कृषि मंत्री श्री साहू ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की प्रगति की समीक्षा की
योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने काम में तेजी लाने के दिए निर्देश
राज्य स्तर पर सलाहकार की होगी नियुक्ति
रायपुर, 27 दिसम्बर 2010
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने प्रदेश में संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए योजना के तहत निर्धारित भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए और तेजी से काम करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू आज यहां मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में प्रदेश में संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 के तहत अब तक की प्रगति की समीक्षा की। श्री साहू ने योजना के तहत अभी तक की 35 प्रतिशत वित्तीय उपलब्धियों को अपर्याप्त बताते हुए असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को अगले कुछ दिनों में कम से कम 65 से 70 प्रतिशत राशि की उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दूसरी किश्त के लिए प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जा सके। श्री साहू ने बताया कि हाल ही में उनके दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शरद पवार से हुई चर्चा के दौरान इस योजना के लिए राज्य स्तर पर एक सलाहकार भी नियुक्त करने को कहा गया है। श्री साहू ने प्रदेश में सलाहकार की नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि कृषि विकास की दर में बढ़ोत्तरी करने के उद्देश्य से सन् 2007-08 से प्रदेश में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के तहत कृषि और उससे जुड़े अन्य विभाग जैसे उद्यानिकी, मछली पालन और पशु पालन की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के मुख्य सचिव के अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति द्वारा वर्ष 2010-11 के लिए 389.94 करोड़ रूपए की कार्य योजना का अनुमोदन किया गया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रदेश में अनाज, दलहन, तिलहन सहित साग-सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और किसानाेंं को खेती के उन्नत तरीके सिखाए जा रहे है। इस योजना के तहत किसानों को प्रमाणित बीज, उन्न्त कृषि यंत्रों का वितरण और वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के लिए किसानों को अनुदान सहायता दी जा रही है। योजना के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के तहत नये गोदामों का निर्माण, पुरानी रोपणियों के आधुनिकीकरण के साथ ही नये बगीचों और फलोद्यानों की स्थापना तथा कोल्ड चैन का निर्माण किया जा रहा है। मछली पालन हेतु किसानों को नाव-जाल का वितरण के साथ ही मछली उत्पादन में वृध्दि करने मिट्टी और जल की गुणवत्ता परीक्षण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। समीक्षा बैठक में कृषि विभाग के संचालक डॉ. प्रताप राव कृदत्त, उप सचिव कृषि श्री पी.के. दवे, संचालक उद्यानिकी श्री एस.के. दुबे, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री एस.के. पाण्डे सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

