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छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ फसलों की तैयारी शुरू

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When May 06, 2011
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कम लाभकारी फसलों के स्थान पर दलहनी-तिलहनी फसलों को बढ़ावा

प्रदेश में 47.66 लाख हेक्टेयर में लगेंगी खरीफ की फसलें

    रायपुर, 6 मई 2011

छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ फसलों की तैयारी शुरू हो गयी है। राज्य शासन के कृषि विभाग द्वारा आगामी खरीफ मौसम में प्रदेश के किसान अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकें , इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनायी गयी है। जिसके तहत प्रदेश में 47 लाख 66 हजार हेक्टेयर रकबे में खरीफ की विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष खरीफ मौसम 609-060511में कम लाभकारी फसलों के स्थान पर किसानों को दलहनी और तिलहनी फसलों को लेने के लिए विशेष जोर दिया गया है। कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष 4 लाख 26 हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलों को लेने की कार्ययोजना बनायी गयी है जो पिछले साल की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है। इसी तरह गत वर्ष की तुलना में दो प्रतिशत की वृध्दि करते हुए तीन लाख 66 हजार रकबे में तिलहनी फसलों के बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
         कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू के निर्देशानुसार प्रदेश में आगामी खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और अंतरवर्तीय फसलों के द्वारा कृषि उत्पादन में वृध्दि की कार्ययोजना बनायी गयी है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस वर्ष खरीफ में प्रदेश के उच्चहन क्षेत्रों में जहां पानी का जमाव कम हो पाता है वहां कम लाभकारी फसलों के स्थान पर अरहर, उड़द, मूंग आदि दलहनी फसलों के अलावा सोयाबीन, रामतिल आदि तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। विभाग द्वारा जल्दी पकने और अधिक पैदावार देने वाली धान की किस्मों को लगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा जिससे वे उतने ही समय में दोबारा फसल ले सकें । भू-स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के साथ ही मिट्टी  की उर्वरता बनाए रखने किसानों को जैविक खाद, हरी खाद और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए आवश्यक जानकारी मुहैया करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष दस प्रतिशत अधिक प्रमाणित बीज किसानों का उपलब्ध कराए जाएंगे, वहीं बीज उत्पादन कार्यक्रम में भी दस प्रतिशत की वृध्दि की गयी है। इस वर्ष खरीफ में 38 लाख 14 हजार हेक्टेयर में अनाज की फसलें, चार लाख 25 हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलें और तीन लाख 65 हजार हेक्टेयर में तिलहनी फसलों की खेती की जाएगी।
      अधिकारियों ने बताया कि अनाज की फसलों के तहत 35 लाख 60 हजार हेक्टेयर में धान और एक लाख 80 हजार रकबे में मक्के की फसल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी तरह दलहनी फसलों के अंतर्गत एक लाख 50 हजार हेक्टेयर में अरहर, दो लाख 15 हजार हेक्टेयर में उड़द और मूंग तथा 63 हजार हेक्टेयर में अन्य दलहनी फसलों को लिया जाएगा। तिलहनी फसलों के तहत एक लाख 50 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन और एक लाख 6 हजार हेक्टेयर में रामतिल के फसलों की बोनी का कार्यक्रम बनाया गया है। एक लाख 9 हजार हेक्टेयर में तिलहन की अन्य फसलें भी लगायी जाएंगी। कृषि विभाग द्वारा आगामी खरीफ में 61 लाख 84 हजार मीटरिक टन अनाज, दो लाख 14 हजार मीटरिक टन दलहन और तीन लाख 5 हजार मीटरिक टन तिलहन के उत्पादन की कार्ययोजना बनायी गयी है। 

     क्रमांक- 609/पवन




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