शराब के खिलाफ सबको जागरूक होने की जरूरत : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने दी 65 करोड़ से अधिक की विकास कार्यों की सौगात
रायपुर, 10 अप्रैल 2010

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि शराब की सामाजिक बुराई के खिलाफ सबको जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने आज दुर्ग जिले के तहसील मुख्यालय पाटन में आयोजित एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। डॉ. सिंह ने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का भी सपना है। जनता भी यही चाहती है। इसलिए जनभावनाओं के अनुरूप प्रदेश सरकार ने अपने डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपए तक के वार्षिक राजस्व की फिक्र किए बिना प्रथम चरण में दो हजार से अधिक आबादी वाले करीब 280 शराब दुकानों को नए वित्तीय वर्ष से बंद करवा दिया है, लेकिन इतना ही काफी नहीं है। हमें आगे सबके सहयोग से इस बुराई को खत्म करना है। इस अभियान को आने वाले वर्षों में और भी आगे बढ़ाया जाएगा। सभी लोगों को हर प्रकार के नुकसान दायक नशे की बुराई से बचना चाहिए। सरकार शराब बंदी के लिए वचनबध्द है। इसमें जनता का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होगा। राज्य में शराब के खिलाफ सामाजिक चेतना बढ़ाने में महिलाओं ने सराहनीय भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्रि की सप्तमी के दिन पाटन विधानसभा क्षेत्र की जनता को 65 करोड़ 33 लाख रूपए से अधिक राशि के विकास कार्यें की सौगात दी। उन्होंने पाटन के गंज मंडी मैदान में आयोजित किसानों और ग्रामीणों की सभा में पाटन क्षेत्र के विकास के लिए 46 करोड़ रूपए की लागत से उतई-पाटन-तरीघाट सड़क निर्माण सहित 61 करोड़ 80 लाख रूपए के 58 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और तीन करोड़ 52 लाख रूपए के 89 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दुर्ग लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में और संसदीय सचिव और क्षेत्रीय विधायक श्री विजय बघेल सहित छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री डोमललाल कोर्सेवाड़ा, गुण्डरदेही विधायक श्री वीरेन्द्र साहू और राज्य गौ सेवा आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रेम सिंघानिया उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अट्ठाईस किलोमीटर लंबी बहुप्रतीक्षित उतई-पाटन-तरीघाट सड़क निर्माण, मर्रा नहर प्रणाली, केसरा एनीकट सह स्टापडेम के निर्माण कार्यो के शुभारंभ सहित लगभग डेढ़ सौ विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। डॉ. सिंह ने चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों की शुरूआत के लिए संसदीय सचिव श्री विजय बघेल सहित क्षेत्र की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण के अलावा लोगों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार और कुपोषण की समस्या से निजात दिलाना राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती को स्वीकारते हुए राज्य सरकार ने इसे दूर करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आंगनबाड़ी केन्द्रों में महिलाओं ओर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ उन्हें पोषणयुक्त गरम भोजन भी दिया जाता है। डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बस्तर और रायपुर जिले में 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा के सफलतापूर्वक संचालित होने के बाद इसका विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। आगामी तीन-चार महीनों में प्रदेश के सभी जिलों के मरीजों को इस सेवा का लाभ मिलने लगेगा। इसके लिए 150 एम्बुलेंस की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस एम्बुलेंस में दुर्घटना, प्रसव सहित आपात स्थितियों से निपटने के लिए तमाम जीवन-रक्षक व्यवस्थाएं मौजूद रहती हैं तथा सरकार की ओर से यह सुविधा नि:शुल्क मुहैया कराई जाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य है, जहां लोगों को चौबीस घंटे निरंतर बिजली मिल रही है। छत्तीसगढ़ में 'जीरो पावर कट' की स्थिति है जबकि हमारे पड़ोसी राज्य जैसे महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश अभी भी विद्युत समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत व्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ ने ऐसी योजना बनाई है कि आगामी 20 वर्षों तक विद्युत कटौती अथवा लो-वोल्टेज संबंधी कोई समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के समय वर्ष 2000 में प्रदेश के मात्र 65 हजार पम्पों को ऊर्जीकृत किया था जबकि आज यहा संख्या बढ़कर दो लाख 70 हजार तक पहुंच गई है। डॉ. सिंह ने प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी का श्रेय भी यहां के मजदूरों और किसानों को दिया। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने इस अवसर पर पाटन विधानसभा क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में हुए विकास कार्यों को लेकर प्रकाशित 'विकास पुस्तिका' का विमोचन भी किया।

