छत्तीसगढ़ के पांच छात्र भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर के लिए चयनित
छात्रों ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात

भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर के लिए चयनित छत्तीसगढ़ के चार छात्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात की। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के सहयोग से पांच छात्र जयपुर में हस्तशिल्प पाठयक्रम में चार वर्षीय डिप्लोमा ले सकेंगे। इनकी चार वर्षीय पढ़ाई का पूरा खर्च छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जावेगा। इसमें प्रत्येक छात्र पर चार वर्ष के दौरान आठ लाख रूपए व्यय भार आएगा। जयपुर रवाना होने से पूर्व इन छात्रों ने मुख्यमंत्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इन छात्राओं को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने भेंट करने आये छात्रों में बस्तर जिले के नगरनार निवासी पारंपरिक वस्त्रशिल्पी संजय कुमार दास, शिल्पी कुटीर नारायणपुर निवासी बांस शिल्पी दीपक कुमार उइके, बस्तर जिले के ग्राम भोण्ड (सरगीगुड़ा) निवासी काष्ठ शिल्पी यशवंत कुमार कश्यप, बिलासपुर जिले के ग्राम उड़गन पोस्ट दगौरी (विकासखंड-बिल्हा) निवासी पत्थर शिल्पी अशोक कुमार मिरी शामिल हैं। जयपुर के लिए चयनित एक अन्य छात्र बस्तर जिले के कोण्डागांव तहसील के ग्राम किडईछेपड़ा (डोगरीगुड़ा) निवासी लौह शिल्पी ललित कुमार विश्वकर्मा का नाम भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के शिक्षित एवं युवा शिल्पियों को बाजार की मांग अनुसार नई-नई डिजाइने स्वयं तैयार कर सके, इस तरह की उन्नत शिल्प कला एवं डिजाइनर प्रशिक्षण देने हेतु हस्तशिल्प विकास बोर्ड को योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के परिपालन में बोर्ड द्वारा राज्य शासन को भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर में शिल्पियाें अथवा शिल्पियों के 12वीं कक्षा उत्तीर्ण बच्चों को चार वर्षीय अण्डर ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम इन क्राफ्ट डिजाइन में शिक्षा प्रदान करने हेतु राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया था। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री सुनील कुमार अवस्थी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2011-12 के बजट में 10 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी थी, जिसमें पांच शिल्पियों को जयपुर भेजे जाने का प्रावधान था। उन्होंने बताया कि इन शिल्पियों के चयन हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव ग्रामोद्योग की अध्यक्षता में दस शिल्पी छात्रों का चयन कर भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के लिए भेजा गया था, जिसमें पांच शिल्पी छात्रों द्वारा सफलता प्राप्त की गई। इन सफल पांच शिल्पी छात्रों को वर्ष 2011-12 के लिए भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर में क्राप्ट डिजाइन के क्षेत्र में चार वर्षीय अण्डर ग्रेजुएट डिप्लोमा के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि शिल्पी छात्रों द्वारा डिजाइनर पाठयक्रम पूरा करने पर कम से कम पांच वर्ष उचित सलाहकार शुल्क पर प्रदेश के हस्तशिल्प विकास हेतु शिल्पियों के बीच डिजाइन विकास का कार्य करना अनिवार्य होगा।
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां राज्य शासन द्वारा हस्तशिल्पियों के विकास के लिए इस प्रकार की योजना लागू की गई है। इस योजना के लागू होने से प्रदेश के हस्तशिल्पी अधिक उत्साहित है। शिल्पियों का उत्साह प्रदेश के हर शिल्पियों को बढ़ावा तो देगा ही साथ ही प्रदेश के बेरोजगारों को अधिक रोजगार एवं शिल्पियों की आमदनी तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास में मददगार होगा।

