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छत्तीसगढ़ में चालू रबी मौसम में 16.32 लाख हेक्टेयर रकबे में हुई फसलों की बोनी

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When Mar 30, 2010
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गेहूं और चने का रकबा बारह प्रतिशत बढ़ा

    रायपुर 30 मार्च 2010

चालू रबी मौसम के दौरान छत्तीसगढ़ में अब तक सोलह लाख 32 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में गेहूं, चना, मटर, सरसों और अलसी सहित रबी की विभिन्न फसलों की बोनी पूरी हो गई है। प्रदेश में इस वर्ष रबी मौसम में दलहनी-तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने के विशेष प्रयास किए गए हैं, जिसके फलस्वरूप पिछले वर्ष की तुलना में चालू रबी मौसम में चना के रकबे में बारह प्रतिशत और सरसों के रकबे में आठ प्रतिशत की वृध्दि हुई है। इस दौरान रबी मौसम में ली जाने वाली ग्रीष्मकालीन धान के रकबे में 46 प्रतिशत की कमी आयी है। राज्य में अब तक लगभग तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अनाज, आठ लाख 56 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन तथा दो लाख 93 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहन फसलें बोई गयी हैं। राज्य शासन द्वारा इस रबी मौसम के लिए निर्धारित 17 लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती के विरूध्द अब तक 91 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति हो गई है। प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में चालू रबी मौसम में गेहूं का रकबा भी बारह प्रतिशत बढ़ा है। किसानों ने एक लाख 83 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में गन्ना, साग-सब्जी सहित अन्य फसलों की भी बोनी पूरी कर ली है।
    कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में चालू रबी मौसम में दलहनी फसलों के तहत चना लगभग तीन लाख 36 हजार हेक्टेयर रकबे में, तिवड़ा तीन लाख 92 हजार हेक्टेयर रकबे में लगाया जा चुका है। इस दौरान  मटर 46 हजार हेक्टेयर रकबे में, मसूर लगभग 26 हजार हेक्टेयर में, मूंग लगभग 21 हजार हेक्टेयर में, कुलथी 18 हजार तीन सौ हेक्टेयर में, उड़द दस हजार 800 हेक्टेयर में और अन्य दलहनी फसलें चार हजार 620 हेक्टेयर रकबे में बोई गई हैं। किसानों ने तिलहनी फसलों में एक लाख 61 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में सरसों और 87 हजार हेक्टेयर रकबे में अलसी फसल के बीज बो दिए हैं। लगभग एक लाख 84 हजार हेक्टेयर रकबे में गेंहू, 91 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्म कालीन धान और साढ़े सोलह हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की फसल लगाई जा चुकी हैं।
    अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में किसानों ने अब तक लगभग 14 हजार 170 हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की बोनी कर दी है। साथ ही एक लाख 65 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में साग-सब्जी की खेती की जा रही है। 15 हजार 390 हेक्टेयर रकबे में सूर्य मूखी, लगभग 15 हजार हेक्टेयर रकबे में मूंगफली, सात हजार 160 हेक्टेयर रकबे में कुसुम, एक हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में तिल और पांच हजार हेक्टेयर रकबे में अन्य तिलहनी फसलें लगाई गई हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान रबी मौसम में लगी गेहूं, चना, मटर, अलसी, सरसों सहित सभी फसलों की स्थिति संतोषजनक है। अधिकारियों ने अपने खेतों में लगी फसलों की सतत निगरानी करते हुए उनमें बीमारी और कीट-व्याधी के प्रकोप की जानकारी विभागीय अधिकारियों को देने की सलाह दी है।

क्रमांक 4590/नागेश

 

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