जिलों की सीमाओं के आधार पर कृषि उपज मण्डियों का होगा पुनर्गठन
वनाधिकार पत्रक प्राप्त किसान भी मण्डी चुनाव की मतदाता सूची में होंगे शामिल
श्री चन्द्रशेखर साहू की अध्यक्षता में कृषि मंडी के संचालक मण्डल की बैठक संपन्न
रायपुर, 12 जनवरी 2011

छत्तीसगढ़ में जिलों की सीमाओं के आधार पर कृषि उपज मण्डियों का पुनर्गठन किया जाएगा। आधे एकड़ से अधिक कृषि भूमि के स्वामी किसानों के साथ ही वनाधिकार मान्यता पत्रक प्राप्त किसान भी मण्डी चुनाव की मतदाता सूची में शामिल होंगे। कृषि मंत्री और पदेन अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मण्डी) बोर्ड के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू की अध्यक्षता में आज यहां मंडी बोर्ड के संचालक मण्डल की 38 वीं बैठक में यह प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
संचालक मण्डल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश में जो कृषि उपज मंडिया एक से अधिक जिलों में विस्तारित है, उन्हें एक ही जिले की सीमा के भीतर पुनर्गठित किया जाए। साथ ही जिन कृषि उपज मंडियों की आय बहुत कम है उन्हें बंद कर नई मंडिया गठित की जाए। संचालक मण्डल की बैठक में किसान की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए यह प्रस्तावित किया गया कि एैसा व्यक्ति जो आधे एकड़ कृषि भूमि का स्वामी या पट्टेदार है और कृषि कार्य करता है उसे मतदाता सूची में शामिल किया जाए। साथ ही आधे एकड़ या उससे अधिक का वनाधिकार मान्यता पत्रक प्राप्त किसानों को भी मण्डी चुनाव की मतदाता सूची में शामिल किया जाए। संचालक मण्डल ने कहा कि निर्माण्ा कार्यो के लिए ग्राम पंचायतों को कई मदों से राशि उपलब्ध होती है अत: मण्डी बोर्ड की राशि को निर्माण कार्यो में खर्च करने के बजाय मंडियों को सशस्त और आधुनिक बनाने में खर्च किया जाना चाहिए।
राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से प्रदेश के किसानों को सिंचाई पंपों में बिजली कनेक्शन और एनीकटों में ट्रांसफार्मर आदि लगाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को दिए तीस करोड़ रूपए का अनुमोदन भी किया गया। संचालक मण्डल ने मण्डी समितियों के जनप्रतिनिधियों के प्रति मण्डी सचिव की जबावदेहिता तय करते हुए उसे समिति के नियंत्रण से हटाकर प्रबंध संचालक के नियंत्रण में किया। बैठक में डोंगरगांव विधायक श्री खेदूराम साहू, कृषि विभाग के संचालक श्री प्रताव राव कृदत्त, संयुक्त सचिव कृषि श्री आर. के. दवे, प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड श्री अनिल कुमार साहू सहित संचालक मण्डल के पदेन और नामांकित सदस्यगण उपस्थित थे।

