कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना : किसानों को 1.33 लाख उन्नत कृषि यंत्र वितरित
रायपुर, 17 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को कम मेहनत और कम लागत में अधिक पैदावार दिलाने की मंशा से खेती-किसानी के कार्यो में उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2010-11 में किसानों को एक लाख 33 हजार से अधिक उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार द्वारा खेती-किसानी के कार्यो में प्रदेश की भौगोलिक स्थितियों के अनुकूल किसानों को जुताई, बुआई, दवा छिड़काई, निंदाई-गुड़ाई, पौध-रोपण और कटाई आदि कार्यो के लिए यंत्रों को विकसित कर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा लघु और सीमांत किसानों को अनुदान पर उन्नत कृषि यंत्र प्रदान किए जा रहे है। इन कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों को जहां समय और पैसे की बचत हो रही है वहीं उन्हें कम मेहनत और कम लागत में अधिक उत्पादन मिल रहा है। श्री साहू ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2010-11 में किसानों को पांच सौ दो ट्रेक्टर, एक हजार 289 पावर टिलर, तीन हजार 409 शक्ति चलित यंत्र तथा एक लाख 28 हजार 262 हाथ से और बैल से चलित कृषि यंत्र किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए गए है। श्री साहू ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत चालीस हार्सपावर तक के ट्रेक्टर के लिए कीमत का 25 प्रतिशत या 45 हजार रूपए जो भी कम हो अनुदान दिया जा रहा है। इसी तरह पॉवर टिलर आठ बी.एच.पी. से कम को कीमत का 80 प्रतिशत या 90 हजार रूपए और आठ बी.एच.पी. से अधिक पॉवर टिलर को कीमत का 80 प्रतिशत या पचास हजार रूपए जो भी कम हो अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वचलित रीपर, पैडी ट्रान्सप्लांटर और अन्य स्वचलित यंत्रों को मूल्य का पचास प्रतिशत या अस्सी हजार रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। शक्ति चलित यंत्र जैसे पोटैटो प्लांटर, चलित रीपर, पॉवर लीडर में किसानों को कीमत का पचास प्रतिशत या तीस हजार रूपए जो भी कम हो का अनुदान मिलता है।
श्री साहू ने बताया कि ट्रेक्टर चलित-एम.बी. प्लाऊ, कल्टीवेटर, हेरो आदि में कीमत का पचास प्रतिशत या बीस हजार रूपए की अनुदान सहायता दी जा रही है। शक्ति चलित (सभी प्रकार के पॉवर थ्रेसर) यंत्रों में कीमत का पचास प्रतिशत या 24 हजार रूपए का अनुदान, हस्त चलित कृषि यंत्रों को कीमत का पचास प्रतिशत या चार हजार रूपए का अनुदान, बैल चलित कृषि यंत्रों को पचास प्रतिशत या पांच हजार रूपए और बैल चलित टूल कैरियर को मूल्य का पचास प्रतिशत या बारह हजार रूपए की अनुदान सहायता किसानों को दी जा रही है। इसी तरह हस्त चलित पौध संरक्षण यंत्र में एक हजार छह सौ रूपए, शक्ति चलित पौध संरक्षण यंत्र में चार हजार रूपए, ट्रेक्टर माउण्टेड पौध संरक्षण यंत्र आठ हजार रूपए तथा एरा ब्लास्ट स्पेयर्स पौध संरक्षण यंत्र में पचास हजार रूपए या कीमत का पचास प्रतिशत जो भी कम हो अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेष के किसान समूह, रजिस्टर्ड को-आपरेटिव सोसायटी और स्व-सहायता समूहों को कमबाईन हार्वेस्टर के लिए कीमत का 25 प्रतिषत या एक लाख पचास हजार रूपए जो भी कम हो का अनुदान दिया जा रहा है।

