पर्यावरण रक्षा के लिए पूर्वजों के नाम पर पौधे लगाने का आव्हान : डॉ. रमन सिंह ने किया ग्राम स्मृति वन योजना का शुभारंभ
विकास के लिए 32 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यो का लोकार्पण-भूमि पूजन
एक सौ बिस्तरों का सरकारी अस्पताल भी जनता को समर्पित
रायपुर, 05 अगस्त 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आम जनता से पूर्वजों के नाम पर पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा में भागीदार बनने का आव्हान किया है। डॉ. सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के दूर-दराज इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए हर संभव उपाय कर रही है। गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए विगत सात वर्षो में प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए विकास और विश्वास का एक बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है। किसानों की मेहनत से प्रदेश में कृषि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2010-11 में हुए सर्वाधिक चावल उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री के हाथों पिछले माह नई दिल्ली में प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार इसका पुख्ता उदाहरण है। मुख्यमंत्री आज महासमुन्द जिले के तहसील मुख्यालय सरायपाली में जनता को 32 करोड़ रूपए से भी अधिक राशि के विकास और निर्माण कार्यो की सौगात देते हुए एक विशाल आम सभा में इस आशय के विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री का वहां पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों सहित हजारों की संख्या में लोगों ने आत्मीयता से परिपूर्ण जोशीला स्वागत किया।
डॉ. रमन सिंह ने मानसून की बारिश के खुशनुमा माहौल में इन विकास और निर्माण कार्यो का लोकार्पण, भूमि पूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने सरायपाली से लगे ग्राम बालसी में हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत महासमुन्द जिला प्रशासन द्वारा ग्राम स्मृति वन योजना के तहत वृक्षारोपण कर इस योजना की शुरूआत की। जिले के सभी पांच विकासखण्डों में से प्रत्येक विकासखण्ड में दस ग्राम पंचायतों को चिन्हांकित किया गया है। योजना के तहत 50 ग्राम पंचायतों में हिसाब से कुल एक सौ हेक्टेयर सरकारी जमीन पर ग्राम स्मृति वन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें लोगों से अपने-अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने की अपील की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इस योजना की प्रशंसा करते हुए इसमें सभी लोगों से भागीदार बनने का आव्हान किया। उन्होंने सरस्वती सायकल योजना के तहत हाई स्कूल स्तर की बालिकाओं को नि:शुल्क सायकल प्रदान करते हुए समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत नि:शक्तजनों को तिपहिया सायकलों का भी वितरण किया। मुख्यमंत्री ने जनता को सम्बोधित करते हुए प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, स्वच्छ और समृध्द छत्तीसगढ़ का निर्माण हम सबका लक्ष्य है। इस दिशा में कई योजनाएं शुरू की गयी है। कुपोषण मुक्ति के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने महासमुन्द जिले में कुपोषण और कुष्ठ रोग की रोकथाम के लिए चल रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।
डॉ. रमन सिंह ने सरायपाली में दो करोड़ 13 लाख रूपए की लागत से निर्मित एक सौ बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल भवन का भी लोकार्पण किया। उन्होंने आम सभा में कहा कि यह इस अचंल की जनता की वर्षो पुरानी मांग थी, जो आज पूर्ण हो रही है। इसके निर्माण से सरायपाली और बसना क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा तथा लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण्ा मंत्री श्री अमर अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्री चन्दूलाल साहू, विधायक डॉ. हरिदास भारद्वाज तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया सहित जिले के अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने समारोह में सौ बिस्तरों वाले अस्पताल भवन सहित लगभग पौने तीन करोड़ रूपए की नव-निर्मित परिसम्पतियों का लोकार्पण किया। उन्होंने लगभग 28 करोड़ 68 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यो का शिलान्यास भी किया, जिनमें कोकड़ी-परसकोल मार्ग पर लात नाले पर दो करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से बनने वाला उच्च स्तरीय पुल और ग्राम रूढ़ा-मौलीखार मार्ग पर एक करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से बनने वाली पुलिया भी सम्मिलित है। डॉ. सिंह इस अवसर पर जिले के विभिन्न विकासखण्डों में स्वीकृत 20 स्कूल भवनों का भी शिलान्यास किया। डॉ. सिंह ने सरायपाली के कार्यक्रम में ग्राम लाखागढ़, विकासखण्ड पिथौरा के लिए नौ करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से निर्मित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय भवन, महासमुन्द के लिए 25 लाख रूपए की लागत से निर्मित पशु चिकित्सा प्रशिक्षण केन्द्र भवन और महासमुन्द में ही 22 लाख रूपए की लागत से निर्मित राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के जिला कार्यालय भवन का भी लोकार्पण किया। उन्होंने शाकंभरी योजना के तहत किसानों को शासकीय अनुदान पर सिंचाई सुविधा के लिए स्प्रिंकलर और पावर ट्रिलर प्रदान किया। उन्होंने किसानों को सरकारी अनुदान पर उन्नत कृषि उपकरण भी वितरित किए। डॉ. रमन सिंह समारोह में विकासखण्ड महासमुन्द के ग्राम पथर्री, खड़सा और सिंघुपाली, विकासखण्ड बागबाहरा के ग्राम छुरी डबरी, खुसरूपाली और बंसुला डबरी, विकासखण्ड पिथौरा के ग्राम कंचनपुर और खेड़ीगांव तथा विकासखण्ड सरायपाली के ग्राम लुकापारा और जंगलबेड़ा के लिए स्वीकृत उच्च प्राथमिक शाला भवनों का शिलान्यास किया। इनमें से प्रत्येक शाला भवन के लिए आठ लाख 82 हजार रूपए मंजूर किए गए हैं।
उन्होंने इस अवसर पर महासमुन्द विकासखण्ड के ग्राम अछरीडीह और ग्राम बिरकोनी के सतनामी पारा, विकासखण्ड बागबाहरा के पटपरपारा, सरायपाली, विकासखण्ड के बसना के ग्राम बोईरमालीडीपा और विकासखण्ड सरायपाली के ग्राम हरड़ासरार तथा साल्हेभाठा के लिए स्वीकृत नवीन प्राथमिक शाला भवनों का और ग्राम जमदरहा में 58 लाख 12 हजार रूपए की लागत से बनने वाले हाई स्कूल भवन का भी भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। डॉ. सिंह ने सरायपाली नगर पंचायत द्वारा लगभग 65 लाख रूपए की लागत से बनवाए जाने वाले व्यावसायिक परिसर और हाट-बाजार का भी भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संबंधित 52 लाख 75 हजार रूपए के चार विभिन्न कार्यो का भी शिलान्यास किया, विकासखण्ड बागबाहरा के अन्तर्गत ग्राम तेन्दूकोना, विकासखण्ड महासमुन्द के बरोण्डा बाजार, विकासखण्ड बसना के सिंघनपुर और विकासखण्ड सरायपाली के बानीगिरौला में स्वीकृत उच्च स्तरीय पानी टंकी निर्माण से संबंधित कार्य शामिल हैं।

