छत्तीसगढ़ का प्रतिबिम्ब होगा नया रायपुर : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ने पक्ष-विपक्ष के सदस्यों को नया रायपुर क्षेत्र के निर्माण कार्यों का अवलोकन कराया
रायपुर, 28 जुलाई 2010

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि नये रायपुर शहर का विकास इस परिकल्पना के साथ किया जा रहा है कि यह सुव्यवस्थित शहर छत्तीसगढ़ जैसे प्रगतिशील राज्य का प्रतिबिम्ब होगा। इसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुन्दरता की भी झलक मिलेगी। नये रायपुर के निर्माण के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों और भारत के चंडीगढ़, नई दिल्ली और गांधीनगर जैसे नियोजित शहरों का अध्ययन कर उनकी खूबियों को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को नया रायपुर परियोजना क्षेत्र में तेजी से चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का अवलोकन कराते हुए यह बात कही। विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक और नेता प्रतिपक्ष श्री रविन्द्र चौबे सहित प्रदेश सरकार के मंत्रिगण और नया रायपुर विकास प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री ने विधायकों के साथ वहां वृक्षारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को ग्राम परसदा में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी अवलोकन कराया। मुख्यमंत्री के साथ सभी विधायकों ने नया रायपुर में निर्माणाधीन केपिटल कॉम्पलेक्स के अंतर्गत मंत्रालय भवन और विभागाध्यक्ष भवन के निर्माण कार्यों को भी देखा। उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा नया रायपुर परियोजना क्षेत्र में बनवाए जा रहे आवासीय भवनों का अवलोकन करने के बाद ग्राम उपरवारा में छत्तीसगढ़ की परम्परागत कला-संस्कृति पर आधारित 'पुरखौती मुक्तांगन' का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने विधायकों को बताया कि प्रदेश के वर्तमान राजधानी शहर रायपुर में बढ़ती जनसंख्या और यातायात के बढ़ते दबाव के फलस्वरूप इस शहर का विस्तार बहुत जरूरी हो गया है। इसलिए राज्य के नये प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में नया रायपुर का निर्माण किया जा रहा है, जो पुराने रायपुर शहर के विस्तार के रूप में होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर विकास योजना वर्ष 2031 तीन लेयर में बनायी गयी है। लेयर-एक के अंतर्गत यहां 8013 हेक्टेयर भूमि पर नया रायपुर तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 3057 हेक्टेयर भूमि पर एक लाख 50 हजार की जनसंख्या के लिए अधोसंरचना विकसित की जा रही है। दूसरे चरण में 3734 हेक्टेयर भूमि पर तीन लाख 65 हजार की आबादी और तीसरे चरण में शेष 1222 हेक्टेयर भूमि पर भी अधोसंरचना का विकास किया जाएगा, जो पांच लाख 60 हजार लोगों की बसाहट के लिए पर्याप्त होगी। मुख्यमंत्री ने विधायकों को यह भी बताया कि नया रायपुर एक पर्यावरण हितैषी शहर होगा, जहां नागरिकों को आधुनिक जीवन की सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। इस नये शहर में रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा सौर ऊर्जा प्रणाली को भी अपनाया जाएगा। नया रायपुर में 26 प्रतिशत से ज्यादा हरित क्षेत्र होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'नया रायपुर' देश का पहला ऐसा शहर होगा, जिसे किसी भी गांव की आबादी को विस्थापित किए बिना सुव्यवस्थित रूप से बसाया जा रहा है। केवल एक गांव राखी को नये स्थान पर विकसित किया गया है और उसे मिलाकर नया रायपुर परियोजना क्षेत्र के सभी तेरह गांवों में शहरों की तरह हर प्रकार की बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम राखी के व्यवस्थापन के लिए नया रायपुर परियोजना के अंतर्गत 'नया राखी' का निर्माण छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के माध्यम से कराया जा रहा है। इसमें 255 मकान बनेंगे। अब तक 150 मकानों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। शेष मकानों का निर्माण भी युध्दस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। परियोजना क्षेत्र के इन सभी गांवों में बेरोजगार युवाओं को छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास संस्थान और सी.आई.डी.सी. नई दिल्ली के सहयोग से विभिन्न विधाओं में स्व-रोजगार प्रशिक्षण्ा भी दिया जा रहा है। अब तक पांच सौ से अधिक युवाओं को चार प्रमुख व्यवसायों में प्रशिक्षित किया जा चुका है। इनमें से 270 युवाओं को राजमिस्त्री, 100 युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, 80 युवाओं को सटरिंग और बाडवायरिंग तथा 67 महिलाओं को मोमबत्ती, दोना-पत्तल निर्माण तथा फिनाईल और वाशिंग पावडर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। नया रायपुर के कोर एरिया के अंतर्गत लेयर-1 में स्थित गांवों के समग्र विकास के लिए राज्य शासन द्वारा ग्राम विकास योजना तैयार की गयी है। इसमें शहर स्तर की अधोसंरचनाओं के विकास के साथ रोजगार मूलक कार्यक्रम भी शामिल किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि नया रायपुर में बन रहे सभी प्रशासनिक भवनों का उपयोग नवम्बर 2011 से शुरू कर दिया जाए। इसके लिए सभी कार्य युध्दस्तर पर हो रहे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि नया रायपुर को रेल लाईन से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर रेल मंत्रालय ने रायपुर-धमतरी नेरोगेज लाईन को ब्रॉडगेज में बदलने की सहमति प्रदान कर दी है। इस रेल लाईन से नया रायपुर क्षेत्र भी जुड़ेगा। मुख्यमंत्री की पहल पर रेल मंत्रालय ने मंदिरहसौद से नया रायपुर के बीच रेल लाईन बिछाने के लिए 66 करोड़ रूपए दिए हैं। इसका सर्वेक्षण भी शुरू हो गया है। निर्माण कार्य चालू वित्तीय वर्ष में शुरू हो जाएगा। नया रायपुर में रेल्वे स्टेशन भी बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया रायपुर देश का एक ऐसा पर्यावरण हितैषी शहर होगा, जहां छत्तीसगढ़ राज्य की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुन्दरता के साथ आधुनिकता की भी झलक मिलेगी। नया रायपुर में सौर ऊर्जा जैसे बिजली के गैर-परम्परागत संसाधन का भी उपयोग किया जाएगा। दूषित पानी का उपचार कर उसके दोबारा इस्तेमाल की व्यवस्था की जाएगी। नया रायपुर की सभी सड़कें शुरू से ही फोर-लेन की होंगी। पूरे शहर में बिजली की भूमिगत लाईनें होंगी। पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला ऐसा नियोजित शहर होगा, जहां प्रारंभ से ही सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सुविधा होगी। इसके लिए राज्य सरकार विश्व बैंक की सहायता से बस आधारित शहरी परिवहन प्रणाली की कार्य-योजना पर भी काम कर रही है। यह देश का सर्वश्रेष्ठ नियोजित शहर होगा। इसके निर्माण की कार्य-योजना तैयार करते समय राज्य सरकार ने दुनिया के अनेक सर्वश्रेष्ठ नगरों और देश के चंडीगढ़, नई दिल्ली और गांधी नगर जैसे प्रमुख शहरों का अध्ययन कर उनकी खूबियों को शामिल किया है और खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रथम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक बन रहे नया रायपुर में विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं होंगी। नया रायपुर में पानी की व्यवस्था के लिए महानदी में एक बड़ी एनीकट बनवाया जाएगा। इस एनीकट से पूरे शहर में भूमिगत टैंकों में पानी पहुंचाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नया रायपुर की वर्ष 2041 की जरूरतों के अनुरूप वहां पेयजल आपूर्ति के लिए 156 करोड़ 23 लाख रूपए की कार्य-योजना तैयार की गयी है। सीवरेज के लिए भूमिगत नालियां बनवाई जा रही है, जिनके प्रदूषित पानी का उपचार कर उसे दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकेगा। नया रायपुर परियोजना क्षेत्र में भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) जैसे देश के प्रसिध्द शिक्षण संस्थानों के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गयी है और देश के अनेक प्रसिध्द अस्पतालों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के साथ आज विधायकों ने नया रायपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन केपिटल कॉम्पलेक्स का भी अवलोकन किया। इसका निर्माण 63 हजार वर्गमीटर के क्षेत्रफल में तेजी से किया जा रहा है, वहीं 37 विभागाध्यक्षों के लिए एक ही स्थान पर 66 हजार वर्गमीटर में विभागाध्यक्ष भवन भी युध्दस्तर पर बनवाया जा रहा है। इन दोनों विशाल भवन परिसरों के साथ-साथ वहां अनेक निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। केपिटल कॉम्पलेक्स के अंतर्गत मंत्रालय भवन, 37 विभागाध्यक्षों के कार्यालय और अन्य प्रशासनिक तथा सहायक भवनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत स्थल विकास, लैण्ड स्केप, जलाशय संरक्षण, वृक्षारोपण, पहुंच मार्ग और वाहन पार्किंग व्यवस्था भी शामिल है।
केपिटल कॉम्पलेक्स के अंतर्गत मंत्रालय (सचिवालय) भवन निर्माण का कार्य 21 जनवरी 2008 से शुरू किया गया है। इसकी संभावित लागत 179 करोड़ 12 लाख रूपए है। इस भवन में पांच ब्लॉक बन रहे हैं, जो एक लाबी के द्वारा सम्बध्द हैं। भवन में बारह लिफ्ट लगाए जा रहे हैं। अत्याधुनिक अग्निशामक यंत्रों के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा का भी प्रावधान किया जा रहा है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के लिए भवन में कम्प्यूटर पाइंट दिए गए हैं। इस भवन के स्ट्रक्चर का कार्य वर्ष 2010 तक पूर्ण होने की संभावना है। इसके बाद उसमें आंतरिक साज-सज्जा का काम होगा। विभागाध्यक्षों के लिए एक ही स्थान पर बनवाए जा रहे विभागाध्यक्ष भवन के निर्माण में 220 करोड़ रूपए की लागत अनुमानित है। यह भवन चार मुख्य खण्डों और एक सहायक खण्ड में विभाजित रहेगा। इसकी प्रत्येक मंजिल लाबी से जुड़ी रहेगी। भवन में तेरह लिफ्ट और चौदह सीढ़ियों का प्रावधान किया गया है। इसका निर्माण वर्ष 2011 तक पूर्ण हो जाने की संभावना है। केपिटल कॉम्पलेक्स परिसर में सहायक भवनों, सड़कों और अन्य अधोसंरचनाओं के विकास के लिए 108 करोड़ रूपए के निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। नया रायपुर की विकास योजना के तहत लगभग 220 किलोमीटर की सड़कें बनेंगी। प्रथम चरण में 302 करोड़ 59 लाख रूपए की लागत से फोर-लेन की कुल 67 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें मुम्बई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग-6 पर इंटरचेंज तथा इस राष्ट्रीय राजमार्ग सहित रायपुर-विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 पर ग्रेड-सेपरेटर, अण्डरपास और पुल तथा पुलियों का निर्माण भी शामिल है। ये सभी कार्य वर्ष 2010 में पूर्ण होने की संभावना है। नया रायपुर केपिटल कॉम्पलेक्स के नजदीक शासकीय, अर्ध्दशासकीय निकार्यों के अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए आवास गृहों का भी निर्माण हो रहा है। इसकी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को सौंपी गयी है। यह आवासीय योजना स्व-वित्त पोषित है। इसके अंतर्गत 60 हेक्टेयर भूमि पर 801 स्वतंत्र भवन और एक हजार 832 प्रकोष्ठ भवन बनवाए जा रहे हैं। इनमें से 50 प्रतिशत मकान जिनमें एकल भवन और फ्लैट्स दोनों शामिल हैं, शासकीय तथा अर्ध्दशासकीय संस्थाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आरक्षित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट की विगत बैठक में नया रायपुर में छत्तीसगढ़ निर्माण अकादमी के गठन का निर्णय लिया जा चुका है। इस अकादमी में भवन निर्माण उद्योग से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए स्थानीय लोगों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल मानव संसाधन के रूप में तैयार किया जाएगा। अकादमी में राजमिस्त्री, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, हेवी मशनी आपरेटर आदि विभिन्न व्यवसायों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी। वहां सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से एक सौ एकड़ में नॉलेज पार्क और इतने ही रकबे में एम्यूजमेंट पार्क भी बनवाया जाएगा। नया रायपुर में मांग के आधार पर तीन सेक्टरों में आवास निर्माण की परियोजनाएं क्रियान्वित होंगी। पहले सेक्टर में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आवासीय परियोजना का निर्माण शुरू हो गया है। एक अन्य सेक्टर निजी डेव्हलपर्स को भूमि आवंटित करने के लिए प्रस्तावित है, जबकि एक अन्य सेक्टर में बैंकों और शासकीय उपक्रमों को आवास निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव है।

