लोकतंत्र को जिंदा रखने नक्सल हिंसा को खत्म करना जरूरी : डॉ. रमन सिंह
नक्सलवाद के खिलाफ अपनी नीतियों पर अडिग रहने का संकल्प दोहराया मुख्यमंत्री ने
सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ अगले दस साल में बनेगा देश का नम्बर वन राज्य
रायपुर, 10 अप्रैल 2010

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि नक्सल हिंसा और आतंक हमारे देश और भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र को जीवित रखना है तो नक्सल हिंसा को खत्म करना होगा। हिंसक नक्सली इस देश के सबसे बड़े दुश्मन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा और आतंक को खत्म करने के लिए राज्य सरकार अपनी नीतियों पर हमेशा कायम रहेगी। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक अपनी नीतियों पर अडिग रहने का संकल्प दोहराया और कहा कि मैं आलोचनाओं से नहीं डरता। नक्सल हिंसा के खिलाफ प्रदेश की दो करोड़ 55 लाख जनता का सहयोग और समर्थन हमारे साथ है।
डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां हिन्दी दैनिक 'नई दुनिया' के एक समारोह में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस समारोह में उद्योग जगत से जुड़े छत्तीसगढ़ के एक दर्जन उद्यमियों को उनकी उल्लेखनीय सफलताओं के लिए आयोजकों की ओर से 'कैप्टनस ऑफ इंडस्ट्री' अवार्ड से सम्मानित किया। डॉ. रमन सिंह ने इन उद्यमियों को बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि राज्य के विकास में उद्योग जगत की भागीदारी भी बहुत महत्वपूर्ण है। आप सब ने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। आपके रचनात्मक कार्यों से छत्तीसगढ़ भी गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी नागरिकों को चैत्र नवरात्रि की भी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुध्द नागरिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में कृषि, बिजली, शिक्षा और उद्योग आदि के क्षेत्र में विगत एक दशक में हुए विकास का विस्तार से उल्लेख किया और विश्वास जताया कि आगामी दस वर्ष में छत्तीसगढ़ यहां की मेहनतकश जनता और उद्योगों तथा समाज के सभी वर्गों के सहयोग से देश का पहले नम्बर का राज्य बनेगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि वास्तव में किसी भी कार्य की सफलता के लिए विश्वसनीयता बहुत जरूरी है। विश्वसनीयता ही व्यक्ति को अनमोल बनाती है। विश्वसनीयता हासिल करने के लिए किसी भी कार्य के प्रति अपना सुस्पष्ट नजरिया होना चाहिए। इसके लिए गुणवत्ता और एक बेहतर कार्य-शैली की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने भी राज्य निर्माण के विगत एक दशक में विकास के हर क्षेत्र में पूरे देश में एक बड़ी विश्वसनीयता हासिल की है। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ निर्माण के समय राज्य का बजट केवल छह-सात हजार करोड़ रूपए के आस-पास था, जो आज बढ़कर 30 हजार करोड़ से अधिक हो गया है। हमारा सकल घरेलू उत्पाद भी इस अवधि में 29 हजार करोड़ रूपए से बढ़कर एक लाख 30 हजार करोड़ रूपए तक पहुंच गया है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास का मूल्यांकन वहां की प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आमदनी और प्रति व्यक्ति बिजली की औसत वार्षिक खपत से किया जाता है। इस मायने में छत्तीसगढ़ में जहां प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आय विगत एक दशक में करीब दस हजार रूपए से बढ़कर आज 44 हजार रूपए तक पहुंच रही है और बिजली की खपत प्रति व्यक्ति 450 यूनिट से बढ़कर एक हजार 070 यूनिट तक पहुंच गयी है, तो यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण्ा है कि छत्तीसगढ़ विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत का राष्ट्रीय औसत सिर्फ आठ सौ के आस-पास है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह इससे काफी अधिक है, जो राज्य के तीव्र विकास का संकेत है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी काफी तरक्की हुई है। हमारे यहां सभी एक हजार 333 प्राथमिक सहकारी समितियों और 146 विकासखंड मुख्यालयों को भी इंटरनेट आधारित कनेक्टिविटी से जोड़ दिया गया है। राज्य सरकार अब सभी पुलिस थानों को इस नेटवर्क से जोड़ रही है। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित कनेक्टिविटी हमारे यहां कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र और केरल से भी बेहतर है। डॉ. सिंह ने समारोह में सम्मानित उद्योगपतियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रबंध निदेशक श्री व्ही.के. अरोरा ने भी समारोह को संबोधित किया। श्री अरोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग सहित हर क्षेत्र में काफी विकास किया है। राज्य ने सकल घरेलू उत्पाद में 11.49 प्रतिशत की वृध्दि के साथ पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। भिलाई इस्पात संयंत्र अगर आज विकास के नए अध्याय लिख रहा है तो इसका श्रेय हमारे मेहनतकश मजदूरों सहित छत्तीसगढ़ की औद्योगिक शांति को भी दिया जाना चाहिए। श्री अरोरा ने भी इस अवसर पर सम्मानित उद्यमियों को बधाई दी। इस मौके पर श्री मनोज त्रिवेदी ने स्वागत भाषण दिया। संपादक श्री रवि भोई ने आभार व्यक्त किया।

