छत्तीसगढ़ में 45.34 लाख हेक्टेयर रकबे में खरीफ फसलों की बोनी पूरी
खेती के हिसाब से बारह जिलों में सामान्य वर्षा और चार जिलों में सामान्य से कम वर्षा
छत्तीसगढ़ में चालू खरीफ मौसम में अब तक 45 लाख 34 हजार हेक्टेयर के रकबे में धान सहित विभिन्न फसलों की बोनी पूरी हो चुकी है। यह निर्धारित लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। प्रदेश में अब तक हुई वर्षा में से खेती के हिसाब से बारह जिलों में सामान्य वर्षा जबकि तीन जिलों में औसत सामान्य वर्षा से कम बारिश हुई है। कृषि विभाग ने प्रदेश के दुर्ग, कबीरधाम, कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चाम्पा, महासमुंद, रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव, नारायणपुर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) और कांकेर जिलों में औसत सामान्य बारिश से 80 से 119 प्रतिशत तक वर्षा होने की जानकारी दी है। विभाग द्वारा दो जिलों बस्तर एवं बीजापुर में औसत सामान्य वर्षा से 119 प्रतिशत बारिश होने और तीन जिलों कोरिया, जशपुर एवं रायगढ़ में औसत सामान्य वर्षा से 60 से 79 प्रतिशत वर्षा होने की जानकारी दी गयी है। अब तक सरगुजा जिले में औसत सामान्य वर्षा से मात्र 40 से 59 प्रतिशत वर्षा ही हुई है। राज्य में इस वर्ष मानसून के इस मौसम में 48 लाख 15 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की खेती का लक्ष्य है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश में धान की बोनी निर्धारित लक्ष्य 35 लाख 33 हजार हेक्टेयर से अधिक 35 लाख 83 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की जा चुकी है। वर्तमान खरीफ मौसम में अब तक बोई गयी फसलें निर्धारित लक्ष्य 48 लाख 15 हजार हेक्टेयर का 94 प्रतिशत है। प्रदेश में अनाज फसलों की बोनी 38 लाख छह हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की जा चुकी है। प्रदेश में पिछले वर्ष इसी समयावधि में एक लाख 33 हजार हेक्टेयर रकबे में सोयाबीन की फसल बोयी गयी थी। राज्य शासन ने इस वर्ष एक लाख 35 हजार हेक्टेयर रकबे में सोयाबीन की बोआई का लक्ष्य निर्धारित किया था।, जिसके विरूध्द अब तक एक लाख 49 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने सोयाबीन की बोआई कर दी है। राज्य में अब तक तीन लाख 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में दलहनी और दो लाख 68 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहनी फसलें बोई जा चुकी हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस वर्ष खरीफ फसलों की बोनी इसी अवधि में गत वर्ष में हुई बोनी का तीन प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 44 लाख 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोनी पूरी की गई थी। अब तक एक लाख 70 हजार हेक्टेयर रकबे में मक्का तथा लगभग 53 हजार हेक्टेयर रकबे में अनाज की अन्य फसलें बोई गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ मौसम में राज्य में अब तक एक लाख 38 हजार हेक्टेयर रकबे में अरहर, एक लाख 54 हजार हेक्टेयर रकबे में उड़द सहित लगभग 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अन्य दलहनी फसलों की बोनी पूरी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान खरीफ सत्र में तिल की फसल 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में तथा अन्य तिलहनी फसलें 74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जा चुकी है। राज्य में वर्तमान खरीफ मौसम में एक लाख 37 हजार हेक्टेयर रकबे में खरीफ की अन्य फसलें भी बोई जा चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा खण्ड वर्षा और पानी की कमी के कारण होने वाले नुकसान से बचाने के लिए क्षेत्रों का भ्रमण कर फसलों की स्थिति की लगातार जानकारी भी ली जा रही है। अधिकारियों ने खेतों में पर्याप्त पानी होने पर ही धान की बियासी करने और कीट-व्याधी का प्रकोप होने पर तत्काल क्षेत्र के कृषि विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क कर उचित दवा आदि का छिड़काव करने की सलाह किसानों को दी है।

