पंगास मछली पालन के लिए साढ़े तीन करोड़ रूपए की सहायता मिलेगी
राज्य शासन के प्रस्ताव पर स्वीकृत हुई नई योजना
छत्तीसगढ़ में पंगास मछली पालन करने वाले किसानों और मछुआरों को राज्य शासन द्वारा तीन करोड़ 48 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड द्वारा पंगास प्रजाति की सूक्ची मछली पालने के लिए अनुदान देने की नई योजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस योजना के तहत पंगास मछली पालन करने स्वयं की भूमि पर नये तालाब बनाने के लिए तीन लाख रूपए की सहायता दी जाएगी। पंगास मछली पालन के लिए पुराने तालाबों का जीर्णोध्दार करने राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड के सहयोग से मछली पालकों को 75 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी ।
मछली पालन विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा पंगास मछली पालन के लिए मछुआरों का मछली पालन विभाग में पंजीयन कराना और अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। पंगास मछली की तेजी से बढ़वार और रुचिकर स्वाद के कारण यह अत्यंत लोकप्रिय हो रही है। वर्तमान में यह मछली आंध्रप्रदेश से मंगाई जा रही है। इस मछली की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने इसके पालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विधिवत स्वीकृति लेने पर ऋण एवं अनुदान के रूप में आर्थिक सहायता देने की योजना शुरू की है। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत इस वर्ष सात मछली पालकों को स्वयं की भूमि पर 14 तालाब बना कर 80 एकड़ जल क्षेत्र में पंगास मछली पालन के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इनमें से 17.70 हेक्टेयर के चार तालाब दुर्ग जिले के बेमेतरा तहसील के ग्राम उस्लापुर में और साढे बारह हेक्टेयर जल क्षेत्र के दस तालाब रायपुर जिले की तिल्दा तहसील के ग्राम सड्डू में बनाये जा रहे हैं। इन तालाबों के निर्माण के लिए राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड द्वारा 78 लाख 57 हजार रूपए का अनुदान दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत पंगास मछली पालने के लिए बनाये गये तालाबों में अगुंली के आकार के मछली बीज डालने के लिए 60 हजार रूपए और मछलियों को भोजन के लिए चार लाख 40 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता बैंक ऋण के माध्यम से दी जाएगी। बैंक द्वारा स्वीकृत किए गए ऋण पर तालाब निर्माण या नवीनीकरण पर अनुसूचित जाति एवं जन-जाति वर्ग के हितग्राहियों को 25 प्रतिशत और अन्य श्रेणी के हितग्राहियों को 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मछली बीज और मछलियों के भोजन के लिए 40 प्रतिशत सहायता दी जाएगी। सभी प्रकार की सहायताएं बैकों से ऋण लेकर पंगास मछली पालन करने पर ही दी जाएगी। पंगास मछली पालन शुरू करने के लिए इच्छुक व्यक्ति मछली पालन विभाग के जिला कार्यालय या मैदान स्तर के मत्स्य निरीक्षक से सम्पर्क कर सकते हैं।

