जलवायु और बाजार की जरूरतों के अनुरूप खेती को दें नई दिशा : कृषि मंत्री श्री साहू
रायपुर, 22 फरवरी 2011
कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि आज जलवायु और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमें खेती को एक नई दिशा देनी होगी। खुशहाल और समृध्द जीवन के लिए किसानों को कृषि के
साथ-साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी आदि फसलों की खेती को भी अपनाकर कम से कम जगह में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन प्राप्त कर अतिरिक्त आय के साधन जुटाने होंगे। कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू आज धमतरी जिले के तहसील मुख्यालय कुरूद में किसान बीज उत्पादक एवं बहुउद्वेशीय सहकारी समिति द्वारा आयोजित एक दिवसीय कृषि विज्ञान मेला को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए।
कृषि मंत्री श्री साहू ने किसानों से खेती किसानी के कार्यो में रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने, मिट्टी का परीक्षण कराने और जैविक खेती को अपनाने की सलाह दी। श्री साहू ने प्रदेश के किसानों द्वारा मक्का और सोयाबीन जैसी लाभकारी फसलों की खेती की ओर अग्रसर होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि आज बड़ी संख्या में बस्तर के किसानों द्वारा मक्के की खेती तथा राजनांदगाँव, कवर्धा, दुर्ग और बिलासपुर जिले के किसानों द्वारा सोयाबीन की फसलें भी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि कृषि हेतु विद्युत पम्प के लंबित कनेक्शनों को स्थायी कनेक्शन करने की दिशा में प्रयास किए जा रहें हैं। श्री साहू ने किसानों से कृषि के क्षेत्र में हो रहे नये प्रयोगों और आधुनिक खेती को अपनाने का आव्हान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने कहा कि किसान मेलो के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचार को किसानों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि रोजगार के सभी क्षेत्रों में कृषि क्षेत्र की भूमिका हमेशा से ही अग्रणी रही है। रबी फसलों के लिए रविशंकर जलाशय गंगरेल से सिंचाई पानी देने पर श्री चन्द्राकर ने राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। इस कृषि विज्ञान मेला में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र और कृषि उपज मंडी द्वारा स्टाल लगाकर किसानों को राज्य शासन की विभिन्न कृषक कल्याणकारी योजनाओं और उन्हें दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ के उपाध्यक्ष श्री प्रवीण चन्द्राकर, कृषि उपज मंडी कुरूद के अध्यक्ष श्री झागेश्वर ध्रुव, संचालक कृषि श्री प्रताप राव कृदत्त, संचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ0 एस0के0 पाण्डेय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के संचालक अनुसंधान सेवा डॉ0 एस0के0 पाटिल सहित कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

