उथले नलकूपों के लिए किसानों को नौ करोड़ रूपए की मदद
इस वर्ष तीन हजार किसानों को मिलेगी छह करोड़ रूपए की सहायता
रायपुर, 10 मई 2011

नदी कछार वाले इलाकों में उथले नलकूप स्थापित करने के लिए छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की ओर से साढ़े चार हजार किसानों को पिछले दो साल में नौ करोड़ रूपए की सहायता दी गयी है। कृषि विभाग द्वारा संचालित राजिम भक्तिन धारा योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में तीन हजार किसानों को उथले नलकूप (सेलोटयूबवेल) स्थापित करने के लिए छह करोड़ रूपए की अनुदान सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत ऊंचे भू-जल स्तर वाली भुमि और नदी-कछार क्षेत्रों में बीस से पच्चीस मीटर की गहराई के उथले नलकूपों का खनन और उस पर पंप लगाने के लिए प्रदेश के लघु सीमांत किसानों को बीस हजार रूपए की अनुदान सहायता दी जाती है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने हर संभव मदद दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के नदी कछार क्षेत्रों और ऊंचे जल स्तर वाली भूमि में नलकूप खोदने से कम गहराई में ही पानी मिल जाता है। राज्य शासन द्वारा ऐसी जमीन पर खेती के लिए किसानों को कम लागत में पूरे साल पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उथले नलकूप स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री साहू ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भू-जल के संरक्षण और किसानों को कम लागत में अधिक फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश में राजिम भक्तिन धारा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत एक हेक्टेयर जोत आकार वाले छोटे किसानों को प्राथमिकता के आधार पर उथले नलकूप के लिए बीस हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें पांच हजार रूपए नलकूप खनन के लिए और 15 हजार रूपए उसमें सेंन्ट्रीफ्यूगल अथवा सबमर्सिबल पम्प प्रतिस्थापन के लिए दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2009-10 में प्रदेश के एक हजार किसानों को उथले नलकूपों के लिए दो करोड़ रूपए तथा वर्ष 2010-11 में साढ़े तीन हजार किसानों को सात करोड़ रूपए की अनुदान सहायता दी गयी है।
श्री साहू ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में प्रदेश में तीन हजार उथले नलकूपों की की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है इसके लिए किसानों को छह करोड़ रूपए की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान अपने नदी कछार क्षेत्र के खेतों में उथले नलकूप स्थापित करने के लिए संबंधित क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।

