मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना : सांसदों और विधायकों के प्रस्ताव भी शामिल होंगे
मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दायरे से बाहर की ग्रामीण बसाहटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए राज्य सरकार की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां मंत्रालय में आयोजित बैठक में इन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित उनके विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए प्रदेश के सांसदों और विधायकों को आमंत्रित कर उनसे चर्चा करें और प्रस्ताव प्राप्त कर निर्धारित माप दण्डों के अनुसार कार्य योजना में शामिल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत जल्द समारोह पूर्वक इस योजना का शुभारंभ किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सामान्य क्षेत्रों के अंतर्गत 500 या उससे अधिक आबादी और आदिवासी क्षेत्रों में 250 या अधिक आबादी वाले गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सामान्य क्षेत्रों में 500 से कम और आदिवासी क्षेत्रों में 250 से कम आबादी की ग्रामीण बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू करने का निर्णय लेकर इसके लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना तैयार की गयी है। ऐसी बसाहटों को विकास खण्ड और तहसील मुख्यालयों तथा राजस्व निरीक्षक मुख्यालयों से जोड़ना योजना का मुख्य उद्देश्य है। प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत आठ हजार 500 किलो मीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य होगा। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 के बजट में एक सौ करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में जहां ऐसे गांवों के लिए डामरीकृत सड़कें बनेंगी वहीं इन गांवों के बीच से गुजरने वाले कच्चे रास्तों को सीमेंट कांक्रीट सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना को यहां मंत्रालय में इस वर्ष 13 अप्रैल को आयोजित केबिनेट की बैठक में सैध्दांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। बैठक में मुख्य सचिव श्री पी.जॉय उम्मेन, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अजय सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

