शिक्षाकर्मी भर्ती में प्राच्य संस्कृत उपाधि वालों को भी प्राथमिकता देने का अनुरोध
मुख्यमंत्री से प्रतिनिधि मंडल ने की मुलाकात
रायपुर, 20 जुलाई 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से कल रात यहां उनके निवास पर एक प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। संत काशीनाथ चतुर्वेदी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया में प्राच्य संस्कृत (क्लासिक्स आचार्य) उपाधि धारकों को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री से जल्द चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शिक्षाकर्मी वर्ग- 1, 2 एवं 3 के लिए संस्कृत विषयों में उपाधि प्राप्त उम्मीद्वारों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि स्कूलों में संस्कृत विषय की पढ़ाई आसानी से हो सके। प्राच्य संस्कृत में प्राथमिक स्तर से स्नातकोत्तर पर्यन्त संस्कृत माध्यम से ही अध्ययन-अध्यापन के साथ परीक्षाएं होती है। संस्कृत विषय का इन्हें पूर्ण ज्ञान रहता है। इसके पहले शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रियाओं में आचार्य एवं एम.ए. क्लासिक्स आदि उपाधि धारियों को योग्य स्थानों में नियुक्तियां दी जा चुकी है। प्रतिनिधि मंडल में विनोद दुबे एवं जैनेन्द्र कुमार सहित अनेक लोग शामिल थे।
क्रमांक-1828/लोन्हारे

