उद्योग नीति और एम.ओ.यू. की शर्तो का पालन सुनिश्चित किया जाए : श्री बघेल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की समीक्षा बैठक
रायपुर 18 अप्रैल 2011

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि राज्य में विभिन्न उद्योगों की स्थापना के लिए संबंधित कम्पनियों और निवेशकों द्वारा प्रदेश सरकार के साथ किए गए एम.ओ.यू. के अनुरूप परियोजनाओं का क्रियान्वयन हो और उनमें एम.ओ.यू. की शर्तों का अक्षरश: पालन किया जाए। श्री बघेल आज यहां मंत्रालय के नजदीक राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में इन कम्पनियों के एम.ओ.यू. की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। श्री बघेल ने निवेशकों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप प्रदेश सरकार की उद्योग नीति का भी गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए, ताकि उद्योगों में स्थानीय बेरोजगारों को पर्याप्त संख्या में रोजगार मिल सके।
इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य और उद्योग मंत्री राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि विभिन्न परियोजनाओं का क्रियान्वयन एम.ओ.यू. के अनुसार समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए और यदि इसमें कोई कठिनाई आती है तो राज्य शासन के ध्यान में लाया जाए ताकि उसका जल्द निराकरण हो सके। श्री बघेल ने एम.ओ.यू. वाले उद्योगों में पूंजी निवेश और उनकी प्रगति की बिन्दुवार जानकारी ली।
श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बनाने में राज्य शासन द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की शांति प्रिय एवं मेहनतकश जनता के मन में लम्बे समय से आंकाक्षा रही है कि उनका राज्य देश के आर्थिक रूप से विकसित राज्यों की श्रेणी में अपना एक प्रमुख स्थान बनाए। इसकी पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा राज्य में विभिन्न औद्याेगिक इकाईयों की स्थापना के लिए विभिन्न औद्योगिक कम्पनियों से एम.ओ.यू. किए गए हैं। कम्पनियों को एम.ओ.यू. की शर्तों का पालन गंभीरता से करना चाहिए। श्री बघेल ने अधिकारियों को जिला स्तर पर भी सभी संबंधित कम्पनियों के एम.ओ.यू. की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के प्रतिनिधि एवं निवेशक उपस्थित थे।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री बघेल ने बैठक में जिन कम्पनियों के एम.ओ.यू. से संबंधित दस्तावेज की समीक्षा की, उनमें राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एन.एम.डी.सी.) हैदराबाद, टाटा स्टील लिमिटेड मुम्बई, एस्सार स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड हजीरा, प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेड हिसार, एम.एस.पी. स्टील एण्ड पावर लिमिटेड कोलकाता, महेन्द्र स्पंज एण्ड पावर लिमिटेड रायपुर, हिन्द इनर्जी एण्ड कोल बेनीफिसियेशन (इंडिया) प्रा.लि. बिलासपुर, सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड नागपुर, शांति जी.डी. इस्पात एण्ड पावर प्रायवेट लिमिटेड रायपुर, अंजनी स्टील प्रायवेट लिमिटेड रायगढ़, जय बालाजी इंडस्ट्रीज लिमिटेड कोलकाता, श्याम सेन्चुरी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड रायपुर, गोदावरी पावर एण्ड स्टील लिमिटेड रायपुर, खेतान स्पंज एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रायवेट लिमिटेड रायपुर, नोवा आयरन एण्ड स्टील लिमिटेड बिलासपुर और सत्या पावर एण्ड स्टील प्रायवेट लिमिटेड बिलासपुर शामिल हैं।
प्रारंभ में उद्योग विभाग के सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और विभिन्न विभागों के स्तर पर निवेशकों के लंबित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री देवेन्द्र सिंह सहित वाणिज्य और उद्योग विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य और उद्योग मंत्री राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि विभिन्न परियोजनाओं का क्रियान्वयन एम.ओ.यू. के अनुसार समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए और यदि इसमें कोई कठिनाई आती है तो राज्य शासन के ध्यान में लाया जाए ताकि उसका जल्द निराकरण हो सके। श्री बघेल ने एम.ओ.यू. वाले उद्योगों में पूंजी निवेश और उनकी प्रगति की बिन्दुवार जानकारी ली।
श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बनाने में राज्य शासन द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की शांति प्रिय एवं मेहनतकश जनता के मन में लम्बे समय से आंकाक्षा रही है कि उनका राज्य देश के आर्थिक रूप से विकसित राज्यों की श्रेणी में अपना एक प्रमुख स्थान बनाए। इसकी पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा राज्य में विभिन्न औद्याेगिक इकाईयों की स्थापना के लिए विभिन्न औद्योगिक कम्पनियों से एम.ओ.यू. किए गए हैं। कम्पनियों को एम.ओ.यू. की शर्तों का पालन गंभीरता से करना चाहिए। श्री बघेल ने अधिकारियों को जिला स्तर पर भी सभी संबंधित कम्पनियों के एम.ओ.यू. की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के प्रतिनिधि एवं निवेशक उपस्थित थे।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री बघेल ने बैठक में जिन कम्पनियों के एम.ओ.यू. से संबंधित दस्तावेज की समीक्षा की, उनमें राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एन.एम.डी.सी.) हैदराबाद, टाटा स्टील लिमिटेड मुम्बई, एस्सार स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड हजीरा, प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेड हिसार, एम.एस.पी. स्टील एण्ड पावर लिमिटेड कोलकाता, महेन्द्र स्पंज एण्ड पावर लिमिटेड रायपुर, हिन्द इनर्जी एण्ड कोल बेनीफिसियेशन (इंडिया) प्रा.लि. बिलासपुर, सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड नागपुर, शांति जी.डी. इस्पात एण्ड पावर प्रायवेट लिमिटेड रायपुर, अंजनी स्टील प्रायवेट लिमिटेड रायगढ़, जय बालाजी इंडस्ट्रीज लिमिटेड कोलकाता, श्याम सेन्चुरी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड रायपुर, गोदावरी पावर एण्ड स्टील लिमिटेड रायपुर, खेतान स्पंज एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रायवेट लिमिटेड रायपुर, नोवा आयरन एण्ड स्टील लिमिटेड बिलासपुर और सत्या पावर एण्ड स्टील प्रायवेट लिमिटेड बिलासपुर शामिल हैं।
प्रारंभ में उद्योग विभाग के सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और विभिन्न विभागों के स्तर पर निवेशकों के लंबित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री देवेन्द्र सिंह सहित वाणिज्य और उद्योग विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक-282/लहरे

