छत्तीसगढ़ में केले की खेती : आठ हजार से अधिक किसानों को मिली 1.84 करोड़ की सहायता
रायपुर, 08 मई 2011
छत्तीसगढ़ में केले की खेती के लिए अनुकूल जलवायु होने और किसानों को सीमित भूमि में अधिक आमदनी प्राप्त कराने राज्य सरकार द्वारा केला उत्पादन के लिए किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया करायी जा रही है। राज्य शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में सघन केला उत्पादन कार्यक्रम के तहत आठ हजार 201 किसानों को उनके खेतों में केले के प्रदर्शन लगाने के लिए एक करोड़ 84 लाख 52
हजार रूपए की आर्थिक मदद उपलब्ध करायी गयी है।
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सीमित भूमि में अधिक आमदनी प्राप्त करने में केले की खेती आज एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में स्थापित हो रही है। प्रदेश में केला उत्पादन के लिए उपयुक्त जलवायु को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा किसानों को केले की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिए सघन केला उत्पादन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत किसानों के खेतों के 1/10 हेक्टेयर में केले के प्रदर्शन लगाए जाते है। प्रदर्शन के लिए किसानों को दो हजार 250 रूपए अनुदान के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है। किसानों को केला के टिशुकल्चर पौधे और पौध उपचार के लिए आवश्यक दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाती है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2008-09 में दो हजार 667 किसानों और वर्ष 2009-10 में दो हजार 534 किसानों को यह अनुदान सहायता दी गयी है। इसी तरह वर्ष 2010-11 में तीन हजार किसानों के यहां केले के प्रदर्शन लगाकर उन्हें लाभान्वित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 13 जिलों में केला विकास योजना का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। जिसके तहत किसानों को केला फलोद्यान के लिए बैंक से ऋण लेने पर लागत का 25 प्रतिशत अनुदान राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

