लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार कृषि लघु सिंचाई योजना : प्रदेश में साढ़े तेईस हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विस्तार

लघु सिंचाई योजना : प्रदेश में साढ़े तेईस हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विस्तार

What
When Apr 16, 2011
from 07:00 PM to 07:00 PM
Add event to calendar vCal
iCal

दस हजार से अधिक सिंचाई पंप व चार हजार नलकूप निर्मित
किसानों को 33 करोड़ रूपए की मिली अनुदान सहायता

रायपुर 16 अप्रैल 2011

    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने उनके खेतों में नलकूपों का खनन व उसमें पंप स्थापना के साथ ही कुएं और तालाबों के निर्माण के लिए आर्थिक 260-160411सहायता मुहैया करायी जा रही है। राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित लघु सिंचाई योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2010-11 में प्रदेश में विभिन्न सिंचाई अधोसंरचनाओं का निर्माण कर साढ़े तेईस हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया गया है। इसके लिए किसानों को लगभग 33 करोड़ रूपए की अनुदान सहायता भी उपलब्ध करायी गयी है।
      कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके खेतों में स्वयं के सिंचाई साधनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए किसानों को लागत का पचास प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक अनुदान सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार द्वारा संचालित लघु सिंचाई योजना के तहत दस हजार से अधिक सिंचाई पंप स्थापित करने के साथ ही लगभग चार हजार नलकूपों का खनन कराकर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया है। इस अवधि में सिंचाई के लिए डेढ़ हजार सेलो टयूबवेल और 150 लघु तालाबों का निर्माण भी कराया गया है। श्री साहू ने बताया कि लघु सिंचाई योजना के अंतगर्त प्रदेश के लघु सीमांत किसानों विशेषकर सब्जी उत्पादक किसानों को शाकम्भरी योजना के तहत पांच हार्स पावर तक के विद्युत और डीजल पंप के लिए लागत का 75 प्रतिशत या सोलह हजार 875 रूपए की अनुदान सहायता दी जा रही है। इसी तरह कुएं के निर्माण के लिए किसानों को लागत का 50 प्रतिशत या 22 हजार पांच सौ रूपए अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्ष 2010-11 में दस हजार 58 पंपों की स्थापना के साथ ही 319 कुओं का निर्माण कराया गया है। इसके लिए किसानों को 14 करोड़ 66 लाख रूपए की अनुदान सहायता दी गयी है।
    कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश के वृष्टिछाया क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने राज्य सरकार द्वारा किसान समृध्दि योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के 110 विकासखण्डों में किया जा रहा है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को सिंचाई के लिए नलकूप खनन और उसमें पंप स्थापना के लिए कुल 43 हजार रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में दी जा रही है। सामान्य वर्ग के किसानों को इस योजना के तहत 25 हजार रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। वर्ष 2010-11 में इस योजना के तहत एक हजार 161 नलकूपों का खनन कर वृष्टिछाया क्षेत्रों में लगभग तीन हजार हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विस्तारित की गयी है।
    राज्य सरकार द्वारा भू-जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यो को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा लघुत्तम सिंचाई योजना के तहत बारिश के जल को संग्रहित कर सिंचाई क्षेत्र में विस्तार करने के लिए चालीस हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता वाले लघु सिंचाई तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्ष 2010-11 में एक सौ पचास लघु सिंचाई तालाबों का निर्माण कराकर किसानों को तीन हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।

क्रमांक-260/पवन
« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031