स्वस्थ्य छत्तीसगढ़ से समृध्द छत्तीसगढ़ का निर्माण : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने किया स्टेम सेल लैब का लोकार्पण
रायपुर, 6 अप्रैल 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में बायोकेमेस्ट्री विभाग में निर्मित स्टेम सेल लैब का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006-07 में मुख्यमंत्री द्वारा विभाग में स्टेम सेल पर आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में घोषणा की गई कि मेडिकल कॉलेज रायपुर में एक स्टेम सेल लैब की स्थापना की जाएगी। इसी घोषणा के तहत आज इसका लोकार्पण किया गया । इसके लिए मुख्यमंत्री ने स्वस्थ्य मंत्री सहित मेडिकण्ल कॉलेज से जुड़े पूरी टीम को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिकलसेल की बीमारी से एक बड़ा वर्ग प्रभावित है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए वर्ष 2004-05 में सिकलसेल विकृति नियंत्रण कार्यक्रम की शुरूआत की गई, इसके लिए बायोकेमेस्ट्री विभाग में 3 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए अलग से सिकलसेल स्क्रीनिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया। डॉ. सिंह ने कहा कि नवरात्रि पर्व के दौरान स्वास्थ्य सुविधओं के क्षेत्र में लोगों को एक बड़ी चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान ने आज चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में काफी तरक्की की है। वर्तमान में विभिन्न बीमारियों से निपटने के लिए नये-नये तकनीक एवं उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसी कड़ी में आज स्टेम सेल लैब का लोकार्पण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ्य छत्तीसगढ़ से समृध्द छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा। बिना स्वास्थ्य के प्रदेश में समृध्दि नही आ सकती। डॉ. सिंह ने कहा कि दोनों विषयों को फोकस कर प्रदेश सरकार कार्य योजना बना रही है। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के निरीक्षण के बाद जुलाई 2011 से स्टेम सेल लैब कार्य प्रारंभ करना शुरू कर देगा। अधिकारियों ने बताया कि संभवत: यह राज्य शासन द्वारा संचालित यह देश का प्रथम मेडिकल कॉलेज होगा जहां इस प्रकार का अत्याधुनिक शोध केन्द्र है। इस लैब में सिकलसेल, लीवर सिरोसिस, बर्न, डायबिटीज, व अल्सर जैसी बीमारियों का इलाज संभव होगा। अधिकारियों ने बताया कि तीन चरणों में यह लैब शुरू होगा, इनमें रिसर्च, स्टेम सेल बैकिंग एवं मरीजों का इलाज शामिल है। समारोह में डॉ. सिंह ने क्षेत्रीय कैंसर संस्थान रायपुर द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मरीजों की सुविधा के लिए दो नग बैटरी चलित वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना कर लोकार्पण किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि आज हमारे मेडिकल कॉलेज का नाम एक गौरवाशाली दिन के रूप में लिखा जाएगा। स्टेम सेल लैब का लोकार्पण प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसमें सिकलसेल सहित अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज अब संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को छोड़कर देश भर के किसी भी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्टेम सेल लैब की सुविधा नहीं है। छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र राज्य है राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज को यह उपलब्धि हासिल होने जा रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के मामले में अब छत्तीसगढ़ की पहचान अब पूरे देश में होने लगेगी। मुख्यमंत्री के प्रयासों से यह सब संभव होने जा रहा है। जिन्होंने बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया। इसके लिए उन्होंने डॉ. रमन सिंह एवं चिकित्सा महाविद्यालय की टीम को बधाई दी।
स्वागत भाषण चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सी.के शुक्ला ने दिया। समारोह को चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. सुबीर मुखर्जी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं पद्मश्री सम्मान से विभुषित डॉ. ए.टी. दाबके, बायोकेमेस्ट्री विभाग के प्रमुख डॉ. बी.के.पात्रा सहित चिकित्सा महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राए उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिकलसेल की बीमारी से एक बड़ा वर्ग प्रभावित है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए वर्ष 2004-05 में सिकलसेल विकृति नियंत्रण कार्यक्रम की शुरूआत की गई, इसके लिए बायोकेमेस्ट्री विभाग में 3 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए अलग से सिकलसेल स्क्रीनिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया। डॉ. सिंह ने कहा कि नवरात्रि पर्व के दौरान स्वास्थ्य सुविधओं के क्षेत्र में लोगों को एक बड़ी चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान ने आज चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में काफी तरक्की की है। वर्तमान में विभिन्न बीमारियों से निपटने के लिए नये-नये तकनीक एवं उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसी कड़ी में आज स्टेम सेल लैब का लोकार्पण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ्य छत्तीसगढ़ से समृध्द छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा। बिना स्वास्थ्य के प्रदेश में समृध्दि नही आ सकती। डॉ. सिंह ने कहा कि दोनों विषयों को फोकस कर प्रदेश सरकार कार्य योजना बना रही है। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के निरीक्षण के बाद जुलाई 2011 से स्टेम सेल लैब कार्य प्रारंभ करना शुरू कर देगा। अधिकारियों ने बताया कि संभवत: यह राज्य शासन द्वारा संचालित यह देश का प्रथम मेडिकल कॉलेज होगा जहां इस प्रकार का अत्याधुनिक शोध केन्द्र है। इस लैब में सिकलसेल, लीवर सिरोसिस, बर्न, डायबिटीज, व अल्सर जैसी बीमारियों का इलाज संभव होगा। अधिकारियों ने बताया कि तीन चरणों में यह लैब शुरू होगा, इनमें रिसर्च, स्टेम सेल बैकिंग एवं मरीजों का इलाज शामिल है। समारोह में डॉ. सिंह ने क्षेत्रीय कैंसर संस्थान रायपुर द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मरीजों की सुविधा के लिए दो नग बैटरी चलित वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना कर लोकार्पण किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि आज हमारे मेडिकल कॉलेज का नाम एक गौरवाशाली दिन के रूप में लिखा जाएगा। स्टेम सेल लैब का लोकार्पण प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसमें सिकलसेल सहित अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज अब संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को छोड़कर देश भर के किसी भी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्टेम सेल लैब की सुविधा नहीं है। छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र राज्य है राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज को यह उपलब्धि हासिल होने जा रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के मामले में अब छत्तीसगढ़ की पहचान अब पूरे देश में होने लगेगी। मुख्यमंत्री के प्रयासों से यह सब संभव होने जा रहा है। जिन्होंने बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया। इसके लिए उन्होंने डॉ. रमन सिंह एवं चिकित्सा महाविद्यालय की टीम को बधाई दी।
स्वागत भाषण चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सी.के शुक्ला ने दिया। समारोह को चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. सुबीर मुखर्जी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं पद्मश्री सम्मान से विभुषित डॉ. ए.टी. दाबके, बायोकेमेस्ट्री विभाग के प्रमुख डॉ. बी.के.पात्रा सहित चिकित्सा महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राए उपस्थित थे।
क्रमांक-108/ लोन्हारे

