बढ़ती महंगाई से परेशान पेंशनरों को मुख्यमंत्री ने दी राहत
वित्त विभाग ने महंगाई राहत की नई दरों का किया ऐलान
रायपुर 24 जून 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य शासन के हजारों पेंशनरों की समस्याओं पर गंभीरता और संवेदनशीलता से विचार कर उन्हें देश में बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त और योजना विभाग ने छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 1998 के अनुसार पेंशनरों और परिवार पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की नई दरें मंजूर करने का ऐलान किया है। विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से जारी ताजा परिपत्र में बताया गया है कि महंगाई राहत की ये दरें, राज्य शासन के ऐसे पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को स्वीकृत की गई है जो छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 1998 के अनुसार प्रत्याशित पेंशन अथवा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। परिपत्र के अनुसार एक अप्रैल 2011 से पेंशन अथवा परिवार पेंशन का 103 प्रतिशत महंगाई राहत के रूप में मिलेगा। इसी तरह एक अक्टूबर 2010 से 87 प्रतिशत, एक अप्रैल 2010 से 73 प्रतिशत, एक अक्टूबर 2009 से 64 प्रतिशत और एक जनवरी 2009 से 54 प्रतिशत की महंगाई राहत की दर प्रति माह के हिसाब से मंजूर की गयी है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 1998 के तहत पेंशनरों को वित्त विभाग के 29 जुलाई 2008 के आदेश के तहत एक जुलाई 2008 से 47 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत स्वीकृत की गई थी। अब इन दरों में वृध्दि करने का आदेश वित्त और योजना विभाग द्वारा अपने परिपत्र में इस महीने की 21 तारीख को जारी किया गया है। परिपत्र के अनुसार यह महंगाई राहत अधिवार्षिकी सेवानिवृत्त, असमर्थता और क्षतिपूर्ति पेंशन पर दी जाएगी। सेवा से पदच्युत अथवा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को स्वीकार किए गए अनुकम्पा भत्ते पर भी इस महंगाई राहत की पात्रता होगी। परिपत्र में यह भी बताया गया है कि परिवार पेंशन तथा असाधारण पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों को भी यह महंगाई राहत वित्त विभाग के पांच अक्टूबर 1976 के प्रावधानों के तहत देय होगी। ऐसे मामलों में, जहां पेंशन अथवा परिवार पेंशन प्राप्त कर रहे व्यक्ति राज्य शासन अथवा किसी स्वशासी संस्था में नियुक्त या पुनर्नियुक्त है, वहां पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। कोई व्यक्ति यदि उसके पति अथवा पत्नी की मृत्यु के समय सेवा में है और उसे अनुकम्पा के आधार पर सेवा में नहीं रखा गया है, तो पति/पत्नी की मृत्यु के कारण देय परिवार पेंशन पर उसे महंगाई राहत की पात्रता होगी। अगर किसी व्यक्ति को उसके पति/पत्नी की मृत्यु के कारण अनुकम्पा के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामलों में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी।
परिपत्र के अनुसार ऐसे पेंशनर, जिन्होंने अपनी पेंशन का एक भाग सारांशीकृत कराया है, उन्हें महंगाई राहत उनकी मूल पेंशन (सारांशीकरण के पूर्व की पेंशन) पर देय होगी। यह आदेश राज्य शासन के ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भी लागू होगा, जिन्होंने उपक्रमों/स्वशासी संस्थाओं/मंडलों /निगमों आदि में संविलियन पर एक मुश्त राशि आहरित की है और जो वित्त विभाग के पांच जून 2007 के ज्ञापन के तहत पेंशन के एक तिहाई हिस्से के प्रत्यावर्तन के पात्र हो गए हैं। महंगाई राहत के भुगतान पर होने वाले रूपए के अपूर्ण भाग को अगले रूपए में पूर्णांकित किया जाएगा।
परिपत्र में राज्य शासन के समस्त कोषालय अधिकारियों, उप कोषालय अधिकारियों और पेंशन वितरणकर्ता अधिकारियों को इस आदेश के तहत राज्य शासन के सिविल पेंशनरों के लिए स्वीकृत महंगाई राहत का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह परिपत्र अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित शासन के सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गयी है, जिनमें छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के वित्त सचिव और महालेखाकार भी शामिल हैं।

