छत्तीसगढ़ के पांच जिलों में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू होगी
ड्रिप सिंचाई के लिए किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान
रायपुर, 21 मार्च 2011
प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के पांच जिलों में आगामी एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष 2011-12 में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की जाएगी। इस योजना के लिए प्रथम चरण में राज्य शासन द्वारा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और सरगुजा जिलों का चयन किया गया है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था में यहां के 33 लाख अन्नदाता किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खेती-किसानी को बढ़ावा देने और किसानों की समृध्दि के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि मेहनतकश किसानों की बदौलत ही गत वर्ष राज्य की कृषि विकास की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक 4.9 प्रतिशत रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान से राहत देने प्रथम चरण के तहत प्रदेश के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, सरगुजा (अंबिकापुर) और बिलासपुर जिलों में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की जाएगी। इसके लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को ड्रिप सिंचाई के लिए अब 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। ड्रिप सिंचाई के लिए अभी तक 50 प्रतिशत अनुदान केन्द्र सरकार द्वारा और 30 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा था। जिसमें राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान 30 प्रतिशत को बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2011-12 के बजट में 22 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान भी किया गया है।
श्री साहू ने बताया कि प्रदेश के किसानों को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए प्रदेश में शाकम्भरी योजना और किसान समृध्दि योजना का संचालन किया जा रहा है। शाकम्भरी योजना के तहत किसानों द्वारा सिंचाई पंपो की बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी वर्ष के बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया गया है। कम समय और कम मेहनत में किसान अधिक उत्पादन प्राप्त कर सके इसके लिए उन्हें उन्नत कृषि यंत्र भी अनुदान में प्रदान किए जा रहे है। कृषि यंत्रों के लिए केन्द्रीय योजनाओं के तहत दिए जा रहे 25 प्रतिशत अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा भी 25 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में उन्नत कृषि यंत्रों पर मूल्य आधारित कर (वेट) को भी समाप्त किया गया है और चकबंदी हेतु कृषि भूमि के अदला-बदली पर किसानों को पंजीयन शुल्क से भी शतप्रतिशत छूट दी जा रही है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था में यहां के 33 लाख अन्नदाता किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खेती-किसानी को बढ़ावा देने और किसानों की समृध्दि के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि मेहनतकश किसानों की बदौलत ही गत वर्ष राज्य की कृषि विकास की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक 4.9 प्रतिशत रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान से राहत देने प्रथम चरण के तहत प्रदेश के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, सरगुजा (अंबिकापुर) और बिलासपुर जिलों में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की जाएगी। इसके लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को ड्रिप सिंचाई के लिए अब 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। ड्रिप सिंचाई के लिए अभी तक 50 प्रतिशत अनुदान केन्द्र सरकार द्वारा और 30 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा था। जिसमें राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान 30 प्रतिशत को बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2011-12 के बजट में 22 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान भी किया गया है।
श्री साहू ने बताया कि प्रदेश के किसानों को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए प्रदेश में शाकम्भरी योजना और किसान समृध्दि योजना का संचालन किया जा रहा है। शाकम्भरी योजना के तहत किसानों द्वारा सिंचाई पंपो की बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी वर्ष के बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया गया है। कम समय और कम मेहनत में किसान अधिक उत्पादन प्राप्त कर सके इसके लिए उन्हें उन्नत कृषि यंत्र भी अनुदान में प्रदान किए जा रहे है। कृषि यंत्रों के लिए केन्द्रीय योजनाओं के तहत दिए जा रहे 25 प्रतिशत अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा भी 25 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में उन्नत कृषि यंत्रों पर मूल्य आधारित कर (वेट) को भी समाप्त किया गया है और चकबंदी हेतु कृषि भूमि के अदला-बदली पर किसानों को पंजीयन शुल्क से भी शतप्रतिशत छूट दी जा रही है।
क्रमांक-6626/पवन

