कृषि मंत्री श्री साहू से ब्रिटेन के पौधविज्ञान के प्रोफेसर टर्नर ने मुलाकात की
कृषि के विकास और छात्रों को कृषि की उच्च शिक्षा हेतु आपसी सहयोग पर हुई चर्चा

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री चंन्द्रशेखर साहू से आज यहां उनके निवास कार्यालय में ब्रिटेन के ईस्ट एंगलिया विश्वविद्यालय के पौध विज्ञान के प्रोफेसर श्री जॉन टर्नर ने सौजन्य मुलाकात की। कृषि मंत्री श्री चंन्द्रशेखर साहू ने कहा कि कृषि शिक्षा के क्षेत्र में आज काफी संभावनाएं है। भारत और ब्रिटेन में कृषि की शिक्षा और कृषि तकनीकों की अपनी अलग-अलग विशेषताएं है। इसका लाभ दोनों ही देशों के छात्रों और कृषि वैज्ञानिकों को मिल सके इस ओर राज्य सरकार सार्थक पहल करेगी। श्री साहू ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में कृषि के विकास हेतु की जा रही पहल और संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रोफेसर टर्नर को आगामी अगस्त माह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में व्याख्यान के लिए आमंत्रित भी किया।
प्रोफेसर जॉन टर्नर ने कृषि मंत्री को बताया कि स्थाई कृषि के विकास में ब्रिटेन और एशियाई संस्थानों के बीज आपसी सहयोग को बढ़ावा देने वे भारत और थाईलेण्ड के दौरे पर है। उन्होंने कृषि के क्षेत्र में लोगो को जरूरी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने तथा विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीज एक साझेदारी स्थापित करने ब्रिटेन में एक केन्द्र की स्थापना की है। श्री टर्नर ने कहा कि विश्व की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए भविष्य में भोजन की मांग को पूरा करने के लिए कृषि के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने आज सभी देशों में आपसी सहयोग जरूरी है। आपसी सहयोग से ही हम खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल को विकसित कर इस समस्या से निपट सकते है। उन्होंने कहा कि मेरी इस यात्रा का उद्देश्य भारत में कृषि और खाद्य के क्षेत्र में कार्यरत महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ आपसी सहयोग स्थापित करना है। उन्होंने यहां के कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को ब्रिटेन की कृषि तकनीकों और पध्दतियों के अध्ययन के लिए आमंत्रित भी किया साथ ही कहा कि ब्रिटेन के वैज्ञानिकों को भी छत्तीसगढ़ सहित भारत की अत्याधिक विकसित कृषि पध्दातियों और कीट प्रबंधन के बारे में काफी कुछ सीखने को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की आपसी सहयोग और शिक्षा के आदान-प्रदान से ही दुनिया की आबादी के लिए पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन की चुनौती का सामना हम कर सकेंगे। इस अवसर पर अब्राड यूनीवर्सिटी के प्रतिनिधि श्री बालुकेश्वर अग्रवाल तथा संचालक अनुसंधान सेवाएं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय श्री एस.के. पाटिल भी मौजूद थे।

