किसानों को 124 करोड़ रूपए की क्षतिपूर्ति का वितरण जारी
प्रदेश की 51 तहसीलों के 3.61 लाख से अधिक किसानों को
मिलेगी फसलों के नुकसान पर क्षतिपूर्ति
रायपुर 12 अगस्त 2010
राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष 2009 के खरीफ मौसम के दौरान हुई अल्पवर्षा से किसानों को खेती में हुए नुकसान की भरपाई के लिए 123 करोड़ 78 लाख रूपए क्षतिपूर्ति राशि का वितरण तेजी से किया जा रहा है। यह राशि प्रदेश के 14 जिलों की 51 तहसीलों के तीन लाख 61 हजार 853 किसानों को वितरित की जा रही है। प्रदेश के राजनांदगांव, दुर्ग, कबीरधाम (कवर्धा) जिलों में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में बीमा की क्षतिपूर्ति राशि प्रभावित किसानों को बांटी जा चुकी है। अन्य जिलों में भी कृषि विभाग के अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थित में किसानों को क्षतिपूर्ति राशि का वितरण कर रहे हैं। कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि कृषि बीमा योजना के तहत निर्धारित किए गए मापदण्डों के आधार पर छत्तीसगढ़ की 51 तहसीलों को अल्प वर्षा से प्रभावित घोषित किया गया है। योजना के तहत किसानों को बीमा क्षतिपूर्ति राशि के वितरण के लिए राजनांदगांव और बिलापुर जिले की आठ-आठ, रायपुर जिले की छह, दुर्ग जिले की सात, जांजगीर-चाम्पा और बीजापुर जिले की चार-चार, महासमुंद, कोरबा, दक्षिण्ा बस्तर दंतेवाड़ा और उत्तर बस्तर कांकेर की दो-दो, कबीधाम जिले की तीन तथा धमतरी सरगुजा और बस्तर जिले की एक-एक तहसील को पिछले वर्ष मानसून सत्र के दौरान अल्पवर्षा से प्रभावित घोषित किया गया है। कृषि मंत्री ने किसानों को फसल बीमा की दावा राशि का भुगतान जल्द से जल्द करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। श्री साहू ने यह क्षतिपूर्ति राशि धनादेशों (चेक) के रूप में संबंधित किसानों को वितरित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत प्रदेश में प्राथमिक सहकारी समिति और विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से ऋण लेकर खेती करने वाले तीन लाख 59 हजार 486 किसानों को 120 करोड़ 73 लाख रूपए और दो हजार 367 अऋणी किसानों को तीन करोड़ पांच लाख रूपए की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की जा रही है। फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सर्वाधिक 38 करोड़ 76 लाख रूपए क्षतिपूर्ति राशि राजनांदगांव जिले के एक लाख 17 हजार 361 किसानों को दी गयी है। श्री साहू ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पिछले खरीफ मौसम के दौरान धान सहित खरीफ की पांच फसलों सोयाबीन, अरहर, मक्का और मूंगफली का बीमा कराने अधिसूचना जारी की थी। योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को फसलों का बीमा कराने प्रीमियम राशि के लिए भी राज्य शासन द्वारा दस प्रतिशत अनुदान दिया गया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष खरीफ 2009 के लिए प्रदेश में ऋण लेकर खेती करने वाले किसानों और अऋणी किसानों की फसलों का राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत बीमा कराने के लिए अधिसूचना जारी की थी। योजना के तहत ऋण लेकर खेती करने वाले सभी किसानों को अपनी फसलों का बीमा कराना अनिवार्य किया गया था। श्री साहू ने बताया कि पिछले मानसून के दौरान छत्तीसगढ़ में हुई कम बारिश के कारण इन ऋणी किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। फसल बीमा के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि से ऐसे किसानों को काफी मदद मिलेगी। श्री साहू ने बताया कि राज्य शासन द्वारा रायपुर जिले के तीस हजार 551 किसानों को पिछले खरीफ मौसम में लगी फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दस करोड़ 98 लाख रूपए की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इसी प्रकार दुर्ग जिले में 74 हजार 877 किसानों को 24 करोड़ 20 लाख रूपए, सरगुजा जिले में एक हजार 549 किसानों को पांच करोड़ 69 लाख रूपए, बिलासपुर जिले में 43 हजार 656 किसानों को 22 करोड़ 26 लाख रूपए, बस्तर जिले में दो हजार 445 किसानों को 16 लाख 97 हजार रूपए, कबीरधाम जिले में 43 हजार 504 किसानों को बीस करोड़ 69 लाख रूपए, जांजगीर-चांपा जिले में 18 हजार 719 किसानों को 87 लाख रूपए, महासमुंद जिले में 16 हजार 395 किसानों को तीन करोड़ पांच लाख रूपए, कंाकेर जिले में छह हजार 608 किसानों को 46 लाख 83 हजार रूपए, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में 164 किसानों को छह लाख 48 हजार रूपए की क्षतिपूर्ति दी जा रही है। इसी प्रकार कोरबा जिले के एक हजार 558 किसानों को छह लाख 56 हजार, धमतरी जिले के दो हजार 283 किसानों को 30 लाख 16 हजार और बीजापुर जिले के दो हजार 183 किसानों को एक करोड़ 81 लाख रूपए क्षतिपूर्ति राशि का भी भगुतान किया जा रहा है।
प्रदेश की 51 तहसीलें जिनके किसानों को मिलेगी क्षतिपूर्ति
राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत प्रदेश में रायपुर जिले की बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलाईगढ़, भाटापारा, राजिम और मैनपुर तहसीलों, महासमुंद जिले की बसना और बागबाहरा तहसीलों, धमतरी जिले की मगरलोड तहसील, दुर्ग जिले की दुर्ग, बालौद, साजा, नवागढ़, डौडीलोहारा, गुंडरदेही और धमता तहसीलों सहित राजनांदगांव जिले के खैरागढ़, राजनांदगांव, छुरिया, मोहला, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुईखदान और अम्बागढ़ चौकी तहसीलों को पिछले खरीफ सत्र 2009 के दौरान अल्प वर्षा से प्रभावित घोषित किया गया है। इसी प्रकार कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा, कवर्धा, और पडंरिया तहसीलों, बिलासपुर जिले की मुंगेली, तखतपुर, पथरिया, लोरमी, पेण्ड्रारोड, कोटा, पेण्ड्रा और मरवाही तहसीलों, जांजगीर'-चाम्पा जिले के जांजगीर, जैजेपुर, अकलतरा और बलौदा, कोरबा जिले की कोरबा और पाली तहसीलों को राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत दावा देय तहसीलें घोषित किया गया है। इस योजना के तहत सरगुजा जिले की बलरामपुर, बस्तर जिले की माकड़ी, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले की गीदम और कुंआकोंडा, बीजापुर जिले की बीजापुर, भैरमगढ़, भोपालपट्टनम और उसूर तथा उत्तर बस्तर कांकेर जिले की अन्तागढ़ और कांकेर तहसीलों के किसानों को भी पिछले खरीफ मौसम के दौरान हुई अल्प वर्षा के कारण फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी।

