छत्तीसगढ़ को आवंटन से कम यूरिया की आपूर्ति
उर्वरक मंत्रालय से अतिरिक्त आवंटन जारी करने की मांग
मुख्यमंत्री सहित कृषि मंत्री श्री साहू और विपणन संघ के अध्यक्ष ने केन्द्र सरकार से की मांग
रायपुर, 03 सितंबर 2010
छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन संघ के अध्यक्ष श्री राधाकृष्ण गुप्ता ने आज यहां बताया कि उर्वरक के भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय द्वारा अगस्त महीने के लिए छत्तीसगढ़ को 88 हजार 900 मीटरिक टन यूरिया का आवंटन किया गया है, लेकिन इस आवंटित यूरिया में से केवल 65 हजार मीटरिक टन यूरिया ही अब तक प्राप्त हुआ है, जो कि निर्धारित आवंटन से लगभग 24 हजार मीटरिक टन कम है। श्री गुप्ता ने बताया कि चालू खरीफ मौसम में उपयोग के लिए राज्य सरकार ने अप्रैल से अगस्त माह तक केन्द्र सरकार से जितनी मात्रा में यूरिया की मांग की थी, उससे लगभग एक लाख 30 हजार मीटरिक टन यूरिया कम मिला है। ऐसी स्थिति में खरीफ मौसम में खेतों में खड़ी फसलों के उत्पादन पर विपरित प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के हित में प्रदेश को प्राथमिकता के आधार पर यूरिया खाद का अतिरिक्त आंवटन जारी करने की मांग केन्द्र सरकार से की है। खाद की नियमित आपूर्ति करने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शरद पवार तथा केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री अलगीरी को पत्र भी प्रेषित किया है। विपण्ान संघ के अध्यक्ष श्री राधाकृष्ण गुप्ता ने भी राज्य शासन की मंशानुसार केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों सहित विभिन्न उर्वरक निर्माता कम्पनियों से भी छत्तीसगढ़ को रसायनिक खादों की नियमित आपूर्ति करने का आग्रह किया है।
अध्यक्ष श्री गुप्ता ने बताया कि राज्य शासन ने निरंतर पत्राचार कर और दिल्ली प्रवास के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. सिंह सहित कृषि मंत्री श्री साहू ने भी खाद की कम आपूर्ति की ओर केन्द्रीय उर्वरक मंत्रालय के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। इसके बावजूद भी मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। श्री गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में यूरिया की आवश्यकता 15 से 20 सितम्बर तक होती है। माह सितम्बर में भारत सरकार द्वारा लगभग 40 हजार मीटरिक टन यूरिया का आवंटन छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए किया गया है। इस पूरे यूरिया को 15 सितम्बर तक प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार युध्द स्तर पर प्रयास कर रही है। श्री गुप्ता ने बताया कि माह अगस्त में लगभग 24 हजार मीटरिक टन कम यूरिया प्राप्त हुआ था, जो आयातीत कोटे से इफको एवं नागार्जुना फर्टिलाइजर्स को आवंटित था। इस संबंध में दोनों कम्पनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान जानकारी मिली है कि आयातीत यूरिया की जहाज शीघ्र ही विशाखापट्टनम स्थित बंदरगाह पर पहुंचेगी। जहां से भारत सरकार द्वारा आवंटन प्राप्त कर अगस्त माह की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
श्री गुप्ता ने बताया कि इंडियन फास्फेट लिमिटेड की आयातीत यूरिया लाने वाला एक जहाज पारादीप बंदरगाह पहुंच गया है। इससे 15 से 20 हजार मीटरिक टन यूरिया राज्य के लिए प्राप्त करने का प्रयास भी किया जा रहा है। यूरिया और अन्य खादों की कमी से निपटने तथा खादों की पर्याप्त मात्रा में नियमित आपूर्ति के लिए राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र की कम्पनी इफको, कृभकों सहित अन्य उर्वरक निर्माता कम्पनियों से भी लगातार सम्पर्क में है। श्री गुप्ता ने उम्मीद जताई कि केन्द्र सरकार और उर्वरक कम्पनियों से सतत समन्वय बनाकर 15 सितम्बर तक यूरिया की कमी की पूर्ति कर ली जाएगी।

