छत्तीसगढ़ में उत्साह के साथ शुरू हुआ शाला प्रवेश उत्सव
रायपुर जिले को मिली 82 नये स्कूलों की सौगात
नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर में भी प्रवेश उत्सव की धूम
धमतरी जिले में प्रवेश रथ के साथ बाल फिल्मों का प्रदर्शन
रायपुर, 16 जून 2010

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के स्कूलों में नये बच्चों के दाखिले के लिए प्रदेशव्यापी शाला प्रवेश उत्सव आज से शुरू हो गया। आम जनता की सक्रिय भागीदारी से एक माह का यह उत्सव आगामी 15 जुलाई तक चलेगा। राज्य के विभिन्न जिलों में बच्चों के दाखिले के लिए स्कूलों के दरवाजे आज से खुल गए। विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उनके दाखिले की कार्रवाई पूरी की गयी। प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिले समाचारों के अनुसार उत्सव के प्रथम दिवस पर आज बड़ी संख्या में स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर और आरती उतारकर आत्मीय स्वागत किया गया। शिक्षकों तथा नागरिकों द्वारा उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके दाखिले की कार्रवाई सम्पन्न की गई। प्रवेश उत्सव की प्रेरक पंक्ति 'स्कूल आ पढ़े बर-जिनगी गढ़े बर' की अनुगूंज भी स्कूल परिसरों में सुनी गयी।
शाला प्रवेश उत्सव के प्रथम दिवस पर आज रायपुर जिले को 82 नये सरकारी स्कूलों की सौगात मिली। ये नये स्कूल आज से शुरू हुए, जिनमें 49 प्राथमिक, पांच मिडिल और 28 हाई स्कूल शामिल हैं। जिले में शाला प्रवेश उत्सव के अन्तर्गत छह वर्ष से 14 वर्ष आयु समूह के बच्चों के साथ-साथ लगभग 58 हजार शाला त्यागी बच्चों को भी विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश दिलाने की कार्य योजना तैयार की गयी है। शाला प्रवेश उत्सव के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न विभागों के 352 अधिकारियों को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपकर नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया गया है। सुदूरवर्ती नक्सल हिंसा प्रभावित दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में भी इस अभियान के प्रति जनता में काफी उत्साह देखा गया, जहां गीदम विकासखण्ड के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कारली के आश्रित गांव झामूपारा की प्राथमिक शाला में क्षेत्र प्रगतिशील कृषक और पूर्व सरपंच श्री रतिराम यादव ने सोलह नये बच्चों को तिलक लगाकर पहली कक्षा में प्रवेश दिलवाया। इस मौके पर स्कूल में 53 अन्य बच्चों को भी विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश दिलाया गया। गीदम, बोरपदर और मारवाड़ी पारा के स्कूलों का संयुक्त प्रवेश उत्सव शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला परिसर गीदम में सम्पन्न हुआ जहां 38 नये बच्चों का दाखिला पहली कक्षा में और लगभग एक सौ बच्चों का दाखिला अन्य कक्षाओं में कराया गया। इस मौके पर सभी बच्चों को मध्यान्ह भोजन के अन्तर्गत खीर-पूड़ी भी परोसी गयी। उन्हें चाकलेट भी वितरित किए गए। बच्चों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के हाथों नि:शुल्क गणवेश सहित पाठयपुस्तकें भी प्रदान की गयी। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक माह तक चलने वाले शाला प्रवेश उत्सव के दौरान दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में लगभग 37 हजार बालक-बालिकाओं को स्कूलों में प्रवेश दिलाने का लक्ष्य है। इनमें छह वर्ष की उम्र के सात हजार बच्चों को पहली कक्षा में और 30 हजार बच्चों को अन्य कक्षाओं में प्रवेश देने की तैयारी कर ली गयी है।
आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर (जगदलपुर) जिले के विकासखण्ड मुख्यालय तोकापाल में रविवार को अपने जनसम्पर्क भ्रमण के दौरान ग्रामीणों को शाला प्रवेश उत्सव की जानकारी देकर इसमें सहयोग की अपील की। उत्सव के प्रथम दिवस पर आज जांजगीर-चांपा जिले में भी स्कूलों में बच्चों और उनके अभिभावकाें सहित जनप्रतिनिधियों की भारी चहल-पहल देखी गयी। जिले के जांजगीर स्थित सदर स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में लोक सभा सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सूरज कश्यप, उपाध्यक्ष डॉ. रोहित डहरिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रमेश पैकवार, पूर्व मंत्री श्री मेघाराम साहू और अन्य अनेक जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को तिलक लगाकर आशीर्वाद प्रदान किया और शिक्षकों द्वारा विभिन्न कक्षाओं में उनके दाखिले की कार्रवाई सम्पन्न की गयी। महासमुन्द जिले में एक माह तक चलने वाले शाला प्रवेश उत्सव में लगभग साढ़े चार हजार नये बच्चों को स्कूलों में प्रवेश देने की प्रक्रिया भी आज से शुरू हो गयी।
उधर सुदूर जशपुर जिले में भी यह उत्सव आज उत्साह के साथ शुरू हुआ, जहां विकासखण्ड जशपुर के ग्राम सिटाेंगा की प्राथमिक शाला में समारोहपूर्वक दस नये बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश दिलाया गया। इस गांव के मिडिल स्कूल में भी दस और हाई स्कूल में तीन बच्चों के दाखिले की कार्रवाई सम्पन्न की गयी। धमतरी जिले के अन्तर्गत जिला मुख्यालय धमतरी में इस उत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए आज शाला प्रवेश रथ को विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा और नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. एन.पी. गुप्ता ने हरी झण्डी दिखाकर जिले के भ्रमण के लिए रवाना किया। प्रवेश रथ में बाल फिल्मों का प्रदर्शन कर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण श्री के.आर. पिस्दा, कलेक्टर सुश्री पी. संगीता और स्कूल शिक्षा तथा आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियाें सहित जिले के अनेक जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। रायगढ़ जिले में भी आज शाला प्रवेश उत्सव का उत्साहजनक वातावरण देखा गया। जिले के विकासखण्ड मुख्यालय घरघोड़ा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में समारोह आयोजित किया गया। जिला मुख्यालय बिलासपुर के चांटापारा स्थित महंती उच्चतर माध्यमिक शाला में आज प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा छठवीं से बारहवीं तक ग्यारह नये बच्चों को तिलक लगाकर प्रवेश दिलाया गया। तिलक नगर स्थित प्राथमिक और मिडिल स्कूल में पांच नये बच्चों का स्वागत करते हुए उनके दाखिले की प्रक्रिया पूरी की गयी। इस विद्यालय में पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों को स्लेट, पेंसिल और पहाड़ा की पुस्तक के साथ नि:शुल्क गणवेश भी दिए गए।

