सिंचित क्षेत्र विकास कार्यक्रम : योजना आयोग ने माना मुख्यमंत्री का प्रस्ताव
राज्य को 84.40 करोड़ रूपए स्वीकृत
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रस्ताव पर योजना आयोग ने छत्तीसगढ़ को कमांड क्षेत्र विकास सिंचित क्षेत्र विकास और जल प्रबंधन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2010-11 के लिए निर्धारित राशि तीस करोड़ रूपए से बढ़ाकर 84 करोड़ 40 लाख रूपए कर दी है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोन्टेक सिंह अहुलवालिया ने मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में यह जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने पिछले महीने श्री अहुलवालिया को पत्र भेजकर इस कार्यक्रम के तहत केन्द्र द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए मात्र तीस करोड़ रूपए की धनराशि का प्रावधान रखे जाने की जानकारी दी थी और कहा था कि वित्तीय वर्ष 2010-11 की आवश्यकताओं के अनुरूप यह राशि पर्याप्त नहीं है। इसे बढ़ाए जाने की जरूरत है, ताकि इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। मुख्यमंत्री के आग्रह को योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने स्वीकार करते हुए उन्हें राशि बढ़ाए जाने की जानकारी दी है। यह राशि त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम में से दी गयी है। कंमाड क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत जल संसाधन विभाग द्वारा फील्ड चैनल निर्माण, सहभागिता सिंचाई प्रबंधन कार्यक्रम के तहत किसानों की समितियों को अनुदान और किसानों के भ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत खर्च करने का प्रावधान है। महानदी आयाकट विकास प्राधिकरण रायपुर के अन्तर्गत वर्तमान में क्रमश: महानदी, पैरी, कोडार, जोंक और तादुला में आयाकट विकास के कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही हसदेव आयाकट विकास प्राधिकरण बिलासपुर के अन्तर्गत द्वितीय चरण में हसदेव आयाकट विकास के कार्य चल रहे हैं। इन परियोजनाओं के लिए केन्द्र से 50 प्रतिशत सहायता राशि मिलती है। आयाकट विकास कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण से लेकर वर्ष 2009-10 तक प्रदेश सरकार द्वारा 184 करोड़ 32 लाख का बजट स्वीकृत किया गया। इसमें से 162 करोड़ 61 लाख रूपए खर्च किए गए, जबकि केन्द्र सरकार द्वारा 86 करोड़ 92 लाख रूपए की सहायता राशि जारी की जानी चाहिए थी, लेकिन वर्ष 2006-07 तक केन्द्र से केवल 21 करोड़ 06 लाख रूपए का ही आवंटन मिला और इसके बाद केन्द्र के स्तर पर कोई राशि जारी नहीं की गयी। इसे ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने योजना आयोग के उपाध्यक्ष को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री के पत्र का तत्काल संज्ञान लेते हुए 84 करोड़ 40 लाख रूपए की धनराशि योजना आयोग के उपाध्यक्ष द्वारा मंजूर कर दी गयी।

