसी तरह सरगुजा जिले में सीतापुर, अम्बिकापुर, लखनपुर, ओड़गी, रामानुज नगर, प्रतापपुर, लुण्ड्रा, रामचन्द्रपुर, वाड्रफनगर, राजपुर व बलरामपुर, कोरिया जिले में बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ़, भरतपुर व खड़गवां, जशपुर जिले में पत्थलगांव, कांसाबेल व बगीचा तथा रायगढ़ जिले में धर्मजयगढ़ और लैलूंगा तहसील को अरहर फसल के लिए अधिसूचित किया गया है।
मक्का फसल के बीमा के लिए सरगुजा, बस्तर और कोरिया जिले की सभी तहसीलों सहित कवर्धा जिले की बोड़ला व पण्डरिया, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले की दुर्गकोंदल, पखांजुर व अंतागढ़, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले की दंतेवाड़ा, गीदम, कुआकोण्डा, कटेकल्याण, सुकमा और छिंदगढ़, बिलासपुर जिले की पेन्ड्रारोड, पेण्ड्रा, मरवाही और कोटा तथा कोरबा जिले की पाली और पोड़ी उपरोड़ा तहसील को अधिसूचित किया गया है। रायगढ़ जिले की धरमजयगढ़, जशपुर जिले की पत्थलगांव, बगीजा और मनोरा, नारायणपुर जिले की नारायणपुर और राजनांदगांव जिले की छुईखदान तहसील के किसानों को मक्का फसल का बीमा कवर का लाभ मिलेगा।
अधिकारियों ने बताया कि मूंगफली की फसल के लिए महासमुन्द जिले में बागबहारा, पिथौरा, बसना व सरायपाली, सरगुजा जिले में सीतापुर, सूरजपुर, भैयाथान व प्रतापपुर तथा रायगढ़ जिले में धर्मजयगढ़, सारंगढ़, बरमकेला और लैलुंगा तहसील अधिसूचित की गयी है। साथ ही जशपुर जिले में पत्थलगांव, बगीचा व कांसाबेल, जांजगीर-चांपा जिले में डभरा तथा बिलासपुर जिले में मुंगेली, पथरिया और मरवाही तहसील के किसान मूंगफली की फसल का बीमा करा सकेंगे।

