भ्रष्टाचार और आतंकवाद से देश को बचाने का संकल्प लेने का आव्हान : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शामिल हुए महाराणा प्रताप जयंती समारोह में
रायपुर, 12 जून 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि देशवासियों को महाराणा प्रताप की प्रेरणादायक जीवन गाथा से प्रेरणा लेकर भारत से भ्रष्टाचार, हिंसा, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर राष्ट्रीय समस्याओं का मुकाबला करने और इन समस्याओं से राष्ट्र को बचाने का संकल्प लेना होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान देशभक्त थे, जिन्होंने राष्ट्र की आजादी और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना कठिन संघर्ष किया था।
मुख्यमंत्री ने आज शाम यहां विवेकानंद सरोवर के सामने इंडोर स्टेडियम में महाराणा प्रताप जंयती समारोह और प्रदेश स्तरीय सर्व राजपूत सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए। उन्होंने महाराणा प्रताप के विशाल चित्र पर माल्यार्पण के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर डॉ. बृजेश सिंह की पुस्तक 'चेतक' का भी विमोचन किया। आयोजकों ने विशाल पुष्पमाला पहनाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। समारोह का आयोजन राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ, राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ रहटादाह और क्षत्रिय कल्याण सभा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज अपनी संगठन शक्ति से ही आगे बढ़ सकता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्र भक्त की याद में आज के इस महत्वपूर्ण समारोह का आयोजन राजपूत समाज के विभिन्न संगठनों ने एक साथ मिलकर किया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आयोजकों को बधाई और सभी लोगों को महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामनाएं दी। डॉ. रमन सिंह ने लोगों को अपने विकास के लिए विभिन्न सामाजिक बुराईयों से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि राजपूत क्षत्रिय समाज को भी अन्य समाजों की तरह दहेज विहीन सामूहिक विवाह समारोह जैसे रचनात्मक आयोजन करने चाहिए। डॉ. रमन सिंह ने राजपूत क्षत्रिय समाज को राजधानी रायपुर में आवंटित जमीन का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज द्वारा इस भूमि पर प्रस्तावित सामुदायिक भवन के इस्तेमाल की सुविधा अन्य समाजों को भी दी जानी चाहिए। इससे सामाजिक समरसता की भावना को मजबूती मिलेगी। समारोह में लोकसभा सांसद श्री दिलीप सिंह जूदेव ने इस सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए पांच लाख रूपए की धनराशि देने की घोषणा की। श्री जूदेव ने भी महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। लोक निर्माण और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि समर्थ और सम्पन्न तबकों को चाहिए कि वे समाज के कमजोर वर्गों के हितों के बारे में भी सोचें और उनकी बेहतरी के लिए अपना योगदान दें। श्री अग्रवाल ने समाज के लोगों से नई पीढ़ी में संस्कृति और संस्कारों के अधिक से अधिक विकास पर विशेष रूप से ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हम सबको अपनी भारतीय संस्कृति और संस्कारों की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
विधायक श्री धर्मजीत सिंह, राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ की प्रांतीय महिला अध्यक्ष श्रीमती ईला कल्चुरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय आसंदी से ठाकुर उजियार सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने सर्व राजपूत समाज द्वारा बनवाए जाने वाले सामुदायिक भवन की कार्य-योजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास निगम के अध्यक्ष मेजर अनिल सिंह, भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कबीरधाम के अध्यक्ष श्री रघुराज सिंह तथा नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री किरण देव विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री वाय.के.एस. ठाकुर ने किया।

