पिछड़े क्षेत्रों का विकास, सरकार की पहली प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
सनावल में 1.41 अरब की लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण
रायपुर 09 अप्रैल 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सरगुजा जिले के रामचन्द्रपुर विकासखण्ड के अन्तर्गत ग्राम सनावल में दुर्गा मंदिर की स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के बाद एक अरब 40 करोड़ 44 लाख 46 हजार रूपये की लागत के 18 निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शासन गांव में रहने वाले गरीब किसानों, मजदूरों, बुजर्गों एवं बच्चों के विकास हेतु विभिन्न विभागों द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलियों, स्कूलों, आश्रमों, आंगनबाड़ी केन्द्र, सामुदायिक भवन सहित आवश्यकतानुसार अनेक अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़े क्षेत्रों का विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। पिछड़े एवं आदिवासी क्षेत्रों का विकास से ही सही मायनों में प्रदेश का विकास संभव हो सकेगा। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों तथा गर्भवती माताओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उलब्ध कराने हेतु शासन द्वारा रायपुर और बस्तर जिले में चौबीसों घण्टे की एम्बुलेंस सेवा शुरु की गयी है। बहुत जल्द इसका राज्य के अन्य जिलों में भी विस्तार किया जाएगा। इस योजना के तहत जरूरतमंद व्यक्ति को दूरभाष क्रमांक 108 डॉयल करने पर 30 मिनट के भीतर सर्व चिकित्सा सुविधा एवं पैरामैडिकल स्टॉफ सहित एम्बुलेंस उपलब्ध हो जायेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गत 7-8 वर्षों में प्रदेश का चंहुमुखी एवं तीव्रतर विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि सनावल क्षेत्र के लोगों के विकास हेतु आज 141 करोड़ रूपये के विभिन्न निर्माण कार्यों की सौगात इस बात को साबित करती है। उन्होंने कहा कि पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्तायुक्त विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने हेतु विद्युत स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु सरकार की प्रतिबध्दता के प्रति आश्वस्त किया। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, लोक निर्माण एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, संसदीय सचिव श्री सिध्दनाथ पैकरा, श्री भैयालाल राजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, श्री रामसेवक पैकरा विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग द्वारा 17 लाख 6 हजार की लागत से बनने वाले विश्रामगृह सनावल एवं 64 लाख 71 हजार की लागत से बनने वाले विश्रामगृह वाड्रफनगर का लोकार्पण, 43.47-43.47 लाख की लागत से आदिवासी विभाग के प्री मैट्रिक बालक एवं कन्या छात्रावास डिण्डो एवं गाजर, 51.10 लाख की लागत के आदिवासी विकास विभाग के प्री मैट्रिक बालिका छात्रावास रामचन्द्रपुर का शिलान्यास, लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म योजना के तहत 48 करोड़ 37 लाख की लागत से वाड्रफनगर-जनकपुर-बंलगी दो लेन चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य, 35 करोड़ 80 लाख रूपये की लागत से चांदो-सामरी मार्ग का दो लेन चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य, 39 करोड़ 63 लाख 31 हजार प्रतापपुर-सेमरसोत मार्ग का दो लेन चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य का शिलान्यास, 5 करोड़ 43 लाख 36 हजार रूपये की लागत से अम्बिकापुर-धनवार बनारस मार्ग के यू.पी. सीमा में चेकपोस्ट धनवार में एकीकृत जांच चौकी एवं नाप-तौल कांटा बनाने के निर्माण कार्य का लोकार्पण तथा प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा 3 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले आरागाही-चंद्रनगर दक्षिणीटोला 13.75 किलोमीटर सड़क निर्माण, 113.42 लाख रूपये की लागत से जामवन्तपुर-आसफारीक पारा से नेहरूनगर 4.45 किलोमीटर लम्बी सडक निर्माण, 211.84 लाख रूपये जामवन्तपुर-उत्तार टोला-भीतियाही 7.05 किलोमीटर सड़क निर्माण का लोकार्पण, जल संसाधन विभाग द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत 94.96 लाख की लागत से तेतरडीह में थापर बांध का जीणोध्दार एवं नेताम बांध का निर्माण, 37.66 लाख की लागत से अलखडीहा के लुकछिपी नाला में मिट्टी बांध निर्माण, 34.92 लाख की लागत से स्कूल से पथरापारा मांग में मुड़धोवा नाला पर पुलिया निर्माण, सरगुजा एवं उत्तार क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण योजना के तहत 21.56 लाख रूपये की लागत से दूधमनिया नाला पर पुलिया निर्माण, 19 लाख रूपये की लागत का सनावल के स्याह नाला पर पुलिया निर्माण का शिलान्यास तथा वन विभाग द्वारा 24 लाख की लागत से महावीरगंज में फारेस्ट चौकी कार्यालय एवं निवास निर्माण का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विधि एवं विधायी कार्य विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि क्षेत्र के चहुँमुखी विकास हेतु आवश्यकतानुसार सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल छात्रावास, विश्राम भवन सहित अन्य निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी जा रही है। इससे क्षेत्र के लोगाें का जीवन स्तर ऊंचा उठा है तथा वनांचल क्षेत्रों में शांति स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि विकास ही शासन का मुख्य ध्येय है। श्री नेताम ने गत वर्षों में क्षेत्र में हुए विकास को उध्दृत करते हुए बताया कि सनावल में महाविद्यालय खुल जाने से 50 किलोमीटर की परिधि में आने वाले बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजनान्तर्गत लघु उदवहन सिंचाई योजना बलरामपुर के 50 कृषक स्व सहायता समूहों को डीजल पम्प, विद्युत पम्प एवं पाईप का वितरण किया गया। योजनान्तर्गत दिये जाने वाले पम्प की इकाई लागत 2 लाख 95 हजार है। इसके साथ ही 10 अश्व शक्ति का डीजल पम्प तथा 5 एवं 7.5 अश्व शक्ति का इलेक्ट्रीक पम्प तथा 1 हजार फिट पाईप दिया गया। इनमें लमगांव के गंगा स्व सहायता समूह, दामोदरपुर का आदर्श स्व सहायता समूह, विश्रामनगर का शितल स्व सहायता समूह, भैरवपुर का सिंचाई गंगा स्व सहायता समूह, चितमा ग्राम का सत्यदीप स्व सहायता समूह, लुर्गीखुर्द का जय मॉ संतोषी स्व सहायता समूह, लेफरी ग्राम का नर्मदा स्व सहायता समूह, सेंदूर ग्राम का अन्नदाता स्व सहायता समूह, बनखेता का मधुबन स्व सहायता समूह, खटवाबरदर का त्रिवेणी स्व सहायता समूह, मकरो ग्राम का जलधारा स्व सहायता समूह, गौरीपुर का श्रीराम स्व सहायता समूह, चमनपुर का नेहरू स्व सहायता समूह, संतोषीनगर का कृषक स्व सहायता समूह, टांगर मेहरी का जय किसान स्व सहायता समूह, जमुआ डांड़ का त्रिवेणी स्व सहायता समूह, तातापानी का शिवगुरू स्व सहायता समूह, कोटसरी का जलधारा स्व सहायता समूह, डूमरखोला का मदन स्व सहायता समूह, बरदर का कृषक स्व सहायता समूह,पीपराही का जय किसान स्व सहायता समूह सहित 50 अन्य स्व सहायता समूहों के नाम शामिल हैं। इस अवसर पर जिले के पंचायत प्रतिनिधि, प्रषासन के वरिष्ठ अधिकारी और हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

