दुधारू पशु साक्षात् लक्ष्मी के समान : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने किया गोकुल नगर का लोकार्पण
प्रथम चरण में 164 डेयरियों को मिली बेहतर बसाहट
गोकुल नगर में आंगनबाड़ी और स्थायी पशु अस्पताल की घोषणा
रायपुर, 09 जुर्लाई 2010

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज दुर्ग जिले भिलाई नगर के वार्ड 14 के अन्तर्गत ग्राम कुरूद में गोकुल नगर का लोकार्पण करते हुए कहा कि गौ-माता सहित सभी दुधारू पशु साक्षात लक्ष्मी के समान हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि उनकी बेहतर देखभाल और अच्छी सेवा करना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप शहरों में रहने वाले दूध के व्यवसाय से जुड़े पशु-पालकों के जीवन में बदलाव लाने हेतु यह सरकार की एक अभिनव योजना है।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के लिए राज्य शासन द्वारा भिलाई नगर निगम को एक करोड़ 41 लाख रूपए से अधिक राशि मंजूर की गयी है। गोकुल नगर का विकास 13.12 हेक्टेयर के रकबे में किया जा रहा है, जिसमें प्रथम चरण में 164 डेयरियों को शहरी बस्तियों से बाहर एक बेहतर बसाहट दी गयी है। डॉ. रमन सिंह ने गोकुल नगर में डेयरी खोलने वाले पशु-पालकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने कहा कि अब हमारे इन डेयरी वालों को एक सुन्दर वातावरण में अपना व्यवसाय संचालित करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोकुलनगर में स्थायी पशु चिकित्सालय, सड़क एवं परिवहन व्यवस्था, इसी सत्र से आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के साथ ही छात्रा कु. गीता को पढ़ाई फीस के लिए 20 हजार रूपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री और जिले के प्रभारी श्री हेमचंद यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा लोकसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय और भिलाई नगर निगम के महापौर श्री विद्यारत्न भसीन सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दुधारू पशु को मां का सम्मान दिया गया है जिससे एक पशुपालक किसान अच्छी तरह वाकिफ है तभी तो वह पहले अपने दुधारू पशु की सेवा, चारा आदि खिलाने के बाद स्वयं भोजन ग्रहण्ा करता है। मुख्यमंत्री ने दुधारू पशु को साक्षात लक्ष्मी का रूप बताया। उन्होंने गोकुल नगर योजना के तहत डेयरियों के व्यवस्थापन के लिए नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां डेयरी वालों का काम देखकर मुझे संतोष हुआ है। मुख्यमंत्री ने महापौर की विभिन्न मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रथम चरण में यहां 164 डेयरियों को व्यवस्थित किया गया है तथा योजना के द्वितीय चरण में इससे भी बड़ा गोकुलनगर बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वृक्षारोपण हेतु लोगों का आह्वान किया कि वे हरियर छत्तीसगढ़ के अभिनव अभियान के तहत वृक्ष लगाकर धरती माता का श्रृंगार करें। इसके पहले मुख्यमंत्री ने मुख्य प्रवेश द्वार में फीता काटकर गोकुलनगर का लोकार्पण किया। उन्होंने गोकुलनगर के विभिन्न डेयरियों का निरीक्षण कर पशुपालकों से व्यवस्थापन व उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में चर्चा किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं अन्य अतिथियों ने गोकुलनगर परिसर में वृक्षारोपण भी किया। लोकसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने गोकुलनगर के शुभारंभ और वहां डेयरियों की बेहतर बसाहट पर निगम प्रशासन को बधाई दी। सांसद सुश्री पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से गोकुल नगर में आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने का अनुरोध किया।
नगर निगम भिलाई के महापौर श्री विद्यारतन भसीन ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने गोकुल नगर के संबंध में बताया कि भिलाई शहर के सघन जनसंख्या आबादी बस्ती में डेयरी स्थापित होने से प्रतिदिन पशुओं के आवागमन से सड़कों का अवागमन बाधित रहना और दुर्घटनायें होना स्वाभाविक हो गया था। जानवरों के निस्तारी कार्य भी इन बस्तियों में होने से प्रदूषण का वातावरण बना हुआ था। डेयरियों में पशुओं के लगातार आने-जाने से यांतायात में भी रूकावट आती थी और दुर्घटनाओं का भी डर बना रहता था। तालाबों का पानी भी प्रदूषित हो रहा था। इन डेयरी से शहर में कीमती भूखण्ड अतिक्रमण की जकड़ में थे, अधिकतम डेयरियां अवैध रूप से निगम की भूमि पर बसी हुई थी।
श्री भसीन ने बताया कि अवैध भूमि में बसे होने से इन डेयरियों में आवश्यक बुनियादी सुविधायें सड़क, पानी, प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं हो सकी थी। नगर निगम भिलाई में वर्ष 2006 में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा गोकुलनगर योजना की शुरूआत की गयी। इसके अन्तर्गत प्रदेश में शहरी आबादी से इस प्रकार की अव्यवस्थित डेयरियों को एक सुव्यवस्थित बसाहट देने की शुरूआत हुई। नगर निगम भिलाई में भी यह योजना अपने शहर के पशु पालकों की सुविधा के लिए शुरू की गयी शहर के समीप ही निगम के वार्ड 14 (ग्राम कुरूद) में इस योजना के लिये 13.12 हेक्टेयर जमीन का चयन कर शहर के जोन एक एवं जोन दो की सीमा में प्रथम चरण में 164 डेयरियों का चयन कर उन्होंने व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है। राज्य शासन से नगर निगम भिलाई को महत्वाकांक्षी अभिनव योजना के लिए एक करोड़ 41 लाख 22 हजार रूपए की स्वीकृति मिली है। आज यह गोकुलनगर तैयार है।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधान सभा क्षेत्र के विधायक श्री भजनसिंह निरंकारी, नगर निगम दुर्ग के महापौर डॉ. एस.के.तमेर और पूर्व मंत्री श्री जागेश्वर साहू समेत अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक तथा पशुपालक उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के लिए राज्य शासन द्वारा भिलाई नगर निगम को एक करोड़ 41 लाख रूपए से अधिक राशि मंजूर की गयी है। गोकुल नगर का विकास 13.12 हेक्टेयर के रकबे में किया जा रहा है, जिसमें प्रथम चरण में 164 डेयरियों को शहरी बस्तियों से बाहर एक बेहतर बसाहट दी गयी है। डॉ. रमन सिंह ने गोकुल नगर में डेयरी खोलने वाले पशु-पालकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने कहा कि अब हमारे इन डेयरी वालों को एक सुन्दर वातावरण में अपना व्यवसाय संचालित करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोकुलनगर में स्थायी पशु चिकित्सालय, सड़क एवं परिवहन व्यवस्था, इसी सत्र से आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के साथ ही छात्रा कु. गीता को पढ़ाई फीस के लिए 20 हजार रूपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री और जिले के प्रभारी श्री हेमचंद यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा लोकसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय और भिलाई नगर निगम के महापौर श्री विद्यारत्न भसीन सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दुधारू पशु को मां का सम्मान दिया गया है जिससे एक पशुपालक किसान अच्छी तरह वाकिफ है तभी तो वह पहले अपने दुधारू पशु की सेवा, चारा आदि खिलाने के बाद स्वयं भोजन ग्रहण्ा करता है। मुख्यमंत्री ने दुधारू पशु को साक्षात लक्ष्मी का रूप बताया। उन्होंने गोकुल नगर योजना के तहत डेयरियों के व्यवस्थापन के लिए नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां डेयरी वालों का काम देखकर मुझे संतोष हुआ है। मुख्यमंत्री ने महापौर की विभिन्न मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रथम चरण में यहां 164 डेयरियों को व्यवस्थित किया गया है तथा योजना के द्वितीय चरण में इससे भी बड़ा गोकुलनगर बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वृक्षारोपण हेतु लोगों का आह्वान किया कि वे हरियर छत्तीसगढ़ के अभिनव अभियान के तहत वृक्ष लगाकर धरती माता का श्रृंगार करें। इसके पहले मुख्यमंत्री ने मुख्य प्रवेश द्वार में फीता काटकर गोकुलनगर का लोकार्पण किया। उन्होंने गोकुलनगर के विभिन्न डेयरियों का निरीक्षण कर पशुपालकों से व्यवस्थापन व उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में चर्चा किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं अन्य अतिथियों ने गोकुलनगर परिसर में वृक्षारोपण भी किया। लोकसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने गोकुलनगर के शुभारंभ और वहां डेयरियों की बेहतर बसाहट पर निगम प्रशासन को बधाई दी। सांसद सुश्री पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से गोकुल नगर में आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने का अनुरोध किया।
नगर निगम भिलाई के महापौर श्री विद्यारतन भसीन ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने गोकुल नगर के संबंध में बताया कि भिलाई शहर के सघन जनसंख्या आबादी बस्ती में डेयरी स्थापित होने से प्रतिदिन पशुओं के आवागमन से सड़कों का अवागमन बाधित रहना और दुर्घटनायें होना स्वाभाविक हो गया था। जानवरों के निस्तारी कार्य भी इन बस्तियों में होने से प्रदूषण का वातावरण बना हुआ था। डेयरियों में पशुओं के लगातार आने-जाने से यांतायात में भी रूकावट आती थी और दुर्घटनाओं का भी डर बना रहता था। तालाबों का पानी भी प्रदूषित हो रहा था। इन डेयरी से शहर में कीमती भूखण्ड अतिक्रमण की जकड़ में थे, अधिकतम डेयरियां अवैध रूप से निगम की भूमि पर बसी हुई थी।
श्री भसीन ने बताया कि अवैध भूमि में बसे होने से इन डेयरियों में आवश्यक बुनियादी सुविधायें सड़क, पानी, प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं हो सकी थी। नगर निगम भिलाई में वर्ष 2006 में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा गोकुलनगर योजना की शुरूआत की गयी। इसके अन्तर्गत प्रदेश में शहरी आबादी से इस प्रकार की अव्यवस्थित डेयरियों को एक सुव्यवस्थित बसाहट देने की शुरूआत हुई। नगर निगम भिलाई में भी यह योजना अपने शहर के पशु पालकों की सुविधा के लिए शुरू की गयी शहर के समीप ही निगम के वार्ड 14 (ग्राम कुरूद) में इस योजना के लिये 13.12 हेक्टेयर जमीन का चयन कर शहर के जोन एक एवं जोन दो की सीमा में प्रथम चरण में 164 डेयरियों का चयन कर उन्होंने व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है। राज्य शासन से नगर निगम भिलाई को महत्वाकांक्षी अभिनव योजना के लिए एक करोड़ 41 लाख 22 हजार रूपए की स्वीकृति मिली है। आज यह गोकुलनगर तैयार है।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधान सभा क्षेत्र के विधायक श्री भजनसिंह निरंकारी, नगर निगम दुर्ग के महापौर डॉ. एस.के.तमेर और पूर्व मंत्री श्री जागेश्वर साहू समेत अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक तथा पशुपालक उपस्थित थे।
क्रमांक-1688/स्वराज्य

