उपभोक्ता जागरण योजना को मिली भारी लोकप्रियता : डॉ. रमन सिंह
चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन
रायपुर, 06 अप्रैल 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य में सात वर्षो में खेती-किसानी और उद्योग व्यापार सहित हर क्षेत्र में उत्साहजनक प्रगति हुई है, जिसका प्रभाव आम जनता के जीवन में भी दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को उपभोक्ता के रूप में अपने कानूनी अधिकारों की अधिक से अधिक जानकारी होनी चाहिए। जागरण पुरस्कार योजना की शुरूआत की है। यह इस योजना दूसरा वर्ष था। इस छोटी से अवधि में प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के बीच योजना को भारी लोकप्रियता मिली है। इसका प्रमाण यह है कि इस बार लगभग दो लाख उपभोक्ताओं ने दुकानों से खरीदे गये सामानों के कैश मेमो के आधार पर योजना के लकी ड्रा में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने आज शाम यहां वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ उपभोक्ता जागरण पुरस्कार योजना 2010 के लकी ड्रा समारोह को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापर जगत के लिए काफी बेहतर माहौल है। हमारे व्यापारी यहां सम्मानपूर्वक अपना व्यापार कर सकें, इसके लिए राज्य सरकार उन्हें भी हर संभव सहयोग दे रही है। उनकी सुविधा के लिए वाणिज्यिक कर जांच चौकियां प्रायोगिक तौर पर इस वित्तीय वर्ष में एक साल के लिए समाप्त की गयी है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक को एक उपभोक्ता के रूप में बाजार से सामान खरीदना पड़ता है। खरीदे गए सामान की वाजिब कीमत और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक उपभोक्ता को दुकानदार से बिल अथवा कैश मेमो जरूर लेना चाहिए। इसके लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करना इस पुरस्कार योजना का उददेश्य है। इसके उत्साहजनक नतीजे मिल रहे हैं। वाणिज्यिक कर विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए पांच हजार 186 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य था। विभाग को इसमें लक्ष्य से अधिक सफलता मिली और पांच हजार 650 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जो लक्ष्य से 464 करोड़ रूपए अधिक, लक्ष्य का 109 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में गत वर्ष की तुलना में राजस्व में 24 प्रतिशत से अधिक की वृध्दि हुई है। अध्यक्षीय आसंदी से वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने भी समारोह को सम्बोधित किया। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए उदार एवं सहज-सरल नीतियां लागू की है। टैक्स प्रणाली को भी सरल बनाया गया है, ताकि व्यापारियों को असुविधा न हो, कर अपवंचन की प्रवृत्ति को हतोत्साहित किया जाए और प्रदेश सरकार को भी पर्याप्त राजस्व मिल सके। वाणिज्यिक कर विभाग आयुक्त एवं सचिव श्री गणेश शंकर मिश्रा ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। श्री मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2010 के लिए उपभोक्ता जागरण पुरस्कार योजना त्यौहारी सीजन के दौरान नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस, दीपावली और क्रिसमस की अवधि में 11 अक्टूबर 2010 से 31 दिसम्बर 2010 के बीच की गयी खरीदी पर लागू की गयी थी। इसमें आम उपभोग की 24 वस्तुओं को शामिल किया गया था। योजना में हिस्सा लेने के लिए पांच सौ रूपए या इससे अधिक राशि की वस्तु खरीदी का बिल होना अनिवार्य था। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 'कर मुद्रिका' पुस्तिका का विमोचन किया।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, ब्रेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री देवजीभाई पटेल, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, राज्य अल्प संख्यक आयोग के सदस्य श्री दिलीप सिंह होरा, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री अजय सिंह, छत्तीसगढ़ चेम्बर के अध्यक्ष श्री श्रीचंद सुन्दरानी तथा चेम्बर के पदाधिकारियों सहित काफी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

