मुख्यमंत्री ने किया 'छत्तीसगढ़ की राम कथा' का लोकार्पण
रायपुर, 12 अप्रैल 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रामनवमी के अवसर पर आज शाम यहां अपने निवास पर 'छत्तीसगढ़ की राम कथा' पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के पवित्र अवसर पर इस पुस्तक के प्रकाशन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और इसके लेखन, संपादन और प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई और श्रीरामनवमी की शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि यह पुस्तक राम वनगमन शोध संस्थान रायपुर द्वारा प्रकाशित की गयी है। इसमें रामायणकालीन छत्तीसगढ़ में मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर अनेक विद्वान लेखकों के आलेख प्रकाशित किए गए है। जगदलपुर निवासी डॉ. के.के. झा का खंड काव्य 'बस्तर में राम' और रायपुर निवासी डॉ. रामकुमार बेहार का खण्डकाव्य 'आनंद के धाम-राम' भी इसमें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने संस्था की ओर से डॉ. झा और डॉ. बेहार को सात-सात हजार रूपए की अस्मिता पुरस्कार राशि भेंट कर सम्मानित किया। लोकार्पण के संक्षिप्त और सादगीपूर्ण कार्यक्रम में पुस्तक के प्रधान संपादक भाषा वैज्ञानिक डॉ. मन्नूलाल यदु ने इसकी विषय वस्तु की जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के अध्यक्ष श्री राधाकृष्ण गुप्ता श्रीराम वनगमन शोध संस्थान से जुड़े डॉ. हेमू यदु तथा सर्वश्री नर्मदा प्रसाद मिश्र 'नरम', विनय यादव, हीरालाल सेन, अशोक गांधी, सुरेश गुप्ता, प्रीतपाल बेलचंदन, कृपाराम यादव, अनील अग्रवाल, विनय यादव, पांचजन्य यदु, देवेन्द्र गुप्ता, दिनेश अग्रवाल, डोमार चन्द्राकर, दिनेश अग्रवाल, श्रीमती निर्मला बेहार और श्रीमती लता ऋषि चन्द्राकर सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे। पुस्तक के संपादक मंडल में सर्वश्री श्याम बैस, राधाकृष्ण गुप्ता, अमरनाथ त्यागी और योगेश यादव सहित डॉ. हेमू यदु भी शामिल हैं। पुस्तक के प्रधान संपादक डॉ. मन्नूलाल यदु ने मुख्यमंत्री को संस्थान की ओर से आयोजित रामायण मेले का प्रतीक चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

