रबी फसलों के बीज उत्पादन का रकबा 50 प्रतिशत बढ़ा
साढ़े तेरह हजार हेक्टेयर में लिया जा रहा है बीज उत्पादन कार्यक्रम
रायपुर, 10 अप्रैल 2010
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को बीजों के लिए आत्मनिर्भर बनाने तथा समय पर उन्हें पर्याप्त मात्रा में उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने के लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत गत वर्ष की तुलना में चालू रबी मौसम में पचास प्रतिशत से ज्यादा रकबे में फसलें लगायी गयी है। उन्नत बीजो के उत्पादन के लिए रबी की विभिन्न फसलों को 13 हजार 558 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाया गया है। जबकि पिछले वर्ष बीज उत्पादन कार्यक्रम 8 हजार 892 हेक्टेयर में ही लिया गया था। चालू रबी मौसम में किसानों को उन्नत किस्म के शुद्व बीज उपलब्ध कराने के लिए चना, तिवड़ा, सरसों, अलसी, धान और गेहूं फसलों का बीजोत्पादन किया जा रहा है। इस मौसम में आधार बीज से प्रमाणित बीज बनाने के लिए बारह हजार 801 हेक्टेयर रकबे में और प्रजनक बीज से आधार बीज के लिए 757 हेक्टेयर रकबे में फसलें लगायी गयी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि उन्नत किस्म के बीज प्राप्त करने के लिए बारह हजार 884 हेक्टेयर रकबे में सीधे किसानों के खेतों पर ही फसलें लगायी गयी है। इसी तरह शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों, बीज विकास निगम के प्रक्षेत्रों और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रक्षेत्रों के साथ-2 निजी बीज उत्पादक समितियों के माध्यम से तीन हजार 568 हेक्टेयर रकबे में फसलों को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि चालू रबी मौसम में प्रजनक बीज से आधार बीज बनाने एक हजार हेक्टेयर तथा आधार बीज से प्रमाणित बीज उत्पादन के लिए दस हजार 880 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की विभिन्न फसलों को लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके विरूद्व बीज विकास निगम द्वारा प्रक्षेत्रों में दस हजार 214 हेक्टेयर रकबे में बीज उत्पादन के लिए फसलें लगायी गयी है। कृषि विभाग द्वारा तीन हजार 168 हेक्टेयर में रबी फसलों का बीजोत्पादन किया जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के प्रक्षेत्रों में 85 हेक्टेयर और निजी संस्थाओं द्वारा 90 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में रबी फसलों के बीजों का उत्पादन किया जा रहा है।

