मुख्यमंत्री से केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री की मुलाकात
नक्सल हिंसा से निपटने मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण और
राज्य सरकार की रणनीति सराहनीय : श्री कामथ
राज्य और केन्द्रीय बलों में अच्छा समन्वय
रायपुर, 12 अप्रैल 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज शाम यहां उनके निवास पर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री गुरूदास कामथ ने दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के प्रवास से लौटकर मुलाकात की और उन्हें नक्सल हिंसा की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए केन्द्र की ओर से हर संभव सहयोग जारी रखने का भरोसा दिलाया। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सुस्पष्ट दृष्टिकोण और राज्य सरकार की रणनीति की भी प्रशंसा की। श्री कामथ ने कहा कि नक्सल हिंसा पीड़ित इलाकों में राज्य और केन्द्र दोनों के सुरक्षा बलों में काफी अच्छा समन्वय है और दोनों मिलकर वहां जन-जीवन की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहतर काम कर रहे हैं। उनका मनोबल बहुत ऊंचा है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नक्सल हिंसा एक राष्ट्रीय समस्या है और सभी प्रभावित राज्यों के साथ केन्द्र के सहयोग और समन्वय से ही इस समस्या को हल किया जा सकता है। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ को इसके लिए केन्द्र की ओर से हर संभव सहयोग मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क, पुल-पुलिया सहित विभिन्न क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए चल रहे कार्यों पर भी विचार विमर्श किया। डॉ. रमन सिंह ने उन्हें बताया कि दक्षिण बस्तर में सड़क निर्माण का कार्य पुलिस के माध्यम से कराया जा रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का यह विचार है कि प्रभावित इलाकों में पुलिस की मदद से सड़क और पुल-पुलिया निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए सेना की तरह इंजीनियरों की भी एक बटालियन अलग से बनायी जानी चाहिए। उन्होंने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री से इंडिया रिजर्व बटालियन के बारे में भी विचार विमर्श किया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इंडिया रिजर्व बटालियन बाढ़, अतिवृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी काफी उपयोगी होगा। आगजनी प्रभावित ताड़मेटला और मोरपल्ली की पिछले दिनों की घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री को बताया कि मैं और प्रदेश के हमारे महामहिम राज्यपाल तथा गृह मंत्री स्वयं ताड़मेटला गए थे, जहां ग्रामीणों ने हमें स्पष्ट बताया कि किसी की भी मौत भूख से नहीं हुई है। प्रदेश सरकार इन प्रभावित गांवों के लोगों को हर संभव सहायता लगातार दे रही है।
मुख्यमंत्री ने श्री कामथ को छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों और संचालित योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने श्री कामथ को बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में राज्य सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। छत्तीसगढ़ अगले चार वर्ष में 25 हजार से 30 हजार मेगावाट तक बिजली उत्पादन की क्षमता हासिल कर लेगा। इसमें से कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा राज्य का होगा। प्रदेश सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी के दो नए विद्युत संयंत्र कोरबा में अगले वर्ष 2012 तक शुरू हो जाएंगे, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता डेढ़ हजार मेगावाट होगी। उन्होंने श्री कामत को बताया कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां चौबीसों घंटे लगातार बिजली की आपूर्ति होती है। यह जीरो पावर कट वाला राज्य है। हमारे यहां किसानों को पांच हार्सपावर तक सिंचाई पम्पों के लिए सालाना छह हजार यूनिट बिजली नि:शुल्क दी जा रही है। मुख्यमंत्री और केन्द्रीय राज्य मंत्री की इस मुलाकात के दौरान प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव गृह श्री एन.के. असवाल, पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन, अपर पुलिस महानिदेशक श्री रामनिवास, पुलिस महानिरीक्षक श्री मुकेश गुप्ता और मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

