रामतिल उत्पादन प्रोत्साहन योजना- साढ़े तेईस हजार से अधिक किसानों को मिली बीस लाख रूपए की सहायता
बीज खरीदने से लेकर कृषि यंत्रों तक अनुदान का प्रावधान
रायपुर 22 अप्रैल 2010
छत्तीसगढ़ में रामतिल की खेती के लिए तेईस हजार 744 किसानों को पिछले वित्तीय वर्ष में 19 लाख साठ हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी गयी है। किसानों को यह सहायता रामतिल के बीजों की खरीदी से लेकर प्रदर्शन आयोजित करने, खाद उपलब्ध कराने सहित कृषि यंत्रों की खरीदी और जैविक तत्वों के लिए भी अनुदान के रूप में दी गई है। योजना के तहत दो हजार 21 महिला किसानों को भी रामतिल की खेती के लिए आर्थिक सहायता उपलब्घ कराई गयी है। प्रदेश में रामतिल का उत्पादन बढ़ाने के लिए पांच जिलों जशपुर, सरगुजा, बस्तर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) और उत्तर बस्तर (कांकेर) में रामतिल उत्पादन प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को रामतिल बीजों के तीन हजार एक सौ मिनीकिट वितरित किए गए है। किसानों ने शासकीय अनुदान पर लगभग 132 क्विंटल रामतिल के प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं। योजना के तहत रामतिल उत्पादन की उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के लिए किसानों के 175 एकड़ों खेतों में खंड प्रदर्शन भी लगाए गए। किसानों को दो हजार 115 हस्त चलित और बैल चलित कृषि यंत्रों की खरीदी के लिए दो लाख 40 हजार रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गयी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश में रामतिल का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना इस वर्ष भी संचालित की जाएगी। योजना के तहत रामतिल के प्रजनक बीज की खरीदी पर किसानों को छह हजार 500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा है। इसी प्रकार रामतिल के आधार बीज उत्पादन के लिए 500 रूपए प्रति क्विंटल का अनुदान किसानों को मिलेगा। रामतिल उत्पादन प्रोत्साहन योजना के तहत अपने खेतों में खण्ड प्रदर्शन आयोजित करने के लिए भी किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि रामतिल के प्रमाणित बीज उत्पादन के तहत किसानों को 500 रूपए प्रति क्विंटल और प्रमाणित बीज वितरण पर 800 रूपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत फसल में बीजोपचार, जैविक कल्चरों का प्रयोग सहित जिंक सल्फेट और जिप्सम जैसे सुक्ष्म तत्वों वाली खाद के उपयोग के लिए भी 200 रूपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत किसानों के समूह बनाकर रामतिल उत्पादन की उन्नत तकनीकों की जानकारी के लिए प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश में रामतिल का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना इस वर्ष भी संचालित की जाएगी। योजना के तहत रामतिल के प्रजनक बीज की खरीदी पर किसानों को छह हजार 500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा है। इसी प्रकार रामतिल के आधार बीज उत्पादन के लिए 500 रूपए प्रति क्विंटल का अनुदान किसानों को मिलेगा। रामतिल उत्पादन प्रोत्साहन योजना के तहत अपने खेतों में खण्ड प्रदर्शन आयोजित करने के लिए भी किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि रामतिल के प्रमाणित बीज उत्पादन के तहत किसानों को 500 रूपए प्रति क्विंटल और प्रमाणित बीज वितरण पर 800 रूपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत फसल में बीजोपचार, जैविक कल्चरों का प्रयोग सहित जिंक सल्फेट और जिप्सम जैसे सुक्ष्म तत्वों वाली खाद के उपयोग के लिए भी 200 रूपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत किसानों के समूह बनाकर रामतिल उत्पादन की उन्नत तकनीकों की जानकारी के लिए प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
क्रमांक-416/नागेश

