मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह चेत्रतेरस के अवसर पर भोरमदेव महोत्सव में शामिल हुए
रायपुर, 01 अप्रैल 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज कृष्ण पक्ष के चैत्र तेरस के विशेष मौके पर कबीरधाम जिले के सुप्रसिध्द पर्यटन स्थल भोरमदेव मंदिर के परिसर में आयोजित भोरमदेव महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजित द्वितीय संगीत संध्या का शुभारंभ करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भोरमदेव महोत्सव ने इस क्षेत्र की कला, संस्कृति को पूरे देश मे नयी पहचान दी है। उन्हाेंने कहा कि भोरमदेव महोत्सव के आयोजन से जहां स्थानीय कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मंच मिलता है वहीं स्थानीय लोगों को देश के प्रसिध्द कलाकारों की प्रतिभा को देखने-समझने का मौका मिलता है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भोरमदेव महोत्सव श्रध्दा, भक्ति, पर्यटन का अनूठा संगम है। तीन दिवसीय भोरमदेव महोत्सव के दौरान चैत्र तेरस के अवसर पर आदिवासी व ग्रामीण मन्नते लेकर ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचते हैं। उन्होने भोरमदेव महोत्सव को ऊंचाईयां देने वाले स्वर्गीय नरेंद्र सिंह परिहार को भी याद किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भोरमदेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री इस मौके पर वनांचल एवं दूरदराज के गांवों से भोरमदेव मंदिर दर्शन के लिये पहुंचे दर्शनार्थियों से आत्मीयतापूर्वक मिले। उन्होने दर्शक दीर्घा मे बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोक स्वास्थ्य व राजस्व मंत्री अमर अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ की सांस्कृतिक जड़ें बहुत गहरी है। हमारी विशिष्ट संस्कृति ही हमारी पहचान है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ क़ी संस्कृति को संरक्षित व संवर्धित करने के लिये कई कदम उठाये हैं। छत्तीसगढ क़ी सरकार आर्थिक विकास के साथ मेला-महोत्सव के माध्यम से यहां के दर्शनीय स्थलों का पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित कर रही है। सांसद मधुसूदन यादव ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, संसदीय सचिव श्री कोमल जंघेल, छत्तीसगढ राय युवा आयोग के अध्यक्ष श्री संतोष पांडेय, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमति वीणा सिंह, भोरमदेव महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री आनंद सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा अनंत, डॉ. एन.एल. ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष अनिल सिंह, भोरमदेव शक्कर कारखाना के अध्यक्ष रघुराज सिंह और जिला पंचायत उपाध्यक्ष विदेशीराम धुर्वे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बडी संख्या में उपस्थित थे।

