खरीफ - 2011 : किसानों को अब तक एक हजार करोड़ रूपए से ज्यादा ऋण वितरित
सर्वाधिक 215 करोड़ रूपए का वितरण दुर्ग जिले में
रायपुर, 06 अगस्त 2011
छत्तीसगढ़ के किसानों को खरीफ फसलों की खेती के लिए अब तक एक हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष खरीफ सीजन में इसी अवधि में 672 करोड़ रूपए का ऋण किसानों को दिया गया था। इस प्रकार चालू खरीफ सीजन में अब तक वितरित अल्पकालीन कृषि ऋण पिछले साल की तुलना में 411 करोड़ रूपए अधिक है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से राज्य के किसान सिर्फ तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर खेती के लिए खाद और बीज के साथ-साथ नगद राशि भी ऋण के रूप में ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक ने खरीफ मौसम के लिए एक अप्रैल 2011 से ऋण बांटने का कार्य प्रारंभ किया है। राज्य शासन द्वारा चालू खरीफ वर्ष में किसानों को एक हजार पांच सौ करोड़ रूपए का ऋण बांटने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य के विरूध्द इस माह की पांच तारीख तक किसानों को एक हजार करोड़ 83 लाख रूपए का ऋण वितरण किया गया है। प्रदेश के किसानों को यह ऋण साठ प्रतिशत नगद और चालीस प्रतिशत वस्तु (खाद-बीज) आदि के रूप में किसान क्रेडिट कार्डों पर दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले के किसानों ने सर्वाधिक 215 करोड़ 68 लाख रूपए का ऋण लिए हैं। दूसरे क्रम पर रायपुर जिले के किसानों ने 193 करोड़ 20 लाख रूपए और तीसरे क्रम पर राजनांदगांव जिले के किसानों ने 98 करोड़ 54 लाख रूपए का ऋण लिए हैं। इसी प्रकार महासमुंद जिले के किसानों ने 64 करोड़ 69 लाख रूपए, धमतरी जिले के किसानों ने 46 करोड़ 14 लाख रूपए, कबीरधाम (कवर्धा) जिले के किसानों ने 85 करोड़ चार लाख रूपए, बस्तर जिले के किसानों ने 38 करोड़ 53 लाख रूपए, नारायणपुर जिले के किसानों ने एक करोड़ 31 लाख रूपए, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के किसानों ने 24 करोड़ 61 लाख रूपए, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के किसानों ने 83 लाख रूपए, बीजापुर जिले के किसानों ने दो करोड़ 16 लाख रूपए का ऋण लिए हैं। बिलासपुर जिले के किसानों ने 89 करोड़ 71 लाख रूपए, जांजगीर-चाम्पा जिले के किसानों ने 74 करोड़ 57 लाख रूपए, कोरबा जिले के किसानों ने 12 करोड़ 85 लाख रूपए, रायगढ़ जिले के किसानों ने 17 करोड़ 88 लाख रूपए, जशपुर जिले के किसानों ने दो करोड़ एक लाख रूपए, सरगुजा जिले के किसानों ने 29 करोड़ 21 लाख रूपए और कोरिया जिले के किसानों ने तीन करोड़ 78 लाख रूपए नगद और वस्तु के रूप में खेती के लिए ऋण लिए हैं।

