रबी 2009-10 की समीक्षा: छत्तीसगढ़ में गेहूं और दलहन-तिलहन की पैदावार बढ़ने की संभावना
रायपुर 07 मई 2010
कृषि विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ में चालू रबी मौसम वर्ष 2009-10 के दौरान गेहूं और दलहन-तिलहन की फसलों के उत्पादन में उत्साहजनक वृध्दि होने का अनुमान लगाया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में इस अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के रबी मौसम में गेहूं के रकबे में 11 प्रतिशत, दलहनी फसलों के रकबे में 05 प्रतिशत और तिलहनी फसलों के रकबे में 02 प्रतिशत की वृध्दि दर्ज की गयी है। इसे देखते हुए चालू रबी सीजन की होने वाली फसल कटाई में इनका उत्पादन बढ़ने की प्रवल संभावना कृषि विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त की जा रही है। इस दौरान पिछले वर्ष की तुलना में प्रदेश में दलहनी फसलों का उत्पादन 16 प्रतिशत और तिलहनी फसलों का उत्पादन 15 प्रतिशत बढ़ने की संभावना व्यक्त की गयी है।
कृषि विशेषज्ञों ने चालू रबी मौसम वर्ष 2009-10 के दौरान राज्य में राज्य में गेहू का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत बढ़कर दो लाख 37 हजार मीटरिक टन होने का अनुमान लगाया है। इसी प्रकार दलहनी फसलों का उत्पादन पिछले वर्ष से सोलह प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में चालू रबी मौसम के दौरान दलहनी फसलों का कुल उत्पादन छह लाख 19 हजार मीटरिक टन होना अनुमानित किया गया है। इस दौरान प्रदेश में तिलहनी फसलों का उत्पादन एक लाख 54 हजार मीटरिक टन तक पहुंच सकता है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक होगा। छत्तीसगढ में रबी मौसम में एक लाख 82 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की फसल ली गयी है। इस दौरान प्रदेश में साढ़े 82 हजार हेक्टेयर रकबे में ग्रीष्म कालीन धान की खेती की गयी है। प्रदेश में तीन लाख 35 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में चना की फसल लगाई गयी है, जिसका उत्पादन तीन लाख 53 हजार मीटरिक टन अनुमानित किया गया है। इसी प्रकार तीन लाख 93 हजार हेक्टेयर में लगी तिवड़ा की फसल से दो लाख 16 हजार मीटरिक टन और एक लाख 61 हजार हेक्टेयर रकबे में लगी राई-सरसों की फसल से 88 हजार मीटरिक टन उत्पादन की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों द्वारा चालू रबी मौसम में 87 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गयी अलसी की फसल से 37 हजार मीटरिक टन उत्पादन की संभावना व्यक्त की गयी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू रबी मौसम के दौरान राज्य में सोलह लाख 14 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं, चना, तिवड़ा, राई-सरसों, अलसी, मूंंग, मटर सहित विभिन्न फसलों की बोनी की गयी है। चालू रबी मौसम में दो लाख 89 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अनाज, आठ लाख 54 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में दलहनी और दो लाख 92 हजार हेक्टेयर रकबे में तिलहनी फसलें ली जा रही हैं। प्रदेश में गन्ना, साग-सब्जी सहित अन्य फसलों का रकबा एक लाख 80 हजार हेक्टेयर है।

