लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में अगले दो साल में 80 प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य: डॉ . रमन सिंह

छत्तीसगढ़ में अगले दो साल में 80 प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य: डॉ . रमन सिंह

What
When Jul 08, 2010
from 05:30 PM to 05:30 PM
Add event to calendar vCal
iCal

मुख्यमंत्री ने किया ‘आखर झांपी’ का विमोचन

    रायपुर 08 जुलाई 2010

1647-080710

मुख्यमंत्री डॉ . रमन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में अगले दो साल में वर्ष 2012 तक असाक्षर महिलाओं और पुरूषों को व्यावहारिक रूप से साक्षर बनाकर कम से कम अस्सी प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करने का संकल्प लिया है। डॉ . सिंह ने आज यहां अपने निवास पर प्रौढ शिक्षा़ एवं सतत् शिक्षा अभियान के तहत पन्द्रह से पैतीस वर्ष आयु समूह के असाक्षरों के लिए बुनियादी प्रवेशिका के रूप में प्रकाशित पुस्तिका ‘आखर झांपी’ का विमोचन करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि साक्षरता से लोकतंत्र और मनुष्य के बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है। उल्लेखनीय है कि यह पुस्तिका राज्य संसाधन केन्द्र द्वारा प्रकाशित की गयी है। यह केन्द्र राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की प्रदेश इकाई के रूप में यहां कार्यरत है।
    संक्षिप्त और सादगीपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साक्षरता और सतत शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नव साक्षरों के उपयोग के लिए राज्य संसाधन केन्द्र द्वारा छपवाए गए विभिन्न ब्रोशरों का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने आखर झांपी पुस्तिका में दिए गए अपने संदेश में कहा है कि समाज में गैर बराबरी और सामाजिक कुरीतियों सहित गरीबी, शोषण और महिलाओं तथा बच्चों की कमजोर सेहत के पीछे छुपे कारणों में निरक्षरता भी एक प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखकर प्रदेश में साक्षरता के प्रतिशत को और भी अधिक बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने ‘आखर झांपी’ पुस्तिका में शामिल पाठ्य सामग्री की प्रशंसा करते हुए इसे साक्षरता अभियान के लिए काफी सुरूचिपूर्ण और उपयोगी बताया। राज्य संसाधन के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि साक्षरता को जीवन जीने की कला के रूप में लेते हुए सतत शिक्षा के तहत यह निर्णय लिया गया है कि अब असाक्षरों को उनके जीवन से जुड़े विषयों जैसे काम, कमाई, आमदनी, धान के खेत, गिनती, जंगल, तालाब, सरपंच आदि पर आधारित पाठों के जरिए सीधे अक्षर ज्ञान दिया जाए। यही कारण है कि इस प्रवेशिका में ‘क’ अक्षर का परिचय देने के लिए काम और कमाई और ‘आ’ अक्षर का परिचय देने के लिए आम तथा आमदनी जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है।
   डॉ . सिंह ने इन सभी प्रकाशनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि साक्षरता और विशेष रूप से महिला साक्षराता के लिए छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 1991 में राज्य में कुल साक्षरता दल 42.91 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2001 की जनगणना में बढ़कर 64.66 प्रतिशत हो गयी। राज्य के खाते में इस उपलब्धि के बावजूद महिला साक्षरता का प्रतिशत 51.85 है। इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि राज्य की लगभग आधी महिलाएं आज भी साक्षर नहीं हैं। डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि इसे ध्यान में रखकर हमें महिला साक्षरता सहित प्रदेश की समग्र साक्षरता दर को और ज्यादा बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करना होगा। नव-साक्षर साहित्य तथा प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों की सराहना की और अपनी शुभकामनाएं दी। राज्य संसाधन केन्द्र के संचालक श्री तुहीन देब सहित श्री राजकमल नायक और राज्य संसाधन केन्द्र के अन्य अनेक प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

क्रमांक-1647/स्वराज्य

 

« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031