छत्तीसगढ़ में मसाला विकास योजना : मसाला फसलों के लिए नि:शुल्क बीज और 50 हजार रूपए तक अनुदान
बीते दो वर्ष में करीब दो लाख किसान हुए लाभान्वित
रायपुर 28 अप्रैल, 2011
मसाला फसलों की दिनोदिन बढ़ती मांग और इन फसलों के उत्पादन से किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को विभिन्न मसाला फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार के उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग द्वारा किसानों को लहसून, मिर्च, धनिया, मेथी, अदरक और हल्दी आदि मसाले के बीज नि:शुल्क प्रदान किए जा रहे है साथ ही किसानों को मसाला फसलों के उत्पादन के लिए पचास हजार रूपए तक अनुदान भी दिया जा रहा है। 
उद्यानिकी और प्रक्षेत्र वानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में मसाला उत्पादन को बढ़ावा देने और इन फसलों के उत्पादन से किसानों की आमदनी को बढ़ाने मसाला विकास योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को लहसून, मिर्च, धनिया, मेथी, अदरक और हल्दी आदि मसाला के एक सौ रूपए कीमत वाले बीज मिनीकिट नि:शुल्क दिए जा रहे है। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2009-10 में मसाला फसलों के उत्पादन के लिए 52 हजार 452 किसानों को नि:शुल्क बीज मिनीकिट प्रदान किया गया। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2010-11 में एक लाख 10 हजार किसानों को मसाला बीज मिनीकिट वितरित कर उन्हें लाभान्वित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 12 हजार 500 रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान किसानों को अधिकतम चार हेक्टेयर के लिए 50 हजार रूपए दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2009-10 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 6 हजार हेक्टेयर में मसाला विकास कार्यक्रम लिया गया और इससे 6 हजार 657 किसान लाभान्वित हुए है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में 11 हजार 450 हेक्टेयर में मसाला उत्पादन के लिए लगभग इतने ही किसानों को अनुदान प्रदान किया गया है।

उद्यानिकी और प्रक्षेत्र वानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में मसाला उत्पादन को बढ़ावा देने और इन फसलों के उत्पादन से किसानों की आमदनी को बढ़ाने मसाला विकास योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को लहसून, मिर्च, धनिया, मेथी, अदरक और हल्दी आदि मसाला के एक सौ रूपए कीमत वाले बीज मिनीकिट नि:शुल्क दिए जा रहे है। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2009-10 में मसाला फसलों के उत्पादन के लिए 52 हजार 452 किसानों को नि:शुल्क बीज मिनीकिट प्रदान किया गया। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2010-11 में एक लाख 10 हजार किसानों को मसाला बीज मिनीकिट वितरित कर उन्हें लाभान्वित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 12 हजार 500 रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान किसानों को अधिकतम चार हेक्टेयर के लिए 50 हजार रूपए दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2009-10 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 6 हजार हेक्टेयर में मसाला विकास कार्यक्रम लिया गया और इससे 6 हजार 657 किसान लाभान्वित हुए है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में 11 हजार 450 हेक्टेयर में मसाला उत्पादन के लिए लगभग इतने ही किसानों को अनुदान प्रदान किया गया है।
क्रमांक-480/पवन

