किसानों को ग्रीष्मकालीन धान का उचित मूल्य दिलाना सुनिश्चित किया जाए- कृषि मंत्री श्री साहू
रायपुर, 24 मई 2011
प्रदेश के किसानों को ग्रीष्मकालीन धान का उचित मूल्य मिले और उनका शोषण न हो यह सुनिश्चित करने के लिए कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने आज यहां मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक ली। मंत्रालय में आयोजित बैठक में श्री साहू ने मंडियों में किसानों के ग्रीष्मकालीन धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम बिक्री की जानकारी मिलने पर चिंता जाहिर की और कहा कि किसानों का शोषण न हो यह सुनिश्चित किया जाए। राज्य शासन की नीति के अनुसार ग्रीष्मकालीन धान को समर्थन मूल्य पर प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से उपार्जित नही किया जा रहा है, जिसके कारण मंडियों में धान की आवक में वृध्दि हुई है। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि श्री डी.एस.मिश्रा ,संचालक कृषि श्री पी. एस. कृदत्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।कृषि मंत्री श्री साहू ने मार्कफेड और मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों द्वारा लाए गए एफ ए क्यू गुणवत्ता के धान की नीलामी में कीमत समर्थन मूल्य या उससे अधिक प्राप्त हो इसका ध्यान रखा जाए। यदि किसान नीलामी में विक्रय मूल्य से सहमत नही होता है तो उसे मंडी प्रांगण में अपने जोखिम पर कुछ समय के लिए किसी शेड या गोदाम में उपज रखने की सुविधा दी जाए ताकि बाजार भाव में सुधार आने पर वह अपने उपज की नीलामी कर सके। जिसके कारण मंडियों में धान की आवक में वृध्दि हुई है। उन्होने अधिकारियों से भारतीय खाद्य निगम को ग्रीष्मकालीन धान की खरीदी के लिए प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। उन्होने नाफेड से चना और मक्का की खरीदी के संबंध में भी चर्चा करने के निर्देश दिए। वर्तमान में सभी सहकारी समितियों में मक्का की खरीदी की जा रही है। उन्होने पशुधन विकास के लिए समन्वित कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
क्रमांक-893/हर्षा

