मुख्यमंत्री ने किया मृदा स्वास्थ्य पुस्तिका का लोकार्पण
किसानों को दी जाएगी पुस्तिका
छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ भू-उपग्रह आधारित मिट्टी परीक्षण
रायपुर, 08 अप्रैल 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास पर राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रकाशित आज यहां अपने निवास पर मृदा स्वास्थ्य पुस्तिका का लोकार्पण किया। यह पुस्तिका इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग और कृषि विभाग छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित की गयी है। इसका वितरण जांजगीर-चांपा और धमतरी जिलों के चालीस हजार किसानों को किया जाएगा। दोनों जिलों के कुल 1590 गांवों के लिए यह पुस्तिका तैयार की गयी है। इनमें से 935 गांव जांजगीर-चाम्पा जिले में और 655 गांव धमतरी जिले में हैं। पुस्तिका विमोचन के संक्षिप्त और सादगीपूर्ण कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री श्री ननकी राम कंवर, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू और संसदीय सचिव श्री विजय बघेल सहित कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एम.पी. पाण्डेय भी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि यह मृदा स्वास्थ्य पुस्तिका खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य से संबंधित है, जिसमें मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप खेतों में प्रति एकड़ खाद डालने की सिफारिशें कृषि अधिकारियों द्वारा की जाएंगी। इससे किसानों को फसलों की अच्छी पैदावार मिल सकेगी। अगर मिट्टी में नत्रजन आदि आवश्यक रसायनिक तत्वों की कमी होगी, तो उसके अनुरूप उस मिट्टी का रासायनिक उपचार भी किसानों को बताया जाएगा। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां खेतों की मिट्टी के परीक्षण के लिए दूर संवेदी भू-उपग्रह आधारित ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक दस हेक्टेयर के रकबे से मिट्टी के नमूने लेने का कार्य भी देश में पहली बार छत्तीसगढ़ में हो रहा है, जबकि भारत के अन्य राज्यों में दस किलोमीटर की परिधि में यह कार्य होता है। मिट्टी परीक्षण का यह अभिनव प्रयोग राज्य के धमतरी और जांजगीर-चाम्पा जिलों में हुआ है। इन दोनों जिलों में चालीस हजार किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने लिए गए हैं। इसके आधार पर ग्रामवार मृदा उर्वरता (मिट्टी की उपजाऊ शक्ति) का नक्शा भी बनाया जाएगा। यह कार्य भी राज्य में पहली बार होने जा रहा है। प्रत्येक गांव का यह मृदा उर्वरता मानचित्र संबंधित ग्राम पंचायत में रखा जाएगा।

