लघु सिंचाई योजना : प्रदेश में साढ़े तेईस हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विस्तार
दस हजार से अधिक सिंचाई पंप व चार हजार नलकूप निर्मित
किसानों को 33 करोड़ रूपए की मिली अनुदान सहायता
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने उनके खेतों में नलकूपों का खनन व उसमें पंप स्थापना के साथ ही कुएं और तालाबों के निर्माण के लिए आर्थिक
सहायता मुहैया करायी जा रही है। राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित लघु सिंचाई योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2010-11 में प्रदेश में विभिन्न सिंचाई अधोसंरचनाओं का निर्माण कर साढ़े तेईस हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया गया है। इसके लिए किसानों को लगभग 33 करोड़ रूपए की अनुदान सहायता भी उपलब्ध करायी गयी है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके खेतों में स्वयं के सिंचाई साधनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए किसानों को लागत का पचास प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक अनुदान सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार द्वारा संचालित लघु सिंचाई योजना के तहत दस हजार से अधिक सिंचाई पंप स्थापित करने के साथ ही लगभग चार हजार नलकूपों का खनन कराकर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया है। इस अवधि में सिंचाई के लिए डेढ़ हजार सेलो टयूबवेल और 150 लघु तालाबों का निर्माण भी कराया गया है। श्री साहू ने बताया कि लघु सिंचाई योजना के अंतगर्त प्रदेश के लघु सीमांत किसानों विशेषकर सब्जी उत्पादक किसानों को शाकम्भरी योजना के तहत पांच हार्स पावर तक के विद्युत और डीजल पंप के लिए लागत का 75 प्रतिशत या सोलह हजार 875 रूपए की अनुदान सहायता दी जा रही है। इसी तरह कुएं के निर्माण के लिए किसानों को लागत का 50 प्रतिशत या 22 हजार पांच सौ रूपए अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्ष 2010-11 में दस हजार 58 पंपों की स्थापना के साथ ही 319 कुओं का निर्माण कराया गया है। इसके लिए किसानों को 14 करोड़ 66 लाख रूपए की अनुदान सहायता दी गयी है।
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश के वृष्टिछाया क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने राज्य सरकार द्वारा किसान समृध्दि योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के 110 विकासखण्डों में किया जा रहा है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को सिंचाई के लिए नलकूप खनन और उसमें पंप स्थापना के लिए कुल 43 हजार रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में दी जा रही है। सामान्य वर्ग के किसानों को इस योजना के तहत 25 हजार रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। वर्ष 2010-11 में इस योजना के तहत एक हजार 161 नलकूपों का खनन कर वृष्टिछाया क्षेत्रों में लगभग तीन हजार हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विस्तारित की गयी है।
राज्य सरकार द्वारा भू-जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यो को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा लघुत्तम सिंचाई योजना के तहत बारिश के जल को संग्रहित कर सिंचाई क्षेत्र में विस्तार करने के लिए चालीस हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता वाले लघु सिंचाई तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्ष 2010-11 में एक सौ पचास लघु सिंचाई तालाबों का निर्माण कराकर किसानों को तीन हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।

