किसान समृध्दि योजना-अब तक साढ़े पच्चीस हजार से अधिक नलकूपों का खनन
किसानों को मिली लगभग 80 करोड़ रूपए की सहायता
अनुसूचित जाति, जनजाति के हितग्राहियों को 43 हजार रूपए तक अनुदान
रायपुर, 01 मई 2010
छत्तीसगढ़ के वृष्टिछाया वाले 25 विकासखण्डों और सभी 85 आदिवासी विकासखण्डों में संचालित किसान समृध्दि योजना के तहत सिंचाई का भरपूर पानी उपलब्ध कराने के लिए नलकूप खोदने और उसमें पम्प स्थापित करने किसानों को अब तक 70 करोड़ 89 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी गई है। किसानों ने इस शासकीय मदद से अपने खेतों में 25 हजार 730 सिंचाई नलकूपों का खनन किया है। इनमें से 23 हजार 793 सफल नलकूपों से किसान खेतों में लगी फसलों की लगातार सिंचाई कर रहे हैं। वर्ष 2001-02 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक केवल एक हजार 937 नलकूपों को ही असफल घोषित किया गया है। सफल तथा असफल नलकूपों के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को 33 करोड़ रूपए, अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को 24 करोड़ 12 लाख रूपए और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को 13 करोड़ 73 लाख रूपए की सहायता उपलब्ध करायी गयी है। राज्य शासन द्वारा किसान समृध्दि योजना के तहत अब तक 20 हजार 135 नलकूपों को सिंचाई के लिए ऊर्जीकृत कर लिया गया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए किसान समृध्दि योजना को प्रदेश के 110 विकासखण्डों में लागू कर दिया गया है। योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को सिंचाई के लिए नलकूप खनन और पम्प स्थापना पर कुल 43 हजार रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन ने प्रदेश के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के हित में निर्णय लेते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विकासखण्डों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले विकासखण्डों में किसान समृध्दि योजना के प्रावधानों को लागू कर दिया है। उन्हाेंने बताया कि सामान्य वर्ग के किसानों को अब इस योजना के तहत नलकूप खनन पर अधिकतम 10 हजार एवं पंप स्थापित करने पर अधिकतम 15 हजार रूपये की दर से कुल 25 हजार रूपये का अनुदान दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को योजना के तहत नलकूप खनन पर अधिकतम 18 हजार रूपए तथा पम्प स्थापना पर अधिकतम 25 हजार रूपए के हिसाब से कुल 43 हजार रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। किसान समृध्दि योजना में सभी श्रेणी के किसानों को लाभ लेने के लिए शामिल किया जा रहा है, परन्तु लघु सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए किसान समृध्दि योजना को प्रदेश के 110 विकासखण्डों में लागू कर दिया गया है। योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को सिंचाई के लिए नलकूप खनन और पम्प स्थापना पर कुल 43 हजार रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन ने प्रदेश के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के हित में निर्णय लेते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विकासखण्डों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले विकासखण्डों में किसान समृध्दि योजना के प्रावधानों को लागू कर दिया है। उन्हाेंने बताया कि सामान्य वर्ग के किसानों को अब इस योजना के तहत नलकूप खनन पर अधिकतम 10 हजार एवं पंप स्थापित करने पर अधिकतम 15 हजार रूपये की दर से कुल 25 हजार रूपये का अनुदान दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को योजना के तहत नलकूप खनन पर अधिकतम 18 हजार रूपए तथा पम्प स्थापना पर अधिकतम 25 हजार रूपए के हिसाब से कुल 43 हजार रूपए का अनुदान दिया जा रहा है। किसान समृध्दि योजना में सभी श्रेणी के किसानों को लाभ लेने के लिए शामिल किया जा रहा है, परन्तु लघु सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।
क्रमांक-600/नागेश

