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फसलों को बचाने जलाशयों से दिया जा रहा पानी

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When Aug 28, 2010
from 07:35 PM to 07:35 PM
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नहरों में साढ़े चार सौ घन मीटर से अधिक पानी छोड़ा गया

सिंचाई जलाशयों में अब तक लगभग चार हजार मिलियन घन मीटर जल भराव

रायपुर 28 अगस्त 2010

     चालू मानसून के दौरान छत्तीसगढ़ में हो रही अल्प वर्षा और खण्ड वर्षा से खरीफ की विभिन्न फसलों को पानी की कमी से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए विभिन्न जलाशयों से 459 घन मीटर पानी प्रति सेकेण्ड नहरों में छोड़ा जा रहा है। जलाशयों की मुख्य वितरक एवं शाखा वितरक नहरों में छोड़े जा रहे इस पानी के माध्यम से किसान धान की बियासी सहित खेतों में लगी विभिन्न फसलों में सिंचाई और खेती का काम आसानी से कर पा रहे हैं। राज्य के 41 सिंचाई जलाशयों में कुल जल भराव क्षमता 6400.239 मिलियन घन मीटर के विरूध्द आज सुबह तक लगभग चार हजार मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित हो गया है। यह जलाशयों की कुल भराव क्षमता का लगभग 63 प्रतिशत है। अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों के हित में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने भी जलसंसाधन मंत्री श्री हेमचन्द यादव को पत्र लिखकर सिंचाई जलाशयों से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की थी।
    जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश जलाशयों में आज सुबह तक उनकी कुल भराव क्षमता के विरूध्द 70 से 80 प्रतिशत पानी जमा है। प्रदेश के सबसे बड़े जलाशय मिनीमाता बांगो में 47.17 प्रतिशत जल भराव हुआ है। गंगरेल बांध के रविशंकर सागर जलाशय में 91.73 प्रतिशत, दुधावा जलाशय में 74.66 प्रतिशत, तांदुला जलाशय में लगभग 74 प्रतिशत, मुरूम सिल्ली जलाशय में 82 प्रतिशत, मनियारी जलाशय में 93.67 प्रतिशत, कोसारटेडा जलाशय में 92.5 प्रतिशत, सुतियापाट जलाशय में 77.51 प्रतिशत, मोगराबैराज में 74.88 प्रतिशत सहित किनकारी नाला जलाशय में 83.51 प्रतिशत जल भराव हुआ है। प्रदेश के चार जलाशय में सरगुजा के श्याम, राजनांदगांव के मटियामोती, रायगढ़ के केडारनाला और दुर्ग के खपरी जलाशय में उनकी कुल भराव क्षमता का शत-प्रतिशत पानी भर गया है।
    अधिकारियों ने बताया कि धमतरी जिले के रविशंकर सागर जलाशय से 145.97 घन मीटर, कोरबा जिले के मिनीमाता बांगो जलाशय से 161.57 घन मीटर, रायपुर जिले के सिकासेर जलाशय से 46.15 घन मीटर, धमतरी जिले के सोन्ढूर जलाशय से 16.56 घन मीटर, महासमुंद जिले के कोडार जलाशय से 16.47 घन मीटर, बिलासपुर जिले के मनियारी जलाशय से 38.24 घन मीटर तथा बस्तर जिले के कोसारटेडा जलाशय से 9.12 घन मीटर पानी सिंचाई के लिए नहरों में छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ की फसलों को पानी की कमी से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सरगुजा जिले के श्याम जलाशय से 4.30 घन मीटर, रायपुर जिले के बेलार जलाशय से 3.47 घन मीटर, दुर्ग जिले के मरौदा जलाशय से 5.46 घन मीटर, बिलासपुर जिले के घोघा जलाशय से 6.23 घन मीटर, महासमुंद जिले के केशवा जलाशय से 1.41 घन मीटर तथा कोरिया जिले के झुमका जलाशय से एक घन मीटर और गेज जलाशय से डेढ़ घन मीटर पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। खरीफ की फसलों में सिंचाई और धान की ब्यासी के लिए कांकेर जिले के दुधावा जलाशय, कबीरधाम जिले के सरौदा, सरगुजा जिले के बंकी, बरनाल और कुंवरपुर जलाशयों से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

क्रमांक-2538/नागेश
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